फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Voter list purification is necessary: Anupriya

मतदाता सूची का शुद्धिकरण आवश्यक : अनुप्रिया

Thu, 11 Dec 2025 01:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 11 Dec 2025 01:15 AM IST
विज्ञापन
Voter list purification is necessary: Anupriya
संसद में संबोधन देती सांसद व केंद्रीय राज्यमंंत्री अनुप्रिया पटेल, स्रोत संवाद
- केंद्रीय मंत्री ने संसद में उठाया घुसपैठियों का मुद्दा, विपक्ष से पूछा क्या इनका नाम मतदाता सूची में होना चाहिए
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी मिर्जापुर। जिले की सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को चुनाव सुधार की चर्चा में संसद के संबोधन में कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण आवश्यक है। घुसपैठियों को हटना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर आवश्यक है। यह आम जनता के हित में है। साफ सुथरी मतदाता सूची बनाई जाए। विपक्ष के साथी इसे लेकर सर्वाेच्च न्यायालय चले गए। बिहार चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि वहां 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। कोई भी मतदाता अपना विरोध दर्ज नहीं कराया। इसका मतलब है कि वैध मतदाता का नाम नहीं काटा गया। बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत हुई। विपक्ष के वोट चोरी के दावे को जनता ने खारिज कर दिया। कम समय में एसआईआर कराने के सवाल पर कहा कि पांच से छह महीने के बाद कई राज्यों में चुनाव होना है। यह कोई सवाल नहीं है। घुसपैठियों के लिए कहा कि यह देश के लिए बड़ी समस्या है। यदि देश की सरकार कहती है कि इनकाे मतदान का अधिकार नहीं देना है। तो कुछ लोग उनके समर्थन में आ जाते हैं। तीन दशक पहले तत्कालीन गृहमंत्री इंद्रजीत गुप्ता ने कहा था कि देश में दो करोड़ घुसपैठी हैं। दुख की बात है कि इतने सालों में घुसपैठियों को देश से बाहर नहीं किया गया। क्या इन घुसपैठियों का बचाव होना चाहिए, क्या इनको मतदान का अधिकार देना चाहिए। घुसपैठी राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इस पर राजनीति नहीं होना चाहिए। विपक्ष के विरोध पर पूछा कि क्या वे घुसपैठियों के साथ हैं। इन घुसपैठियों का नाम मतदाता सूची से बाहर होना चाहिए। कुछ साथियों को लगातार हार मिल रही है, इससे वह हताश हो गए हैं। इसलिए वह हर चुनाव में एक नया भ्रमजाल बुनते हैंं। कांग्रेस पार्टी यह नहीं बताएगी कि उस समय के चुनाव अधिकारी उनकी सरकार में चले जाते थे। जनता से दूरी को ईवीएम की गड़बड़ी बताते हैं। विपक्षी ईवीएम हटाना चाहते हैं। जब बैलेट पेपर से चुनाव होता था तो हिंसा होती थी। इसके पहले उन्होंने फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आयोजित चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने सरकार की नीतियों की तरफदारी की। विपक्ष पर मुद्दों के अभाव का आरोप लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed