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सहमति पत्र पर लिखा असंतुष्ट
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विंध्याचल। विंध्य कारीडोर योजना को लेकर सोमवार को सहमति पत्र भवन स्वामियों ने दिया। उन्होंने सहमति पत्र पर भी असंतुष्ट लिखकर दिया। अधिकांश लोगों ने दुकान की मांग की जबकि कई मुवावजे राशि से संतुष्ट नहीं रहे। भवन स्वामियों को सहमति पत्र देने के लिए मंगलवार तक अंतिम तिथि तय की गई है।
विंध्य कारीडोर योजना के लिए सोमवार की सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक भारतीय स्टेट बैंक चौराहे पर स्थित प्रशासनिक भवन में सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह, तहसीलदार सदर ओम प्रकाश पांडेय प्रशासनिक भवन में बैठे रहे। मां विंध्यवासिनी मंदिर से 50 फीट की प्रस्तावित परिक्रमा पथ हेतु 92 भवन अथवा मकान योजना में आ रहे हैं जिसके लिए रविवार एवं सोमवार को भवन मालिक द्वारा सहमति पत्र दिया गया। इसमें से 13 भवन स्वामी प्रशासनिक भवन में पहुंचे। कहा गया कि जिला प्रशासन की ओर से जो मुआवजा राशि तय की गई है उससे वह संतुष्ट नहीं है एवं सहमति पत्र पर असंतुष्ट लिखकर जिला प्रशासन को दे दिया। साथ ही 10 भवन स्वामी ने दुकान की मांग की, शेष लोगों ने मुआवजा के लिए असहमति दी है। इस प्रकार मां विंध्यवासिनी मंदिर परिक्रमा पथ प्रस्तावित बनाने के लिए जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है लेकिन भवन स्वामियों ने कहा कि जब तक लिखित कोई आदेश नहीं मिलेगा। तब तक हम लोग कोई बात नहीं करेंगे। जिला प्रशासन की ओर से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए उनको बाध्य कर दिया गया है जबकि भवन स्वामी भवन के मूल्यांकन और मुआवजा राशि से संतुष्ट नहीं हैं लेकिन अपने- अपने सहमति पत्र पर एक दुकान मुआवजा राशि के लिए अपना सुझाव दे दिया गया है। दो दिन बीत जाने के बाद भी सिर्फ 14 लोगों ने ही अपना सम्मती पत्र दिया है शेष लोगों को मंगलवार तक सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक समय दिया गया है। इस मौके पर भवन स्वामियों में पंडित शिव राम मिश्रा, भानु पाठक, उद्धव नारायण मिश्र,राजेश मिश्रा, राज शुक्ला, राजस्व विभाग से तहसीलदार सदर ओम प्रकाश पांडेय, मंगला प्रसाद द्विवेदी, लेखपाल ओम प्रकाश, लेखपाल अरुण तिवारी, लेखपाल आदि लोग मौजूद रहे। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि मां विंध्यवासिनी मंदिर प्रस्तावित परिक्रमा पथ बनाने हेतु 92 भवन मकान जद में आ रहे हैं उनके लिए एक सहमति पत्र लिया जा रहा है। राज्य सरकार के पास रिपोर्ट भेजी जाएंगी एवं जो भी आदेश- निर्देश आएगा उसका पालन किया जाएगा।
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विंध्य कारीडोर योजना के लिए सोमवार की सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक भारतीय स्टेट बैंक चौराहे पर स्थित प्रशासनिक भवन में सिटी मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह, तहसीलदार सदर ओम प्रकाश पांडेय प्रशासनिक भवन में बैठे रहे। मां विंध्यवासिनी मंदिर से 50 फीट की प्रस्तावित परिक्रमा पथ हेतु 92 भवन अथवा मकान योजना में आ रहे हैं जिसके लिए रविवार एवं सोमवार को भवन मालिक द्वारा सहमति पत्र दिया गया। इसमें से 13 भवन स्वामी प्रशासनिक भवन में पहुंचे। कहा गया कि जिला प्रशासन की ओर से जो मुआवजा राशि तय की गई है उससे वह संतुष्ट नहीं है एवं सहमति पत्र पर असंतुष्ट लिखकर जिला प्रशासन को दे दिया। साथ ही 10 भवन स्वामी ने दुकान की मांग की, शेष लोगों ने मुआवजा के लिए असहमति दी है। इस प्रकार मां विंध्यवासिनी मंदिर परिक्रमा पथ प्रस्तावित बनाने के लिए जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है लेकिन भवन स्वामियों ने कहा कि जब तक लिखित कोई आदेश नहीं मिलेगा। तब तक हम लोग कोई बात नहीं करेंगे। जिला प्रशासन की ओर से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए उनको बाध्य कर दिया गया है जबकि भवन स्वामी भवन के मूल्यांकन और मुआवजा राशि से संतुष्ट नहीं हैं लेकिन अपने- अपने सहमति पत्र पर एक दुकान मुआवजा राशि के लिए अपना सुझाव दे दिया गया है। दो दिन बीत जाने के बाद भी सिर्फ 14 लोगों ने ही अपना सम्मती पत्र दिया है शेष लोगों को मंगलवार तक सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक समय दिया गया है। इस मौके पर भवन स्वामियों में पंडित शिव राम मिश्रा, भानु पाठक, उद्धव नारायण मिश्र,राजेश मिश्रा, राज शुक्ला, राजस्व विभाग से तहसीलदार सदर ओम प्रकाश पांडेय, मंगला प्रसाद द्विवेदी, लेखपाल ओम प्रकाश, लेखपाल अरुण तिवारी, लेखपाल आदि लोग मौजूद रहे। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि मां विंध्यवासिनी मंदिर प्रस्तावित परिक्रमा पथ बनाने हेतु 92 भवन मकान जद में आ रहे हैं उनके लिए एक सहमति पत्र लिया जा रहा है। राज्य सरकार के पास रिपोर्ट भेजी जाएंगी एवं जो भी आदेश- निर्देश आएगा उसका पालन किया जाएगा।
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