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Mirzapur News: पांच किलोमीटर के दायरे में हर 100 मीटर पर एक गड्ढा
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शहर से गांव तक की सड़कों पर हर सौ मीटर पर हैं बड़े-बड़े गड्ढे।
- फोटो : संवाद
मिर्जापुर। वैसे तो जिले भर की सड़कों की हालत ठीक नहीं है। बरसात में नगर व मुख्यालय के सड़कों की हालत दयनीय हो गई है। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद नगर के हर मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। यह सब तीन साल पहले सीवर व पाइपलाइन के लिए खोजे गए गड्ढे के चलते अब हो रहा है। सीवर व पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढे को ठीक से पाटकर सड़कें नहीं बनाई गईं। इस कारण अब बारिश होने के बाद जगह-जगह गड्ढे हो रहे हैं। नगर का ऐसा कोई मार्ग नहीं है। जहां 500 मीटर भी बिना गड्ढे के जाया जा सके। हर 100 मीटर पर सड़क पर आपको एक गड्ढा मिल जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के सड़कों की हालत भी ठीक नहीं है।
पुुलिस लाइन से स्टेशन रोड पर 122 गड्ढे
मिर्जापुर। रेलवे स्टेशन से नगर में आने का सबसे प्रमुख मार्ग इस समय गड्ढे में तब्दील हो गया है। मार्ग पर प्रतिदिन कोई न कोई नया गड्ढा हो रहा है। सड़क बनाने की जगह सिर्फ गड्ढों को पाटा जा रहा है। पाटने के बाद बारिश होने पर वहां फिर गड्ढा हो जा रहा है। पुलिस लाइन से स्टेशन तक दो किलोमीटर मार्ग में 122 गड्ढे है। सड़क की हालत ये है कि पूरे मार्ग का निर्माण होना चाहिए, पर सिर्फ गड्ढो को गिट्टी से पाटने का कार्य किया जा रहा है।
तीन वर्ष से खराब है तीन किलोमीटर तक की सड़क
कछवां। कछवां चुनार स्टेट हाईवे से लिंक रोड सबेसर, पसियाहीं, धन्नूपुर तक जाने वाला दो किमी मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। यह सड़क पहले पक्की थी। अब सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि सड़क दिखाई ही नहीं देती है। गर्मियों में धूल उड़ती है अब बरसात में गड्ढों में पानी भर जाता है। इस सड़क से सैकड़ों किसान सब्जी लेकर कछवां रोड सब्जी मंडी जाते हैं। वाहन पलटने का डर रहता है। मार्ग से प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार लोगों का आवागमन होता है। 2022 में धन्नूपुर गांव के लोगों ने सड़क की निर्माण न होने पर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। गांव के सामने बोर्ड लगाकर राजनीतिक पार्टियों को आने से रोका गया था। चुनाव से पहले अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि सड़क बनवा दी जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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छह माह पहले हुआ था नवीनीकरण, फिर हो गए गड्ढे
संवाद न्यूज एजेंसी जिगना। छानबे विधानसभा की वैसे तो दो दर्जन से अधिक मार्ग क्षतिग्रस्त है। जिस पर आवागमन करना बहुत मुश्किल है। इनमें से एक मिर्जापुर- प्रयागराज मार्ग से निकली तीन किमी जिगना-कुशहा मार्ग की मरम्मत लगभग छह महीने पहले कराया गया था। सड़क बनने के बाद फिर से क्षतिग्रस्त हो गई है। पूरे मार्ग पर 70 से 80 गड़्ढे है। बरसात में गड्ढो में पानी भर जाता है। गड्ढा दिखाई नहीं देता है। इस कारण लोग गिर जाते है। मार्ग से होकर प्रतिदिन 15 गांव से अधिक एक से डेढ़ हजार लोग गुजरते है।
छानबे विधायक के घर का संपर्क मार्ग ही खराब
