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Mirzapur News: 14 साल बाद जमीन के मुकदमे का आया फैसला
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लालगंज। एसडीएम कोर्ट में 14 वर्ष से लंबित भूमि विवाद का सितंबर में निस्तारण हो गया। दोनों पक्षों को मिला तीन-तीन बिस्वा जमीन देने का फैसला किया गया।
दुबार कला निवासी रामपति ने वर्ष 2012 में मुकदमा दर्ज कर रजनी देवी के नाम दर्ज भूमि पर अपना अधिकार बताते हुए उसे अपने नाम दर्ज किए जाने की मांग की थी। मामले में अभिलेखों की जांच के बाद एसडीएम अजीत कुमार ने दोनों पक्षों के हिस्से का निर्धारण करते हुए वाद निस्तारित कर दिया।
रामपति का दावा था कि रजनी गांव निवासी रजनी देवी के नाम दर्ज भूमि पर शारदा, पारसनाथ और अमरनाथ का कब्जा है। उन्होंने प्रतिपक्षियों को हटाकर पूरी जमीन उनके नाम दर्ज किए जाने की मांग की थी। मुकदमे की सुनवाई और अभिलेखों की जांच में लंबा समय लगा। एसडीएम ने अभिलेखों में दर्ज तथ्यों और भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की। इसमें पाया गया कि रामपति तीन बिस्वा भूमि के हकदार हैं। शेष भूमि पर प्रतिपक्ष का अधिकार पाया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के हिस्से का निर्धारण करते हुए सितंबर में मुकदमे का निस्तारण कर दिया गया।
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दुबार कला निवासी रामपति ने वर्ष 2012 में मुकदमा दर्ज कर रजनी देवी के नाम दर्ज भूमि पर अपना अधिकार बताते हुए उसे अपने नाम दर्ज किए जाने की मांग की थी। मामले में अभिलेखों की जांच के बाद एसडीएम अजीत कुमार ने दोनों पक्षों के हिस्से का निर्धारण करते हुए वाद निस्तारित कर दिया।
रामपति का दावा था कि रजनी गांव निवासी रजनी देवी के नाम दर्ज भूमि पर शारदा, पारसनाथ और अमरनाथ का कब्जा है। उन्होंने प्रतिपक्षियों को हटाकर पूरी जमीन उनके नाम दर्ज किए जाने की मांग की थी। मुकदमे की सुनवाई और अभिलेखों की जांच में लंबा समय लगा। एसडीएम ने अभिलेखों में दर्ज तथ्यों और भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच की। इसमें पाया गया कि रामपति तीन बिस्वा भूमि के हकदार हैं। शेष भूमि पर प्रतिपक्ष का अधिकार पाया गया। इसके बाद दोनों पक्षों के हिस्से का निर्धारण करते हुए सितंबर में मुकदमे का निस्तारण कर दिया गया।
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