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पुरातन जीवन शैली से सब दंग, 100 वर्षीय शांति ने जीत ली कोरोना से जंग

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2020 02:45 AM IST
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100 years old woman defeated corona
कोरोना से जंग जीतने वाली 100 साल की शांति को सम्मानित करते डीआरएम तरुण प्रकाश। - फोटो : CITY
मुरादाबाद। आज जब समाज में हर वर्ग के लोग कोरना की चपेट में आकर मानसिक तनाव से ग्रस्त हो रहे हैं। वहीं बुजुर्ग अपनी मजबूत जीवन शैली, सकारात्मक सोच और अनुशासित दिनचर्या से इस घातक वायरस को मात दे रहे हैं। रविवार को शहर की सबसे बुजुर्ग कोरोना मरीज आशियाना कालोनी निवासी शांति देवी कोरोना को मात देकर मंडल रेल चिकित्सालय से डिस्चार्ज हुईं। शांति देवी की उम्र 100 वर्ष से भी अधिक हैं और उन्होंने महज 7 दिन में कोरोना से जंग जीत ली है। ऐसें में उनकी रिकवरी रेलवे के डॉक्टरों के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी रिकवरी से डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ का उत्साह दोगुना हो गया है।
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शांति देवी के बेटे सीपी सिंह (एडीओ पंचायत) ने बताया कि वह कोरोना संक्रमित हो गए थे। उनकी मां को भी सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसके बाद उन्होंने पूरे परिवार की कोरोना जांच कराई। जांच के बाद मां की रिपोर्ट पाजिटिव आई। इसके बाद उन्हें पिछले रविवार 11 अगस्त को सिविल लाइंस स्थित रेलवे अस्पताल में भर्ती किया गया। पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाने के बाद रविवार को शांति देवी को अस्पताल से छुट्टी दी गई। इस मौके पर सीएमओ एमसी गर्ग और डीआरएम तरुण प्रकाश ने रेलवे अस्पताल पहुंचकर उन्हें शॉल भेंट कर ससम्मान विदा किया। अस्पताल से घर जाते वक्त शांति देवी ने डॉक्टरों को धन्यवाद और सभी को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें परिवार जैसा माहौल उपलब्ध कराया, जिससे वह जल्दी स्वस्थ हो सकीं। इस मौके पर उन्होंने सब को संदेश दिया कि हिम्मत न हारें, मन में नकारात्मक विचार न आने दें। एहतियात बरतने से ही इस बीमारी को हराया जा सकता है। इस अवसर पर डीआरएम व सीएमओ समेत रेलवे अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगदीश चंद्र, डॉ. केशव शर्मा, डॉ. हुमैरा खान, डॉ. सलमान और अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
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नब्ज थी तेज और आक्सीजन लेवल कम
सीएमएस डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि भर्ती होने के समय शांति देवी की पल्स 125 प्रति मिनट थी। जबकि सामान्य तौर पर यह 72 प्रति मिनट होनी चाहिए। इसके अलावा उनका आक्सीजन सेच्युरेशन लेवल भी 94 पहुंच गया था, जो सामान्य तौर पर 99 से 100 होना चाहिए। इसलिए उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बावजूद सब को चौंकाते हुए उन्होंने बहुत तेज रिकवरी की। सीएमएस ने कहा कि यह हमारी टीम के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ अनुभव है। गौरतलब है कि 1 सितंबर को 93 वर्षीय महिला किरण शर्मा को रेलवे के कोविड अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था। उन्होंने भी 6 दिन में कोरोना को मात दी थी। सीएमएस ने कहा कि 1 अगस्त को 44 बेड का कोविड सेंटर रेलवे अस्पताल में शुरू किया गया था। वर्तमान में यहां नौ मरीजों का इलाज चल रहा है। जबकि 172 मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज को चिकित्सा सेवाओं के साथ बेहतर माहौल देना ही हमारा उद्देश्य है।
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100 की उम्र में भी खुद करती हैं अपने काम
शांति देवी ने अप्रैल 2020 में 100 वर्ष की आयु पूर्ण की है। वह इस आयु में भी अपने कार्यों के लिए परिजनों पर निर्भर नहीं हैं। उनके बेटे सीपी सिंह बताते हैं कि वह सुबह 5 बजे उठ जाती हैं। अपने सभी काम स्वयं करती हैं और रोजाना 1 घंटे पूजा अर्चना के माध्यम से मेडिटेशन करती हैं। इसके अलावा वह घर का बना सादा भोजन ही पसंद करती हैं और बच्चों को भी जंक फूड कम खाने की सलाह देती हैं।
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