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कुते काटने से घायल दिल्ली रैफर
Updated Tue, 07 Aug 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद।
पागल कुत्ते के काटने से घायल हुए दो लोगों की हालत में सोमवार को दूसरे दिन भी सुधार नहीं हो सका। लगातार हो रहे रक्तस्राव के चलते उनको जिला अस्पताल से दिल्ली रेफर कर दिया गया है। इनको एडवांस उपचार भी दिया जाना है, जिसकी व्यवस्था जिले में नहीं है।
वार्ड 47 क्षेत्र की जीएमडी रोड पर रविवार को पागल कुत्ते ने चार लोगों को काटकर घायल कर दिया था। इन चारों के मुंह पर काटा था। चारों को रविवार को निजी नर्सिंग होम में दिखाया गया। सोमवार को इनको जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। चिकित्सकों के उपचार के बावजूद संजय भटनागर और ममता खेड़ा के मुंह पर घाव से हो रहा रक्तस्राव नहीं रुका। इसके साथ ही चिकित्सकों ने पागल कुत्ते के मुंह पर काटने के चलते एडवांस उपचार की सलाह दी। उसकी व्यवस्था क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है। इसके चलते उक्त दोनों को दिल्ली रेफर कर दिया गया है। वार्ड के लोगों ने डर की वजह से सोमवार को बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया। डंडे लोग पागल कुत्ते की तलाश करते रहे। नगर निगम की टीम ने सोमवार को वहां से पांच कुत्तों को पकड़ा, लेकिन पागल कुत्ता नहीं मिला।
नहीं शुरू हो सकी कुत्तों की नसबंदी
मेनका गांधी के सख्त रुख के चलते कुत्तों की नसबंदी का अभियान शुरू नहीं हो सका है। नगर निगम ने बंगला गांव में कुत्तों का अस्पताल बनाकर तैयार करा लिया है। जिस एजेंसी को नसबंदी कराने का टेंडर दिया गया था, वह मानक पूरे नहीं कर पाई है। जिसके चलते मेनका गांधी ने नसबंदी पर रोक लगा दी है। इसके चलते कुत्तों पर नियंत्रण नहीं हो पाया है।
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कुत्तों को वैक्सीन का प्रस्ताव बोर्ड में आएगा
स्मार्ट सिटी में आवारा जानवरों से निजात दिलाना भी शामिल है। महानगर में सबसे ज्यादा आतंक कुत्तों और बंदरों का है। इनको शहर से बाहर करने या नियंत्रित करने की कोई योजना निगम स्तर पर नहीं है। कुत्ते रोजाना 50 से ज्यादा लोगों को काट रहे हैं। इससे रैबीज के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। परेशान लोग उपचार को अस्पतालों में लंबी लाइन लगाए रहते हैं। पशु व मानव चिकित्सकों का मानना है कुत्तों में बड़ी संख्या में रैबीज का संक्रमण है। यह मनुष्यों में भी फैल सकता है। पालतू कुत्तों को लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाते हैं। अब आवारा कुत्तों में भी वैक्सीन लगाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए पशुपालन विभाग ने दस रुपये प्रति कुत्ते का खर्च मांगा है। इस संबंध में नगर निगम के बोर्ड में प्रस्ताव लाया जाएगा।
250 रुपये कीमत की वैक्सीन की 10 रुपये लेकर लगाई जाएगी। फ्री में वैक्सीन लगवाना संभव नहीं है। वैक्सीन लगने के बाद एक साल के लिए रैबीज का खतरा खत्म हो जाएगा।
- डा. ब्रजेश गुप्ता, सीवीओ।
हमने एसी, कूलर और पंखा लगाकर कुत्तों के आपरेशन वाला अस्पताल तैयार कर लिया है। इसका ठेका 860 रुपये प्रति कुत्ता के हिसाब से छोड़ दिया गया है। अस्पताल शुरू करने का निर्देश प्राप्त होना है।
