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Mirzapur News: नाइट विजन, एआई आधारित ड्रोन से सुरक्षा वाला यूपी का पहला धार्मिक स्थल होगा विंध्याचल धाम

Fri, 03 Apr 2026 01:49 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:49 AM IST
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Vindhyachal Dham will be the first religious site in Uttar Pradesh to be protected by night vision and AI-based drones.
पुलिस को निगरानी के लिए मिले नाइट विजन, इंफ्रा रेड सेंसर, एआई आधारित दो ड्रोन
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देव गुप्ता
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी मंदिर और विंध्यधाम की सुरक्षा अब नाइट विजन, इंफ्रा रेड सेंसर और एआई आधारित ड्रोन कैमरे से की जाएगी। इससे अब रात में धाम के अलावा पूरे विंध्य पहाड़ी क्षेत्र की निगरानी की जा सकेगी। इससे रात को पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही अवैध गतिविधियों का भी पता चल सकेगा। वहां पर पुलिस समय पर पहुंच कर स्थिति नियंत्रित करेगी।
यह जानकारी पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने दी। उन्होंने आगे कहा कि मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर बनने के बाद यहां पर दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ गई है। चैत्र नवरात्र में ही यहां 47 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए बृहद प्रस्ताव का यह हिस्सा है। एसपी ने आगे बताया कि शासन से विंध्याचल मंदिर और धाम क्षेत्र की सुरक्षा के लिए मिर्जापुर पुलिस को दो नाइट विजन, इंफ्रा रेड सेंसर और एआई आधारित दो ड्रोन कैमरे मिले है। इन सामानों की लागत 17 लाख रुपये आई है। इसके अलावा भी 202 कैमरे मंगवाए गए हैं। इस ड्रोन कैमरे से क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। इससे अवैध गतिविधियाें पर नजर रखी जाएगी। रात में विंध्याचल के घने जंगलों को स्कैन करने के लिए लो लाइट सेंसर और एनआईआर सहायक लाइट ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें हाई रेजोल्यूशन इंफ्रारेड सेंसर लगा है। इससे एकांत क्षेत्र में तापमान का पता चल जाएगा। आग लगने की घटना का पता लगाकर उसे रोका जा सकेगा। ड्रोन वास्तविक समय में भीड़ का आकलन कर लेगा। एआई आधारित होने पर स्मार्ट ट्रैक तकनीक का उपयोग कर भीड़ में ही विशिष्ट व्यक्ति या कार का पता लाया जा सकेगा। मंदिर के आस-पास पहाड़ी क्षेत्र में जहां गुफाएं आदि हैं। जहां पुलिस का पहुंचना मुश्किल है। वहां पर ड्रोन निगरानी कर पुलिस का मार्गदर्शन करेगा। उन्नत थर्मल इमेजिंग क्षमता वाले ड्रोन कैमरे से एकांत, अंधेरे, वन क्षेत्र , नदी और तटों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। इससे संभावित अवैध गतिविधियों की निगरानी हो सकेगी। एआई से इसकी फोटो आदि फीड कर कमांड देंगे तो भीड़ में छिपे अपराधी या वाहन का पीछा किया जा सकेगा। यातायात प्रबंधन में ड्रोन कैमरा काम आएगा।
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जंगल के रास्ते होने वाली तस्करी पर ड्रोन रखेगा नजर
क्षेत्र के अहरौरा और चुनार आदि क्षेत्र में जंगल के रास्ते होने वाली पशु तस्करी को भी ड्रोन की मदद से रोका जा सकेगा। पशु तस्कर रात में जंगल के रास्ते हांक कर मवेशी ले जाते हैं। एआई की मदद से जंगल के रास्ते जाने वाल तस्करी के पशुओं को ड्रोन पहचान कर सूचना देगा। इसे तस्करों को ट्रैक कर उन पर कार्रवाई की जा सकेगी।
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वर्जन
नाइट विजन, हाई रेजोल्यूशन इंफ्रारेड सेंसर, थर्मल इमेजिंग क्षमता वाले एआई आधारित ड्रोन कैमरा रात में मां विंध्यवासिनी धाम के अलावा पूरे पहाड़ी क्षेत्र में निगरानी करने में मदद करेगा। ऐसे दो ड्रोन मिले हैं। मां विंंध्यवासिनी मंदिर प्रदेश का पहला मंदिर होगा। जहां नाइट विजन ड्रोन से निगरानी की जाएगी। जंगल के रास्ते पशु तस्करी और यातायात प्रबंधन में ड्रोन काम आएगा।
अपर्णा रजत कौशिक, एसपी

न्यूमेरिक
95 पुलिसकर्मी तैनात हैं सुरक्षा में, सीओ नोडल अधिकारी हैं
04 कर्मचारी हैं धाम की सुरक्षा में तैनात स्नाईपर टीम में
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