{"_id":"5f99bc278ebc3e9bbb18d72a","slug":"thieves-murdered-for-fear-of-being-caught-mirzapur-news-vns5552901137","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोरों ने पकड़े जाने के डर से कर दी हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चोरों ने पकड़े जाने के डर से कर दी हत्या
विज्ञापन
पड़री (मिर्जापुर)। दुबेपुर महेवा गांव के 10 वर्षीय सनी की हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। उसकी हत्या उसके घर में चोरी करने वालों ने की थी। उन्हें भय था कि ओझा की मदद से सनी उन्हें पहचान लेगा। इसी से उन्होंने उसकी हत्या कर शव को खजुरी नदी में फेंक दिया। पुलिस ने बुधवार सुबह दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक आरोपी फरार है।
दुबेपुर महेवा गांव के बलराम यादव का पुत्र सनी 17 अक्तूबर शनिवार को दोपहर बाद गाय चराने नदी की ओर गया था। शाम तक वापस नहीं आया तो घरवाले उसकी खोजबीन करने लगे। अगले दिन रविवार सुबह उसका शव खजुरी नदी में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि होने के बाद पुलिस छानबीन में जुट गई। एएसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि छानबीन में पता चला कि कुछ दिन पूर्व सनी के घर में चोरी हुई थी। उसके चाचा नेओझा की मदद से चोर का पता लगाने की बात कही। परिवारवाले ओझा के पास गए तो उसने कहा कि उसके बक्से में सिर्फ नौ से 14 वर्ष का बच्चा ही चोर को देख सकेगा। इस पर घरवाले सनी को ले गए। सनी ने बक्से में देखने के बाद कहा कि उसे एक आदमी दिखा है। यह बात चोरी करने वाले राजमनी, रामजी, बोधई आदि को पता चली तो वे परेशान हो गए। इस बीच सनी गाय चराने नदी की ओर गया तो राजमनी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसमें रामजी और बोधई भी शामिल थे। पड़री थानाध्यक्ष वेंकटेश तिवारी ने बोधई व रामजी को मोहनपुर पहाड़ी से गिरफ्तार कर लिया। जबकि नामजद आरोपी राजमनी और उसकी पत्नी शांति फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
विज्ञापन
दुबेपुर महेवा गांव के बलराम यादव का पुत्र सनी 17 अक्तूबर शनिवार को दोपहर बाद गाय चराने नदी की ओर गया था। शाम तक वापस नहीं आया तो घरवाले उसकी खोजबीन करने लगे। अगले दिन रविवार सुबह उसका शव खजुरी नदी में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि होने के बाद पुलिस छानबीन में जुट गई। एएसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि छानबीन में पता चला कि कुछ दिन पूर्व सनी के घर में चोरी हुई थी। उसके चाचा नेओझा की मदद से चोर का पता लगाने की बात कही। परिवारवाले ओझा के पास गए तो उसने कहा कि उसके बक्से में सिर्फ नौ से 14 वर्ष का बच्चा ही चोर को देख सकेगा। इस पर घरवाले सनी को ले गए। सनी ने बक्से में देखने के बाद कहा कि उसे एक आदमी दिखा है। यह बात चोरी करने वाले राजमनी, रामजी, बोधई आदि को पता चली तो वे परेशान हो गए। इस बीच सनी गाय चराने नदी की ओर गया तो राजमनी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसमें रामजी और बोधई भी शामिल थे। पड़री थानाध्यक्ष वेंकटेश तिवारी ने बोधई व रामजी को मोहनपुर पहाड़ी से गिरफ्तार कर लिया। जबकि नामजद आरोपी राजमनी और उसकी पत्नी शांति फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
विज्ञापन