{"_id":"5bfc5a7bbdec22417c728774","slug":"111543264891-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंभ से पहले रोको दूषित पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंभ से पहले रोको दूषित पानी
Updated Tue, 27 Nov 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
डीएम ने कुंभ स्नान से पहले गंगा और उसकी सहायक नदियों में दूषित पानी डालने पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इसको लेकर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें नदियों को साफ करने पर मंथन किया जाएगा। जिले में उद्योगों के दूषित पानी को नदियों में जाने से रोका जा सकता है, लेकिन सीवर का पानी रामगंगा और गांगन नदियों में बिना शोधन के ही डाला जा रहा है।
शासन ने कुंभ स्नान से पहले गंगा में गिरने वाले गंदे नालों पर रोक लगाने के कड़े आदेश दिए थे। उसके साथ ही सभी अधिकारियों को गंगा और उसकी सहायक नदियोें में गिरने वाले दूषित पानी पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं। इसी क्रम में डीएम ने मंगलवार दोपहर अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, जल निगम, उद्योग विभाग, गन्ना विभाग और आबकारी विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया है। इनको निर्देशित किया जाएगा कि किसी हाल में गंगा और उसकी सहायक नदियों तक दूषित पानी नहीं पहुंचना चाहिए। हालांकि अभी तक रामगंगा और गांगन नदियों में सीवर का दूषित पानी बिना शुद्ध किए ही डाला जा रहा है। अभी तक शहर में सीवर योजना पूरी नहीं होने के कारण इसको रोकना संभव नहीं होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ आरके सिंह ने बताया कि सभी उद्योगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। अब हर सप्ताह डिस्चार्ज वाटर का सैंपल भी लिया जाएगा।
विज्ञापन
डीएम ने कुंभ स्नान से पहले गंगा और उसकी सहायक नदियों में दूषित पानी डालने पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इसको लेकर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें नदियों को साफ करने पर मंथन किया जाएगा। जिले में उद्योगों के दूषित पानी को नदियों में जाने से रोका जा सकता है, लेकिन सीवर का पानी रामगंगा और गांगन नदियों में बिना शोधन के ही डाला जा रहा है।
शासन ने कुंभ स्नान से पहले गंगा में गिरने वाले गंदे नालों पर रोक लगाने के कड़े आदेश दिए थे। उसके साथ ही सभी अधिकारियों को गंगा और उसकी सहायक नदियोें में गिरने वाले दूषित पानी पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं। इसी क्रम में डीएम ने मंगलवार दोपहर अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, जल निगम, उद्योग विभाग, गन्ना विभाग और आबकारी विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया है। इनको निर्देशित किया जाएगा कि किसी हाल में गंगा और उसकी सहायक नदियों तक दूषित पानी नहीं पहुंचना चाहिए। हालांकि अभी तक रामगंगा और गांगन नदियों में सीवर का दूषित पानी बिना शुद्ध किए ही डाला जा रहा है। अभी तक शहर में सीवर योजना पूरी नहीं होने के कारण इसको रोकना संभव नहीं होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आरओ आरके सिंह ने बताया कि सभी उद्योगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। अब हर सप्ताह डिस्चार्ज वाटर का सैंपल भी लिया जाएगा।
विज्ञापन