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Mirzapur News: एक कमरे में चल रहे दो विभाग, कैसे हो किशोर-किशोरियों की काउंसिलिंग

Thu, 03 Sep 2026 01:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 01:42 AM IST
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Two departments operating from a single room
मंडलीय अस्पताल के एक कमरे में बैठे किशोर स्वास्थ्य परामर्श केंद्र के काउंसलर संजय कुमार व तंबाक
साथिया केंद्र के साथ तंबाकू नियंत्रण केंद्र भी संचालित, निजता नहीं मिलने से खुलकर बात नहीं कर पा रहे
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मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल के साथिया केंद्र में किशोर-किशोरियां अपनी यौन, मानसिक और शारीरिक समस्याओं को खुलकर कहने से कतरा रहे हैं। काउंसलिंग में निजता जरूरी होती है, लेकिन करीब एक महीने से किशोर स्वास्थ्य परामर्श विभाग के साथ ही तंबाकू नियंत्रण केंद्र का एक ही कमरे में संचालन हो रहा है। दोनों केंद्रों के कर्मचारी एक कमरे में होने से किशोर-किशोरियों की काउंसलिंग में समस्या हो रही है। किसी अन्य व्यक्ति को कमरे में बैठा देखकर कुछ किशोर-किशोरियां दरवाजे से ही लौट जाते हैं। कमरा खाली होने का इंतजार करते हैं। कमरे में आने पर भी वे खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाए जा रहे दोनों कार्यक्रमों को संचालन के लिए अब एक ही कमरे में शिफ्ट कर दिया गया है। पहले तंबाकू नियंत्रण केंद्र और किशोर स्वास्थ्य परामर्श विभाग अलग-अलग थे। दूसरे तल पर ऑपरेशन थियेटर आदि के निर्माण कार्य के चलते दोनों विभागों को वहां से हटाकर प्रथम तल के कमरा नंबर 106 में शिफ्ट कर दिया गया है। दोनों केंद्रों में काउंसलिंग की जाती है। तंबाकू नियंत्रण केंद्र में काउंसलिंग में तो कोई दिक्कत नहीं आ रही है, लेकिन साथिया केंद्र में किशोर-किशोरियों की काउंसलिंग प्रभावित हो रही है। साथिया केंद्र के काउंसलर संजय कुमार ने बताया कि केंद्र में किशोर-किशोरियों के शारीरिक, मानसिक, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की काउंसलिंग की जाती है। पहले प्रतिदिन 25 से 30 किशोर-किशोरियां आते थे। एक महीने से कमरा बदलने के बाद समस्या आ रही है। इस समय 15 से 20 ही आ रहे हैं। एक कमरे में दो केंद्र होने से आने वाले किशोर-किशोरियां खुलकर बात नहीं कर पाते। यौन संबंधी समस्या बताने में हिचकिचाते हैं। कमरे में किसी अन्य व्यक्ति को देखकर संकोच करते हैं। कुछ बाहर गेट पर खड़े होकर कमरे की ओर देखते हैं। ऐसे में बाहर जाकर उनसे बात की जाती है। काउंसलिंग के लिए निजता जरूरी है। निजता नहीं होने से सही काउंसलिंग नहीं हो पा रही है।
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वर्जन
चार विभाग वापस आने के बाद जगह की कमी बनी हुई है। द्वितीय तल पर ऑपरेशन थियेटर और कमरे बनाए जा रहे हैं। उनके बन जाने पर नीचे के कमरे खाली होंगे। इसके बाद दोनों को अलग-अलग कमरों में शिफ्ट किया जाएगा।
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डॉ. सचिन किशोर, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल
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