- आशीष शुक्ला, उप नगर आयुक्त।
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पागल कुत्ते के काटने से घायल हुए दो लोगों की हालत में सोमवार को दूसरे दिन भी सुधार नहीं हो सका। लगातार हो रहे रक्तस्राव के चलते उनको जिला अस्पताल से दिल्ली रेफर कर दिया गया है। इनको एडवांस उपचार भी दिया जाना है, जिसकी व्यवस्था जिले में नहीं है।
वार्ड 47 क्षेत्र की जीएमडी रोड पर रविवार को पागल कुत्ते ने चार लोगों को काटकर घायल कर दिया था। इन चारों के मुंह पर काटा था। चारों को रविवार को निजी नर्सिंग होम में दिखाया गया। सोमवार को इनको जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। चिकित्सकों के उपचार के बावजूद संजय भटनागर और ममता खेड़ा के मुंह पर घाव से हो रहा रक्तस्राव नहीं रुका। इसके साथ ही चिकित्सकों ने पागल कुत्ते के मुंह पर काटने के चलते एडवांस उपचार की सलाह दी। उसकी व्यवस्था क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है। इसके चलते उक्त दोनों को दिल्ली रेफर कर दिया गया है। वार्ड के लोगों ने डर की वजह से सोमवार को बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया। डंडे लोग पागल कुत्ते की तलाश करते रहे। नगर निगम की टीम ने सोमवार को वहां से पांच कुत्तों को पकड़ा, लेकिन पागल कुत्ता नहीं मिला।
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नहीं शुरू हो सकी कुत्तों की नसबंदी
मेनका गांधी के सख्त रुख के चलते कुत्तों की नसबंदी का अभियान शुरू नहीं हो सका है। नगर निगम ने बंगला गांव में कुत्तों का अस्पताल बनाकर तैयार करा लिया है। जिस एजेंसी को नसबंदी कराने का टेंडर दिया गया था, वह मानक पूरे नहीं कर पाई है। जिसके चलते मेनका गांधी ने नसबंदी पर रोक लगा दी है। इसके चलते कुत्तों पर नियंत्रण नहीं हो पाया है।
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कुत्तों को वैक्सीन का प्रस्ताव बोर्ड में आएगा
स्मार्ट सिटी में आवारा जानवरों से निजात दिलाना भी शामिल है। महानगर में सबसे ज्यादा आतंक कुत्तों और बंदरों का है। इनको शहर से बाहर करने या नियंत्रित करने की कोई योजना निगम स्तर पर नहीं है। कुत्ते रोजाना 50 से ज्यादा लोगों को काट रहे हैं। इससे रैबीज के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। परेशान लोग उपचार को अस्पतालों में लंबी लाइन लगाए रहते हैं। पशु व मानव चिकित्सकों का मानना है कुत्तों में बड़ी संख्या में रैबीज का संक्रमण है। यह मनुष्यों में भी फैल सकता है। पालतू कुत्तों को लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाते हैं। अब आवारा कुत्तों में भी वैक्सीन लगाने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए पशुपालन विभाग ने दस रुपये प्रति कुत्ते का खर्च मांगा है। इस संबंध में नगर निगम के बोर्ड में प्रस्ताव लाया जाएगा।
250 रुपये कीमत की वैक्सीन की 10 रुपये लेकर लगाई जाएगी। फ्री में वैक्सीन लगवाना संभव नहीं है। वैक्सीन लगने के बाद एक साल के लिए रैबीज का खतरा खत्म हो जाएगा।
- डा. ब्रजेश गुप्ता, सीवीओ।
हमने एसी, कूलर और पंखा लगाकर कुत्तों के आपरेशन वाला अस्पताल तैयार कर लिया है। इसका ठेका 860 रुपये प्रति कुत्ता के हिसाब से छोड़ दिया गया है। अस्पताल शुरू करने का निर्देश प्राप्त होना है।
- आशीष शुक्ला, उप नगर आयुक्त।