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नहीं मिलती एक्स्ट्रा डोज तो टीकाकरण से चूक जाते 1088 लोग
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मुरादाबाद। जिले में कोरोना वैक्सीन की कमी के बीच कोवाक्सीन और कोविशील्ड के वॉयलों में एक्स्ट्रा डोज निकल रही है। मई और जून में केंद्रों पर भेजी गई वॉयलों में 1088 एक्स्ट्रा डोज मिलीं। अगर ये एक्स्ट्रा डोज नहीं मिलती तो 1088 लोग टीकाकरण से चूक जाते।
जिले में टीकाकरण का तीसरा चरण चल रहा है। 18 पार वाले हर शख्स को कोरोना से बचाव का टीका लगाया जा रहा है। जिले में कोवाक्सीन और कोविशील्ड दोनों वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों वैक्सीन के एक वॉयल में दस डोज होती हैं, यानी एक वॉयल से दस लोगों का टीकाकरण होता है। लेकिन कुछ वॉयलों में दस से अधिक डोज भी निकल रही हैं। अतिरिक्त डोजों की संख्या एक से चार तक होती है। जिले में मई माह में टीकाकरण केंद्रों पर वॉयलों में 345 एक्स्ट्रा डोज निकलीं। वहीं जून में वॉयलों में 743 डोज एक्स्ट्रा मिलीं। इन दो महीनों में 1088 लोगों के हिस्से में एक्स्ट्रा डोज आईं। जिले के 1088 लोग टीकाकरण के हकदार बने। इससे टीकाकरण में इतनी संख्या की वृद्धि भी हुई। वैक्सीन की कमी के बीच अगर ये एक्स्ट्रा डोज नहीं मिलतीं तो 1088 लोग टीका लगवाने से चूक भी सकते थे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा ने बताया कि वॉयलों में डोज निर्धारित होती हैं, लेकिन किसी किसी वॉयलों में दस से अधिक डोज भी निकल जाती हैं। इन डोजों का भी टीकाकरण में इस्तेमाल होता है।
पहले कोवाक्सीन में होती थीं बीस डोज
मुरादाबाद। जिले में टीकाकरण की शुरुआत कोविशील्ड वैक्सीन से हुई थी। बाद में कोवाक्सीन का भी इस्तेमाल शुरू हो गया। कोवाक्सीन वैक्सीन की शुरुआती चरण में एक वॉयल में बीस डोज होती थीं, बाद में एक वॉयल में डोज की संख्या दस कर दी गई।
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जिले में टीकाकरण का तीसरा चरण चल रहा है। 18 पार वाले हर शख्स को कोरोना से बचाव का टीका लगाया जा रहा है। जिले में कोवाक्सीन और कोविशील्ड दोनों वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों वैक्सीन के एक वॉयल में दस डोज होती हैं, यानी एक वॉयल से दस लोगों का टीकाकरण होता है। लेकिन कुछ वॉयलों में दस से अधिक डोज भी निकल रही हैं। अतिरिक्त डोजों की संख्या एक से चार तक होती है। जिले में मई माह में टीकाकरण केंद्रों पर वॉयलों में 345 एक्स्ट्रा डोज निकलीं। वहीं जून में वॉयलों में 743 डोज एक्स्ट्रा मिलीं। इन दो महीनों में 1088 लोगों के हिस्से में एक्स्ट्रा डोज आईं। जिले के 1088 लोग टीकाकरण के हकदार बने। इससे टीकाकरण में इतनी संख्या की वृद्धि भी हुई। वैक्सीन की कमी के बीच अगर ये एक्स्ट्रा डोज नहीं मिलतीं तो 1088 लोग टीका लगवाने से चूक भी सकते थे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. दीपक वर्मा ने बताया कि वॉयलों में डोज निर्धारित होती हैं, लेकिन किसी किसी वॉयलों में दस से अधिक डोज भी निकल जाती हैं। इन डोजों का भी टीकाकरण में इस्तेमाल होता है।
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पहले कोवाक्सीन में होती थीं बीस डोज
मुरादाबाद। जिले में टीकाकरण की शुरुआत कोविशील्ड वैक्सीन से हुई थी। बाद में कोवाक्सीन का भी इस्तेमाल शुरू हो गया। कोवाक्सीन वैक्सीन की शुरुआती चरण में एक वॉयल में बीस डोज होती थीं, बाद में एक वॉयल में डोज की संख्या दस कर दी गई।
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