{"_id":"62780c319fe30d1f144601c4","slug":"top-tape-criminals-should-be-kept-under-surveillance-mirzapur-news-vns652427769","type":"story","status":"publish","title_hn":"टाप टेप अपराधियों पर रखी जाए निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टाप टेप अपराधियों पर रखी जाए निगरानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। पुलिस उपमहानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र रामकृष्ण भारद्वाज ने रविवार को ओबरा सर्किल के थानों ओबरा, हाथीनाला कोन, जुगैल में लंबित विवेचनाओं के संबंध में समीक्षा की। पाया कि सर्किल ओबरा में नकबजनी, वाहन चोरी की वारदातें काफी बढ़ी हैं। समीक्षा में टॉप-टेन अपराधियों पर निगरानी रखने का डीआईजी ने निर्देश दिया।
थाना ओबरा में गुंडा, एमबी एक्ट, आबकारी अधिनियम के अंतर्गत बहुत ही कम कार्रवाइयां की गई हैं। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि न ही प्रभारी निरीक्षकों और न ही सीओ ने सीसीटीएनएस के माध्यम से लंबित अभियोगों की समीक्षा की। लंबित अभियोगों के संबंध में क्षेत्राधिकारी समेत प्रभारी निरीक्षकों को सम्यक ज्ञान नहीं है। प्रभारी निरीक्षक ओबरा को हत्या के मुकदमा व मालखाने का चार्ज पूर्ण रूप से हेड मुहर्रिर को दिलाने के लिए 15 दिवस का समय प्रदान करते हुए वस्तुस्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया। सीसीटीएनएस के माध्यम से वस्तुस्थिति को देखकर क्षेत्राधिकारी विवेचकों को निर्देश जारी करें। इस दौरान क्षेत्राधिकारी कार्यालय में नियुक्त कांस्टेबल अरविंद यादव से सीसीटीएनएस के संबंध में पूछने पर भ्रामक जानकारी देने पर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को अर्दली रूम से जोड़कर दंडित करने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा अन्य विवेचनाओं का पर्यवेक्षण किया गया। इसमें महिला संबंधित अपराधों, एससी/एसटी, माफिया, थाने व जनपद के टॉप-10 अपराधियों के विरुद्ध गुंडा, गैंगस्टर के अंतर्गत जब्तीकरण कराते हुए ऐसे अपराधियों के जमानत निरस्तीकरण कराते हुए त्वरित कार्रवाई व कठोरतम कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया। समीक्षा बैठक के दौरान ओबरा सर्किल के क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक और संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
थाना ओबरा में गुंडा, एमबी एक्ट, आबकारी अधिनियम के अंतर्गत बहुत ही कम कार्रवाइयां की गई हैं। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि न ही प्रभारी निरीक्षकों और न ही सीओ ने सीसीटीएनएस के माध्यम से लंबित अभियोगों की समीक्षा की। लंबित अभियोगों के संबंध में क्षेत्राधिकारी समेत प्रभारी निरीक्षकों को सम्यक ज्ञान नहीं है। प्रभारी निरीक्षक ओबरा को हत्या के मुकदमा व मालखाने का चार्ज पूर्ण रूप से हेड मुहर्रिर को दिलाने के लिए 15 दिवस का समय प्रदान करते हुए वस्तुस्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया। सीसीटीएनएस के माध्यम से वस्तुस्थिति को देखकर क्षेत्राधिकारी विवेचकों को निर्देश जारी करें। इस दौरान क्षेत्राधिकारी कार्यालय में नियुक्त कांस्टेबल अरविंद यादव से सीसीटीएनएस के संबंध में पूछने पर भ्रामक जानकारी देने पर पुलिस अधीक्षक सोनभद्र को अर्दली रूम से जोड़कर दंडित करने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा अन्य विवेचनाओं का पर्यवेक्षण किया गया। इसमें महिला संबंधित अपराधों, एससी/एसटी, माफिया, थाने व जनपद के टॉप-10 अपराधियों के विरुद्ध गुंडा, गैंगस्टर के अंतर्गत जब्तीकरण कराते हुए ऐसे अपराधियों के जमानत निरस्तीकरण कराते हुए त्वरित कार्रवाई व कठोरतम कार्रवाई करने के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया। समीक्षा बैठक के दौरान ओबरा सर्किल के क्षेत्राधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक और संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन