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Mirzapur News: आज देर रात से शारदीय नवरात्र मेला शुरू, मां विंध्यवासिनी 21 घंटे देंगी दर्शन
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विंध्याचल धाम में मेला की तैयारी।
- फोटो : doda news
भोर में चार बजे से दोपहर बाद दो बजे तक वीआईपी दर्शन प्रतिबंधित
चार प्रमुख मार्गों पर छायादार टेंट, 300 अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात
विंध्याचल। शारदीय नवरात्र मेला 10 अक्तूबर की देर रात से शुरू हो जाएगा। मां विंध्यवासिनी का रात-दिन मिलाकर करीब 21 घंटे तक भक्त दर्शन कर सकेंगे। झांकी दर्शन चलता रहेगा, केवल शृंगार के समय कुछ देर के लिए दर्शन बंद होंगे। गर्भगृह में प्रवेश और चरण स्पर्श पर रोक लगा दी गई है। भोर चार बजे से दोपहर बाद दो बजे तक वीआईपी दर्शन प्रतिबंधित रहेगा। यह जानकारी विंध्य वासिनी मंदिर के बड़े शृंगारिया शिव जी महाराज ने दी।
नवरात्र के दौरान मां का दरबार 24 घंटे खुला रहेगा। चार पहर की आरती के दौरान 45-45 मिनट के लिए पर्दा रहेगा। दर्शन नहीं होंगे। इस तरह श्रद्धालुओं को करीब 21 घंटे मां दर्शन देंगी। हालांकि, रेलवे स्टेशन मार्ग पर अधूरी नाली, खुले चैंबर और क्षतिग्रस्त सड़क श्रद्धालुओं की राह में परेशानी बन सकते हैं। मां विंध्यवासिनी के दरबार में देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन-पूजन कराने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
चार आरतियों का बदला समय
मंगला आरती सुबह : तीन से चार बजे
राजश्री आरती : दोपहर 12 से एक बजे
संध्याकालीन आरती : शाम 7:15 से 8:15 बजे
बड़ी आरती : रात 9:30 से 10:30 बजे
नोट: आरती के दौरान 45 मिनट का पर्दा गिरा रहेगा, इस दौरान दर्शन नहीं होंगे।
चार मार्गों पर लग रहे छायादार टेंट
श्रद्धालुओं को धूप से बचाने के लिए चार प्रमुख मार्गों पर छायादार टेंट लगाए जा रहे हैं। शक्ति पथ पर 250 मीटर, धर्म पथ पर 150 मीटर, कचौड़ी गली-पक्का घाट मार्ग पर 150 मीटर और सदर बाजार-पक्का घाट मार्ग पर 450 मीटर लंबा टेंट प्रस्तावित है। कचौड़ी गली-पक्का घाट मार्ग पर टेंट लग चुका है, जबकि अन्य मार्गों पर काम जारी है। मां विंध्यवासिनी, मां महाकाली और मां अष्टभुजा देवी मंदिर को जोड़ने वाले मार्गों पर पैचिंग कराई गई है।
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स्टेशन मार्ग पर अधूरे काम से खतरा
रेलवे स्टेशन से पुरानी वीआईपी सड़क तक करीब 430 मीटर मार्ग का चौड़ीकरण किया गया है। नई सड़क बन गई है, लेकिन नाली और चैंबर का काम अधूरा है। नालियों पर ढक्कन नहीं होने और सड़क के बीच चैंबर ऊंचे होने से रात में श्रद्धालुओं के गिरकर चोटिल होने का खतरा है। रेलवे स्टेशन से बिरला गेस्ट हाउस होते हुए बंगाली तिराहे की ओर जाने वाले रास्ते पर नगर पालिका कार्यालय के पास करीब 10 मीटर सड़क भी क्षतिग्रस्त है। ऐसे में ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
25 जगह पार्किंग व्यवस्था
कानपुर और प्रयागराज की ओर से आने वाले श्रद्धालु : शिवपुर ओवरब्रिज, हाईवे और पटेगरा नाला रेलवे पुल होते हुए मोतीझील मार्ग स्थित पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा कर गेट नंबर एक से मंदिर पहुंचेंगे।
जौनपुर और आजमगढ़ की ओर से आने वाले भक्त: वाहनों को शास्त्री पुल से बरतर तिराहे तक आने की अनुमति होगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने के लिए क्यूआर कोड भी जारी किया गया है।
नौ में से चार गंगा घाटों पर होगा स्नान
दीवान घाट, पक्का घाट, अखाड़ा घाट और इमली घाट पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर सकेंगे। नौ में से चार घाटों पर ही स्नान की व्यवस्था होगी। इन पर बैरिकेडिंग, प्रकाश, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है। विंध्य की पौड़ी पर निर्माण कार्य के चलते कुछ घाटों पर स्नान प्रतिबंधित रहेगा। नाविकों को निर्धारित दायरे में लाइफ जैकेट के साथ ही श्रद्धालुओं को नौका विहार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
300 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती
नगर पालिका ने मंदिर परिसर, परिक्रमा पथ, एंट्रेंस प्लाजा, प्रमुख मार्गों, चौराहों, रेलवे स्टेशन और गंगा घाटों पर सफाई के लिए 300 अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की है। तीन शिफ्टों में 24 घंटे सफाई कराई जाएगी। श्रद्धालुओं के बिछड़ने पर मदद के लिए विंध्याचल कोतवाली परिसर और एंट्रेंस प्लाजा की छत पर बने पुलिस कंट्रोल रूम में खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं।
नए परिक्रमा पथ से मिलेगी आध्यात्मिक अनुभूति
पहली बार नवरात्र में आने वाले श्रद्धालुओं को भव्य मंदिर के साथ परिक्रमा पथ और एंट्रेंस प्लाजा का नया स्वरूप देखने को मिलेगा। परिक्रमा पथ परिसर में 144 फ्लेयरों पर रंगीन नक्काशीदार पेंटिंग की गई है। वीआईपी प्रोटोकॉल के लिए मंदिर के पश्चिमी हिस्से में सेफ हाउस बनाए गए हैं। नगर पालिका के ईओ जी लाल ने बताया कि गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश, शौचालय और महिलाओं के वस्त्र बदलने की व्यवस्था की गई है। लोक निर्माण विभाग के जेई प्रवीण चौहान ने बताया कि तीनों मंदिरों को जोड़ने वाले मार्गों की मरम्मत कराई गई है और रेलवे स्टेशन मार्ग पर नई सड़क बनाई गई है।
68 लाख रुपये के फ्लोटिंग बैरिकेडिंग, सुरक्षित होगा गंगा स्नान
मिर्जापुर। नवरात्र मेले में बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए विंध्याचल के घाटों पर 68 लाख रुपये के बजट से फ्लोटिंग बैरिकेडिंग कराई जाएगी। मेला प्रभारी व सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने बताया कि मेला क्षेत्र में विंध्याचल के घाटों पर 68 लाख रुपये के बजट से फ्लोटिंग बैरिकेडिंग लगवाई जाएगी। इससे गंगा में स्नान करने वाले दर्शनार्थियों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि शास्त्री पुल पर 1.13 करोड़ रुपये के बजट से जाली लगवाई जाएगी। इस पुल से कई बार लोगों के कूदने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसकी मांग पहले से की जाती रही है। अब यह काम शुक्रवार से शुरू होगा। अटल चौराहे पर नया हाईमास्ट लगवाया गया है। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र पूरी तरह तैयार है।
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चार प्रमुख मार्गों पर छायादार टेंट, 300 अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात
विंध्याचल। शारदीय नवरात्र मेला 10 अक्तूबर की देर रात से शुरू हो जाएगा। मां विंध्यवासिनी का रात-दिन मिलाकर करीब 21 घंटे तक भक्त दर्शन कर सकेंगे। झांकी दर्शन चलता रहेगा, केवल शृंगार के समय कुछ देर के लिए दर्शन बंद होंगे। गर्भगृह में प्रवेश और चरण स्पर्श पर रोक लगा दी गई है। भोर चार बजे से दोपहर बाद दो बजे तक वीआईपी दर्शन प्रतिबंधित रहेगा। यह जानकारी विंध्य वासिनी मंदिर के बड़े शृंगारिया शिव जी महाराज ने दी।
नवरात्र के दौरान मां का दरबार 24 घंटे खुला रहेगा। चार पहर की आरती के दौरान 45-45 मिनट के लिए पर्दा रहेगा। दर्शन नहीं होंगे। इस तरह श्रद्धालुओं को करीब 21 घंटे मां दर्शन देंगी। हालांकि, रेलवे स्टेशन मार्ग पर अधूरी नाली, खुले चैंबर और क्षतिग्रस्त सड़क श्रद्धालुओं की राह में परेशानी बन सकते हैं। मां विंध्यवासिनी के दरबार में देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन-पूजन कराने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
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चार आरतियों का बदला समय
मंगला आरती सुबह : तीन से चार बजे
राजश्री आरती : दोपहर 12 से एक बजे
संध्याकालीन आरती : शाम 7:15 से 8:15 बजे
बड़ी आरती : रात 9:30 से 10:30 बजे
नोट: आरती के दौरान 45 मिनट का पर्दा गिरा रहेगा, इस दौरान दर्शन नहीं होंगे।
चार मार्गों पर लग रहे छायादार टेंट
श्रद्धालुओं को धूप से बचाने के लिए चार प्रमुख मार्गों पर छायादार टेंट लगाए जा रहे हैं। शक्ति पथ पर 250 मीटर, धर्म पथ पर 150 मीटर, कचौड़ी गली-पक्का घाट मार्ग पर 150 मीटर और सदर बाजार-पक्का घाट मार्ग पर 450 मीटर लंबा टेंट प्रस्तावित है। कचौड़ी गली-पक्का घाट मार्ग पर टेंट लग चुका है, जबकि अन्य मार्गों पर काम जारी है। मां विंध्यवासिनी, मां महाकाली और मां अष्टभुजा देवी मंदिर को जोड़ने वाले मार्गों पर पैचिंग कराई गई है।
