फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Tied, tied empty, water is left only for a few days

Mirzapur News: बंधी, बंधे खाली, सिर्फ गिनेचुने दिनों के लिए बचा है पानी

Sun, 03 Sep 2023 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Sep 2023 12:42 AM IST
विज्ञापन
Tied, tied empty, water is left only for a few days
सावन मास बीत गए अभी तक बंधी और बंधे तक नहीं भरे हैं। बंधों में क्षमता से काफी कम पानी है। गिने चुने दिनों के लिए पानी होने से नहरों का संचालन तक नहीं हो पा रहा है। बारिश न हुई तो नहरों के सहारे गेहूं की बोआई कैसे होगी इसकी चिंता किसानों को सताए जा रही है।
विज्ञापन


मिर्जापुर व सोनभद्र दोनों जनपदों को मिलाकर कुल एक दर्जन बंधे हैं। जिसमें क्षमता से काफी पानी मौजूद हैं। बंधो में उपलब्ध पानी पर गौर करें तो 3000 घन मीटर क्षमता वाले अपर खजुरी बांध में 158 मीटर पानी है। जिससे केवल दिनों तक सिंचाई की जा सकती है। 47997 घन मीटर क्षमता वाले सिरसी बांध में 211.35 मीटर पानी है जिससे चौदह दिनों के लिए सिंचाई की जा सकती है।
विज्ञापन

इसी तरह 34356 घन मीटर क्षमता वाले अदवा बांध में 189.35 व 5235 घन मीटर क्षमता वाले सुखरा बांध में 181.81 घन मीटर पानी जो 47 दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इस समय दोनों बांध से जुड़े नहरों का संचालन जारी है। 1019 घन मीटर क्षमता वाले घोरी बांध में 184.58 मीटर पानी मौजूद है। जिससे केवल चार दिन के लिए सिंचाई की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

35488 घन मीटर क्षमता वाले मेजा डैम में 160.55 मीटर पानी है जो केवल आठ दिन के लिए। 4868 घन मीटर क्षमता वाले ढेकवा बांध में 130.75 मीटर 42 दिन के लिए पानी मौजूद है। 5122 घन मीटर क्षमता वाले डोगिया जलाशय में 162.19 मीटर पानी बचा हुआ है। 7952 घन मीटर क्षमता वाले अहरौरा जलाशय में 100.00 मीटर पानी उपलब्ध है।
उक्त दोनों जलाशय को मिलाकर महज सात दिन के लिए नहरों में पानी छोड़ा जा सकता है। इसी तरह 23489 घन मीटर क्षमता वाले जरगो जलाशय में वर्तमान जलस्तर 90.27 मीटर है जिससे 24 दिनों के लिए सिंचाई की जा सकती है। सोनभद्र के नगवा 17 दिन व धनरौल में केवल नौ दिनों के लिए पानी अवशेष बचा हुआ है।

पानी के अभाव में पटिहटा पंप कैनाल का संचालन ठप

पानी के अभाव में बरसात के मौसम में पटिहटा पंप का संचालन नहीं किया जा सका। जबकि किसान दिवस में जिलाधिकारी की ओर से संबंधित अधिकरियों को प्रत्येक हाल में पंप का संचालन शुरु किए जाने का निर्देश दिया गया था।
जिले में कुल 27 पंप कैनाल हैं। जिसमें पटिहटा पंप कैनाल का संचालन पूरी तरह बंद है। लोवर खजुरी बांध में सीपेज के चलते थोड़ा बहुत पानी खजुरी नदी में आ रहा है। खजुरी नदी में ककराही, दुल्हपुर व दुबेपुर में लघुडाल पंप कैनाल स्थापित किया गया है। 24 घंटे में नदी में सीपेज के सहारे आ रहे पानी से मात्र दो, चार घंटे के लिए लघुडाल पंप कैनाल का संचालन किया जा रहा है।

लघुडाल नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता दिलीप सोनकर ने बताया पटिहटा में पंप जमीन में धंसी हुई है। क्रेन के सहारे उसे खींचकर गहरे पानी में लाने का प्रयास किया गया। लेकिन जमीन में धंसे होने के कारण मेहनत विफल हो गया। अधिशासी अभियंता ने बताया पानी का सतह बढ़ने पर ही पंप का संचालन संभव है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed