मुरादाबाद: एमडीए ने 194 अवैध कॉलोनियों की जारी की सूची, खरीदारों से झांसे में आकर जमीन-भवन न खरीदने की अपील
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि मुरादाबाद विकास क्षेत्र में महायोजना-2021 प्रभावी है। इसके आधार पर करीब दो वर्ष पूर्व इन कॉलोनियों की सूची बनवानी शुरू की गई थी।
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प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि मुरादाबाद विकास क्षेत्र में महायोजना-2021 प्रभावी है। इसके आधार पर करीब दो वर्ष पूर्व इन कॉलोनियों की सूची बनवानी शुरू की गई थी। इन इलाकों पर उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 के अंतर्गत वाद भी योजित है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद ऐसे प्रॉपर्टी डीलरों और बिचौलियों को बेनकाब करना है जो लोगों को बहकाकर जमीनों और मकानों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
प्राधिकरण इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं करने जा रहा है। इसलिए उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। लेकिन भविष्य में इन इलाकों में खरीद-फरोख्त से पहले एमडीए से पुष्टि कराना क्रेता के लिए लाभदायक होगा। एमडीए का दावा है कि यह कॉलोनियां प्राधिकरण के नियमों और मानकों के विपरीत विकसित की जा रही हैं। गजरौला में जिन क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया गया है वह किसी व्यक्ति के नाम से है। प्राधिकरण का कहना है कि यह लोग इन कॉलोनियों को विकसित कर रहे हैं या वहां खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
सचिव बोले, नियमानुसार होगा नक्शा पास
अवैध कॉलोनियों में जिन लोगों का पहले से प्लॉट है उनको निर्माण में किस तरह की बाधा आएगी इस सवाल पर एमडीए सचिव ने साफ किया कि उनके नक्शे नियमानुसार पास होंगे। एमडीए का नियम है कि आवासीय भवन निर्माण के समय सड़क की चौड़ाई मानक के अनुसार हो। वहां ग्रीन बेल्ट के लिए जगह छूटी हो। भूमि स्वामी निर्माण के समय भवन में आगे-पीछे कुछ इलाका खाली छोड़े जो हवादार हो। अन्य कई और मानक हैं। इन सभी बिंदुओं का पालन करने हुए यदि कोई इन कॉलोनियों में भी निर्माण करना चाहता है तो नियमानुसार उसका नक्शा पास कर निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि कोई काश्तकार अगर खुद से एमडीए के नियमानुसार कॉलोनी का नक्शा पास कराकर उसे बेचता है तो उसे भी अनुमति दी जाएगी। सूची में शामिल कॉलोनियों में से शासनादेश के मुताबिक जो भी कॉलोनी नियमों को पूरा करेंगी उन्हें प्राधिकरण नियमित भी करेगा। किसी को परेशान करना प्राधिकरण का उद्देश्य नहीं है। बल्कि बिचौलियों से लोगों को बचाना उसका मकसद है।
एमडीए की विज्ञप्ति में कहा गया है ये
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की सीमा के अंतर्गत महायोजना-2021 प्रभावी है। एमडीए की सीमा बनी कुछ कॉलोनियां अवैध हैं। इन कॉलोनियों में निर्मित भवन-भूखंड पूर्णतया अवैध है। एमडीए मुरादाबाद और गजरौला की ऐसी 194 कॉलोनियों को चिह्नित किया है। प्राधिकरण में इन कॉलोनियों के विरुद्ध उप्र नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के सुसंगत धाराओं के अंतर्गत वाद योजित है, जिन्हें गुण दोष के आधार पर कभी भी ध्वस्त किया जा सकता है। एमडीए ने इन 194 कॉलोनियों की सूची जारी की है। साथ ही लोगों से अपील की है, इन अवैध कॉलोनियों में भवन या भूखंड की खरीद फरोख्त न करें।
भाषा में न फंस जाएं लोग
प्राधिकरण ने अपनी ओर से जारी विज्ञप्ति में जो भाषा प्रयोग की है और अधिकारियों के वादे और दावों कई संशय पैदा कर रहे हैं। कानून के जानकारों का मानना है कि प्राधिकरण को इस भाषा को और स्पष्ट करना चाहिए। प्राधिकरण के सचिव का इस संबंध में कहना है कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। सूची में शामिल कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। ये कदम केवल भविष्य में आगाह करने के लिए उठाए गए हैं ताकि लोग अब अवैध खरीद-फरोख्त न करें।
गजरौला क्षेत्र में विकसित हो रहीं इन कॉलोनियों को एमडीए ने माना अवैध
- विजयकुमार टंडन, जवाहर नगर गजरौला
- सुरेंद्र औलख जवाहर नगर गजरौला
- अरविंद चौधरी, हाईवे रोड, गजरौला
- हरीश कालरा, हाईवे रोड, गजरौला
- विरेंद्र नागर धनौरा रोड, गजरौला
- अरविंद चौधरी, चिंद्रका सिनेमा हॉल, गजरौला
- वेदपाल सिंह, हाईवे रोड, भानपुर, गजरौला
- फ्रैंड्स कॉलोनी, मीर साहब, गजरौला
- अतर सिंह, गंग नगर
- कृपाल सिंह, डिग्री कॉलेज के पीछे
- अशोक बंसल आदि पक्का पुल, गजरौला