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स्टेशन मार्ग पर अधूरे काम से खतरा
रेलवे स्टेशन से पुरानी वीआईपी सड़क तक करीब 430 मीटर मार्ग का चौड़ीकरण किया गया है। नई सड़क बन गई है, लेकिन नाली और चैंबर का काम अधूरा है। नालियों पर ढक्कन नहीं होने और सड़क के बीच चैंबर ऊंचे होने से रात में श्रद्धालुओं के गिरकर चोटिल होने का खतरा है। रेलवे स्टेशन से बिरला गेस्ट हाउस होते हुए बंगाली तिराहे की ओर जाने वाले रास्ते पर नगर पालिका कार्यालय के पास करीब 10 मीटर सड़क भी क्षतिग्रस्त है। ऐसे में ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
25 जगह पार्किंग व्यवस्था
कानपुर और प्रयागराज की ओर से आने वाले श्रद्धालु : शिवपुर ओवरब्रिज, हाईवे और पटेगरा नाला रेलवे पुल होते हुए मोतीझील मार्ग स्थित पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा कर गेट नंबर एक से मंदिर पहुंचेंगे।
जौनपुर और आजमगढ़ की ओर से आने वाले भक्त: वाहनों को शास्त्री पुल से बरतर तिराहे तक आने की अनुमति होगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने के लिए क्यूआर कोड भी जारी किया गया है।
नौ में से चार गंगा घाटों पर होगा स्नान
दीवान घाट, पक्का घाट, अखाड़ा घाट और इमली घाट पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर सकेंगे। नौ में से चार घाटों पर ही स्नान की व्यवस्था होगी। इन पर बैरिकेडिंग, प्रकाश, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है। विंध्य की पौड़ी पर निर्माण कार्य के चलते कुछ घाटों पर स्नान प्रतिबंधित रहेगा। नाविकों को निर्धारित दायरे में लाइफ जैकेट के साथ ही श्रद्धालुओं को नौका विहार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
300 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती
नगर पालिका ने मंदिर परिसर, परिक्रमा पथ, एंट्रेंस प्लाजा, प्रमुख मार्गों, चौराहों, रेलवे स्टेशन और गंगा घाटों पर सफाई के लिए 300 अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की है। तीन शिफ्टों में 24 घंटे सफाई कराई जाएगी। श्रद्धालुओं के बिछड़ने पर मदद के लिए विंध्याचल कोतवाली परिसर और एंट्रेंस प्लाजा की छत पर बने पुलिस कंट्रोल रूम में खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं।
नए परिक्रमा पथ से मिलेगी आध्यात्मिक अनुभूति
पहली बार नवरात्र में आने वाले श्रद्धालुओं को भव्य मंदिर के साथ परिक्रमा पथ और एंट्रेंस प्लाजा का नया स्वरूप देखने को मिलेगा। परिक्रमा पथ परिसर में 144 फ्लेयरों पर रंगीन नक्काशीदार पेंटिंग की गई है। वीआईपी प्रोटोकॉल के लिए मंदिर के पश्चिमी हिस्से में सेफ हाउस बनाए गए हैं। नगर पालिका के ईओ जी लाल ने बताया कि गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश, शौचालय और महिलाओं के वस्त्र बदलने की व्यवस्था की गई है। लोक निर्माण विभाग के जेई प्रवीण चौहान ने बताया कि तीनों मंदिरों को जोड़ने वाले मार्गों की मरम्मत कराई गई है और रेलवे स्टेशन मार्ग पर नई सड़क बनाई गई है।
68 लाख रुपये के फ्लोटिंग बैरिकेडिंग, सुरक्षित होगा गंगा स्नान
मिर्जापुर। नवरात्र मेले में बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए विंध्याचल के घाटों पर 68 लाख रुपये के बजट से फ्लोटिंग बैरिकेडिंग कराई जाएगी। मेला प्रभारी व सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने बताया कि मेला क्षेत्र में विंध्याचल के घाटों पर 68 लाख रुपये के बजट से फ्लोटिंग बैरिकेडिंग लगवाई जाएगी। इससे गंगा में स्नान करने वाले दर्शनार्थियों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि शास्त्री पुल पर 1.13 करोड़ रुपये के बजट से जाली लगवाई जाएगी। इस पुल से कई बार लोगों के कूदने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसकी मांग पहले से की जाती रही है। अब यह काम शुक्रवार से शुरू होगा। अटल चौराहे पर नया हाईमास्ट लगवाया गया है। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र पूरी तरह तैयार है।