{"_id":"628fd5f8090a9072a33cf0ea","slug":"women-benefit-from-breastfeeding-mirzapur-news-vns6556783185","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्तनपान कराने से लाभान्वित होती हैं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्तनपान कराने से लाभान्वित होती हैं महिलाएं
विज्ञापन
जिला मुख्यालय के एनआईसी परिसर में बृहस्पतिवार को आयोजित पोषण पाठशाला में विशेषज्ञों के पैनल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्तनपान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
शीघ्र स्तनपान एवं केवल स्तनपान विषय पर आधारित इस वेबकास्ट में डॉ. रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि स्तनपान कराने से परिवार व महिलाएं तीन प्रकार से लाभान्वित होती हैं। पहली बात तो प्रसव के बाद माता को खून की कमी नहीं होने पाती है। परिवार को आर्थिक लाभ होता है तथा समाज के लिए यह ईको फ्रेंडली हैं। इससे माता और नवजात शिशु दोनों को किसी प्रकार का संक्रमण होने का खतरा नहीं होता है। डॉ. मनीष कुमार सिंह ने बताया कि स्तनपान से अगले गर्भधारण में भी कमी होती है। इससे परिवार नियोजन को भी बल मिलता है। दो गर्भ के बीच में पर्याप्त समय मिलने के कारण माता का स्वास्थ्य भी ठीक होता है और शिशु को भी पूरा आहार मिलता है। साथ ही पूरे परिवार का ध्यान उसी पर होने के कारण उसका लालन-पालन भी अच्छी तरह से होता है। इसी प्रकार डॉ. मो. सलमान खां ने भी स्तनपान के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। प्रदेश स्तरीय इस कार्यक्रम में अन्य जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अनेक प्रश्न पूछे और उपयोगी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का समय समाप्त हो जाने के कारण मिर्जापुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रश्न नहीं पूछ सकीं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा, सभी सीडीपीओ, मुख्य सेविका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आईसीडीएस के लाभार्थी, गर्भवती और धात्री महिलाएं उपस्थित रहीं। इस कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट भी किया गया। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने स्मार्टफोन के माध्यम से जुड़ी रहीं।
विज्ञापन
शीघ्र स्तनपान एवं केवल स्तनपान विषय पर आधारित इस वेबकास्ट में डॉ. रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि स्तनपान कराने से परिवार व महिलाएं तीन प्रकार से लाभान्वित होती हैं। पहली बात तो प्रसव के बाद माता को खून की कमी नहीं होने पाती है। परिवार को आर्थिक लाभ होता है तथा समाज के लिए यह ईको फ्रेंडली हैं। इससे माता और नवजात शिशु दोनों को किसी प्रकार का संक्रमण होने का खतरा नहीं होता है। डॉ. मनीष कुमार सिंह ने बताया कि स्तनपान से अगले गर्भधारण में भी कमी होती है। इससे परिवार नियोजन को भी बल मिलता है। दो गर्भ के बीच में पर्याप्त समय मिलने के कारण माता का स्वास्थ्य भी ठीक होता है और शिशु को भी पूरा आहार मिलता है। साथ ही पूरे परिवार का ध्यान उसी पर होने के कारण उसका लालन-पालन भी अच्छी तरह से होता है। इसी प्रकार डॉ. मो. सलमान खां ने भी स्तनपान के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। प्रदेश स्तरीय इस कार्यक्रम में अन्य जिलों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अनेक प्रश्न पूछे और उपयोगी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का समय समाप्त हो जाने के कारण मिर्जापुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रश्न नहीं पूछ सकीं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी वाणी वर्मा, सभी सीडीपीओ, मुख्य सेविका, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आईसीडीएस के लाभार्थी, गर्भवती और धात्री महिलाएं उपस्थित रहीं। इस कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट भी किया गया। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने स्मार्टफोन के माध्यम से जुड़ी रहीं।
विज्ञापन