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पीएम आवास योजना के मामले में दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट
Updated Mon, 12 Nov 2018 02:01 AM IST
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मुरादाबाद। पीएम आवास योजना के फार्म फेंकने वालों के खिलाफ 24 घंटे बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई है। पीओ डूडा दीपक कुमार ने अज्ञात के खिलाफ शनिवार शाम पुलिस को तहरीर दे दी थी। आवास दिलाने के नाम पर दलाली करने वालों को तलाशने के प्रयास भी नहीं किए गए है। जबकि आवेदन फेंकने वाली जगह के मार्ग पर कई सीसीटीवी कैमरे लगे हए हैं।
पीएम आवास योजना में घर पाने के लिए गरीबों के आवेदन शनिवार दोपहर में पीतल बस्ती क्षेत्र में फेंके गए थे। शाम को मामला डीएम और पीओ डूडा के संज्ञान में आ गया था। उसके बाद ही कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई थी। पीओ डूडा दीपक कुमार ने शनिवार रात में रिपोर्ट दर्ज कराने को थाने में तहरीर दे दी थी। उसके बावजूद रविवार रात तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा गई। जिस क्षेत्र में आवेदन के बोरे फेंके गए हैं, उस रास्ते पर कई जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उसके बावजूद आरोपियों की तलाश नहंी की गई। इंस्पेक्टर कटघर अजीत सिंह का कहना है कि पीओ डूडा ने रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर नहीं दी है। उन्होंने आवेदन फार्म से केवल अपना संबंध न होने का पत्र सौंपा है।
पीड़ितों का कहना है कि आवेदन फार्म भरने से पहले डूडा आफिस में संपर्क किया गया था। वहां से पुष्टि होने के बाद ही आवेदन किया गया था। इसके बावजूद पुलिस और अफसर पीड़ितों का सहयोग नहीं करते हैं। मझोला थाने में तहरीर दिए हुए दो महीने हो गए हैं। उसके बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। आरोप है कि 33 पीड़ितों से 10 से 15 हजार रुपये की वसूली की गई। वसूली करने वाली महिला ने भी रुपये वसूलना स्वीकार कर लिया है।
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पीएम आवास योजना में घर पाने के लिए गरीबों के आवेदन शनिवार दोपहर में पीतल बस्ती क्षेत्र में फेंके गए थे। शाम को मामला डीएम और पीओ डूडा के संज्ञान में आ गया था। उसके बाद ही कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई थी। पीओ डूडा दीपक कुमार ने शनिवार रात में रिपोर्ट दर्ज कराने को थाने में तहरीर दे दी थी। उसके बावजूद रविवार रात तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा गई। जिस क्षेत्र में आवेदन के बोरे फेंके गए हैं, उस रास्ते पर कई जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उसके बावजूद आरोपियों की तलाश नहंी की गई। इंस्पेक्टर कटघर अजीत सिंह का कहना है कि पीओ डूडा ने रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर नहीं दी है। उन्होंने आवेदन फार्म से केवल अपना संबंध न होने का पत्र सौंपा है।
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पीड़ितों का कहना है कि आवेदन फार्म भरने से पहले डूडा आफिस में संपर्क किया गया था। वहां से पुष्टि होने के बाद ही आवेदन किया गया था। इसके बावजूद पुलिस और अफसर पीड़ितों का सहयोग नहीं करते हैं। मझोला थाने में तहरीर दिए हुए दो महीने हो गए हैं। उसके बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। आरोप है कि 33 पीड़ितों से 10 से 15 हजार रुपये की वसूली की गई। वसूली करने वाली महिला ने भी रुपये वसूलना स्वीकार कर लिया है।
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