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Mirzapur News: आदिवासी बेटियों को मिलेगा पूर्वांचल का पहला छात्रावास
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मिर्जापुर। नक्सल क्षेत्र की आदिवासी बेटियों को पूर्वांचल के पहले छात्रावास की सौगात जल्द ही मिलने वाली है। मड़िहान में 6.16 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन छात्रावास का काम मई तक पूरा होने की संभावना है।
50 कमरों के दो मंजिला भवन में उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाली 100 छात्राओं को आवास की सुविधा मिलेगी।
जिले के हलिया, मड़िहान और लालगंज ब्लॉक के आदिवासी समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। इसी के तहत मड़िहान तहसील के पीछे अनुसूचित जाति जनजाति बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। दो मंजिला भवन में ब्लाकवार 50 कक्ष बनाए जा रहे हैं। साथ ही हर ब्लाॅक में टाॅयलेट होगा।
अधीक्षक कार्यालय, वार्डन कक्ष और भोजनालय भी होगा। स्नातक या उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाली आदिवासी छात्राओं के लिए पूर्वाचल का यह पहला छात्रावास होगा।
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55 फीसदी काम हो चुका है पूरा
अनुसूचित जाति जनजाति बालिका छात्रावास का 55 फीसदी काम पूरा हो चुका है। भूतल का स्लैब पड़ चुका है और अंदर प्लास्टर का काम भी पूरा हो चुका है। प्रथम तल के कालम और चिनाई का काम हो रहा है। अधिकारियों ने मई 2025 तक निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना जताई है।
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50 कमरों के दो मंजिला भवन में उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाली 100 छात्राओं को आवास की सुविधा मिलेगी।
जिले के हलिया, मड़िहान और लालगंज ब्लॉक के आदिवासी समुदाय को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। इसी के तहत मड़िहान तहसील के पीछे अनुसूचित जाति जनजाति बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है। दो मंजिला भवन में ब्लाकवार 50 कक्ष बनाए जा रहे हैं। साथ ही हर ब्लाॅक में टाॅयलेट होगा।
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अधीक्षक कार्यालय, वार्डन कक्ष और भोजनालय भी होगा। स्नातक या उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाली आदिवासी छात्राओं के लिए पूर्वाचल का यह पहला छात्रावास होगा।
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55 फीसदी काम हो चुका है पूरा
अनुसूचित जाति जनजाति बालिका छात्रावास का 55 फीसदी काम पूरा हो चुका है। भूतल का स्लैब पड़ चुका है और अंदर प्लास्टर का काम भी पूरा हो चुका है। प्रथम तल के कालम और चिनाई का काम हो रहा है। अधिकारियों ने मई 2025 तक निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना जताई है।