वर्षों इंतजार के बाद छात्रों की मांग पूरी, बीएचयू साउथ कैंपस के पशु चिकित्सा संकाय को मिली मान्यता
पशु चिकित्सा संकाय को मान्यता दिलाने के लिए छात्र धरना दे रहे थे। छात्रों का कहना था कि मान्यता न मिलने से उनको प्लेसमेंट में परेशानी होती थी।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मिर्जापुर जिले में बरकछा स्थित साउथ कैंपस में संचालित पशु चिकित्सा संकाय को मान्यता मिल गई है। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। छात्रों ने मान्यता को लेकर सात से 10 अप्रैल तक धरना भी दिया था। छात्रों की मांग यह थी कि संकाय को बने हुए पांच साल हो गए लेकिन मान्यता अभी तक नहीं मिली। जिससे छात्रों को इंटर्नशिप व प्लेसमेंट में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इससे छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा था। उस दौरान छात्रों की मांग को देखते हुए एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) दक्षिणी परिसर के कार्यकर्ताओं ने वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन के सामने इस मुद्दे को पेश किया। बीसीआई के चेयरमैन उमेश चंद्र शर्मा ने आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि काउंसिल की एक टीम संकाय का निरीक्षण कर चुकी है। रिपोर्ट आने के बाद अगर संकाय सभी मानकों को पूरा करेगा तो बिना देरी के मान्यता दे दी जाएगी। पशु चिकित्सा संकाय के छात्रों की मांग पूरा करते हुए वीसीआई ने प्रोफेसर्स और एसोसिएट प्रोफेसर के रिक्त पदों को भरने का निर्देश दिया।
अन्य मानक जिसकी कमी अभी संकाय में है। जो जांच रिपोर्ट में रजिस्ट्रार बीएचयू को भेजा गया है। उसको छह महीने के अंदर पूरा करने का निर्देश देते हुए संकाय को मान्यता दे दी है। निश्चित समय के अंदर अगर विश्वविद्यालय सारे मानकों को पूरा नहीं करता है तो उसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। दक्षिणी परिसर की आचार्य प्रभारी प्रोफेसर रामादेवी निम्मनापल्ली ने भी बताया कि पशु विज्ञान संकाय को मान्यता मिल गई है।