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एमडीए बोर्ड बैठक में गूंजेंगे बड़े मुद्दे
Updated Tue, 25 Sep 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद।
एमडीए की बोर्ड बैठक में इस बार कई बड़े मुद्दे गूंजेंगे। नया मुरादाबाद में करोड़ों रुपये फूंककर प्राधिकरण का नया दफ्तर और अफसर व कर्मचारियों के लिए आवास बनाने का मामला भी बोर्ड के एजेंडे में शामिल होगा। एक दशक से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी एमडीए ने न तो आफिस शिफ्ट किया है न ही कर्मचारी कालोनी। आवास और दफ्तर खंडहर होते जा रहे हैं। प्राधिकरण पिछली बोर्ड बैठक में आफिस को बेचने का फैसला कर चुका है। कमिश्नर ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण से पूछा है कि जब शिफ्ट नहीं करना था तो आवास और आफिस में पब्लिक के करोड़ों रुपये क्यों फूंके गए।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष / मंडलायुक्त अनिल राजकुमार ने बताया प्राधिकरण उपाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वह 29 सितंबर को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक बुलाएं। कमिश्नर ने बताया कि बोर्ड बैठक में एमडीए के नए आफिस का मुद्दा प्रमुख रहेगा। किसी भी विभाग को इस तरह पब्लिक की टैक्स की रकम को बर्बाद करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। एमडीए ने यदि आवास और आफिस बनाया था तो उसे शिफ्ट करना चाहिए था। कमिश्नर ने बताया कि ऐसी कई शिकायतें भी आ रही हैं जिनमें प्राधिकरण ने बगैर अधिग्रहण किए और मुआवजा चुकाए लोगों की भूमि पर कब्जे कर लिए हैं। इन मामलों को भी बोर्ड बैठक में रखकर निपटाया जाएगा। ऐसे लोगों को पुरानी दर से ही मय ब्याज के मुआवजा दिलाया जाएगा। हालांकि फिलहाल बोर्ड बैठक लायक कोई प्रस्ताव नहीं होने की बात कहकर एमडीए बोर्ड बैठक को टाल रहा है।
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एमडीए की बोर्ड बैठक में इस बार कई बड़े मुद्दे गूंजेंगे। नया मुरादाबाद में करोड़ों रुपये फूंककर प्राधिकरण का नया दफ्तर और अफसर व कर्मचारियों के लिए आवास बनाने का मामला भी बोर्ड के एजेंडे में शामिल होगा। एक दशक से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी एमडीए ने न तो आफिस शिफ्ट किया है न ही कर्मचारी कालोनी। आवास और दफ्तर खंडहर होते जा रहे हैं। प्राधिकरण पिछली बोर्ड बैठक में आफिस को बेचने का फैसला कर चुका है। कमिश्नर ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण से पूछा है कि जब शिफ्ट नहीं करना था तो आवास और आफिस में पब्लिक के करोड़ों रुपये क्यों फूंके गए।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष / मंडलायुक्त अनिल राजकुमार ने बताया प्राधिकरण उपाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वह 29 सितंबर को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक बुलाएं। कमिश्नर ने बताया कि बोर्ड बैठक में एमडीए के नए आफिस का मुद्दा प्रमुख रहेगा। किसी भी विभाग को इस तरह पब्लिक की टैक्स की रकम को बर्बाद करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। एमडीए ने यदि आवास और आफिस बनाया था तो उसे शिफ्ट करना चाहिए था। कमिश्नर ने बताया कि ऐसी कई शिकायतें भी आ रही हैं जिनमें प्राधिकरण ने बगैर अधिग्रहण किए और मुआवजा चुकाए लोगों की भूमि पर कब्जे कर लिए हैं। इन मामलों को भी बोर्ड बैठक में रखकर निपटाया जाएगा। ऐसे लोगों को पुरानी दर से ही मय ब्याज के मुआवजा दिलाया जाएगा। हालांकि फिलहाल बोर्ड बैठक लायक कोई प्रस्ताव नहीं होने की बात कहकर एमडीए बोर्ड बैठक को टाल रहा है।
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