{"_id":"1d435c58a0c2e62bd8b18f34b8a09589","slug":"vindhydham-descended-faithful-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विंध्यधाम में उमड़े आस्थावान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विंध्यधाम में उमड़े आस्थावान
संवाददाता, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 15 Jan 2015 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मकर संक्रांति पर्व पर विंध्यधाम में लगभग एक लाख दर्शनार्थियों ने हाजिरी लगाई। ठंड की परवाह किए बगैर भक्ताें ने बड़े ही श्रद्धाभाव से जगत जननी के पावन दरबार में मत्था टेक सुख-समृद्धि की कामना की।
गंगा में डुबकी लगाने के बाद भक्तों ने विंध्य दरबार में पहुंच कर विधि-विधान पूर्वक मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया।
मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर जगत जननी मां विंध्यवासिनी देवी का फूलों से किया गया भव्य श्रृंगार का दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो उठे। विंध्यधाम में जहां एक ओर दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा,
वहीं मंदिर की छत पर पूजन-अनुष्ठान और मुंडन संस्कार के कार्यक्रम अनवरत होते रहे। घंटा-घड़ियाल, शंख और माता के जयकारे से पूरा धाम परिसर देवीमय हो रहा था।
विज्ञापन
मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के बाद भक्तों ने विंध्यधाम परिसर में विराजमान अन्य सभी देवी-देवताओं के मंदिर में पहुंच कर दर्शन-पूजन किया।
कतार में खड़े भक्तजन मां का जयकारा लगाते धाम की तरफ बढ़े चले जा रहे थे। घने कोहरा और बर्फीली हवाओं के बावजूद भक्ताें की मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा देवी और मां काली के प्रति आस्था डिग नहीं पाई।
मकर संक्रांति पर मां विंध्यवासिनी देवी का विधिवत दर्शन-पूजन करने के बाद कुछ श्रद्धालुओं ने त्रिकोण परिक्रमा किया और पुण्य के भागी बने। मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम दिखे।
विज्ञापन
गंगा में डुबकी लगाने के बाद भक्तों ने विंध्य दरबार में पहुंच कर विधि-विधान पूर्वक मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया।
मकर संक्रांति पर्व के मद्देनजर जगत जननी मां विंध्यवासिनी देवी का फूलों से किया गया भव्य श्रृंगार का दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो उठे। विंध्यधाम में जहां एक ओर दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा,
विज्ञापन
वहीं मंदिर की छत पर पूजन-अनुष्ठान और मुंडन संस्कार के कार्यक्रम अनवरत होते रहे। घंटा-घड़ियाल, शंख और माता के जयकारे से पूरा धाम परिसर देवीमय हो रहा था।
विज्ञापन
मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के बाद भक्तों ने विंध्यधाम परिसर में विराजमान अन्य सभी देवी-देवताओं के मंदिर में पहुंच कर दर्शन-पूजन किया।
कतार में खड़े भक्तजन मां का जयकारा लगाते धाम की तरफ बढ़े चले जा रहे थे। घने कोहरा और बर्फीली हवाओं के बावजूद भक्ताें की मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा देवी और मां काली के प्रति आस्था डिग नहीं पाई।
मकर संक्रांति पर मां विंध्यवासिनी देवी का विधिवत दर्शन-पूजन करने के बाद कुछ श्रद्धालुओं ने त्रिकोण परिक्रमा किया और पुण्य के भागी बने। मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम दिखे।