विंध्याचल। ललित कलाओं को आजीवन संरक्षित करने वाले स्व. पंडित महेश्वर पति त्रिपाठी की सातवीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को विंध्याचल स्थित शिवरात्रि अतिथि भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कथक नृत्य व गीत संगीत के कार्यक्रम से उनको श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम का आरंभ पंडित ओमप्रकाश मिश्र व दिनेश्वर पति त्रिपाठी ने उनके चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बाल कलाकार अंश मोदनवाल व श्रीद द्विवेदी ने तबला सोलो की प्रस्तुति की जबकि कथक नृत्य अंश शर्मा, वैष्णवी मालवीय और पल्लवी शर्मा ने किया। रतनलाल वर्मा ने तबले पर और हारमोनियम पर श्रीत श्रीवास्तव ने किया। पंडित महावीर चटर्जी और रुद्राक्ष चटर्जी ने राग मालकोंस में बंदिश सुनाई तो रवि शास्त्री ने राग सोहनी की प्रस्तुति की। धर्मेंद्र भट्ट, सत्यम पांडेय व जितेंद्र भट्ट का भी गायन हुआ। समापन पंडित जी के शिष्य कार्तिकेय पांडेय, मनीष शर्मा व अमन सिंह ने कथक नृत्य से किया। कार्यक्रम संयोजक अपूर्व त्रिपाठी, संचालन संजय श्रीवास्तव और शिवराम शर्मा जी ने किया। पंडित रामेश्वर पति त्रिपाठी, ट्विंकल त्रिपाठी, श्याम सुंदर शुक्ला, मनोज शुक्ला, पंडित अगस्त त्रिवेदी, पंडित रवि शंकर पाठक व अन्य थे।