पटेहरा। विकास खंड क्षेत्र के पटेहरा कला स्थित छानबे विधायक रिंकी कोल के घर तक जाने वाला संपर्क पिछले एक वर्षों से गड्ढे में तब्दील हो गया है। कलवारी मार्ग से छानबे विधायक के घर तक लगभग एक किलोमीटर संपर्क मार्ग पर 50 से अधिक गड्ढे हो गए हैं। पांच वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी ने मार्ग का मरम्मत कराया था। यह मार्ग रामपुर, रेक्सा, बनकी समेत कई गांवों को ब्लॉक मुख्यालय से भी जोड़ता है। पटेहरा कला ब्लॉक मुख्यालय से कलवारी संपर्क मार्ग तक एक किलोमीटर का संपर्क मार्ग में कई गड्ढे हो गए है।
पुलिस लाइन-स्टेशन रोड और पक्के पोखरा मार्ग पर जल निगम द्वारा कार्य कराया जा रहा है। इस कारण सड़कें खराब है। जल निगम को ही दो वर्ष तक इन सड़कों का निर्माण कराना है। जलनिगम की ओर से हो रहे गड्ढों को पाटा जा रहा है। अन्य जो सड़कें खराब है। उसके लिए मरम्मत के लिए कार्ययोजना भेजी गई है।
जर्नादन यादव, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग
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पुुलिस लाइन से स्टेशन रोड पर 122 गड्ढे
मिर्जापुर। रेलवे स्टेशन से नगर में आने का सबसे प्रमुख मार्ग इस समय गड्ढे में तब्दील हो गया है। मार्ग पर प्रतिदिन कोई न कोई नया गड्ढा हो रहा है। सड़क बनाने की जगह सिर्फ गड्ढों को पाटा जा रहा है। पाटने के बाद बारिश होने पर वहां फिर गड्ढा हो जा रहा है। पुलिस लाइन से स्टेशन तक दो किलोमीटर मार्ग में 122 गड्ढे है। सड़क की हालत ये है कि पूरे मार्ग का निर्माण होना चाहिए, पर सिर्फ गड्ढो को गिट्टी से पाटने का कार्य किया जा रहा है।
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तीन वर्ष से खराब है तीन किलोमीटर तक की सड़क
कछवां। कछवां चुनार स्टेट हाईवे से लिंक रोड सबेसर, पसियाहीं, धन्नूपुर तक जाने वाला दो किमी मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। यह सड़क पहले पक्की थी। अब सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि सड़क दिखाई ही नहीं देती है। गर्मियों में धूल उड़ती है अब बरसात में गड्ढों में पानी भर जाता है। इस सड़क से सैकड़ों किसान सब्जी लेकर कछवां रोड सब्जी मंडी जाते हैं। वाहन पलटने का डर रहता है। मार्ग से प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार लोगों का आवागमन होता है। 2022 में धन्नूपुर गांव के लोगों ने सड़क की निर्माण न होने पर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया था। गांव के सामने बोर्ड लगाकर राजनीतिक पार्टियों को आने से रोका गया था। चुनाव से पहले अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि सड़क बनवा दी जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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छह माह पहले हुआ था नवीनीकरण, फिर हो गए गड्ढे
संवाद न्यूज एजेंसी जिगना। छानबे विधानसभा की वैसे तो दो दर्जन से अधिक मार्ग क्षतिग्रस्त है। जिस पर आवागमन करना बहुत मुश्किल है। इनमें से एक मिर्जापुर- प्रयागराज मार्ग से निकली तीन किमी जिगना-कुशहा मार्ग की मरम्मत लगभग छह महीने पहले कराया गया था। सड़क बनने के बाद फिर से क्षतिग्रस्त हो गई है। पूरे मार्ग पर 70 से 80 गड़्ढे है। बरसात में गड्ढो में पानी भर जाता है। गड्ढा दिखाई नहीं देता है। इस कारण लोग गिर जाते है। मार्ग से होकर प्रतिदिन 15 गांव से अधिक एक से डेढ़ हजार लोग गुजरते है।
छानबे विधायक के घर का संपर्क मार्ग ही खराब
पटेहरा। विकास खंड क्षेत्र के पटेहरा कला स्थित छानबे विधायक रिंकी कोल के घर तक जाने वाला संपर्क पिछले एक वर्षों से गड्ढे में तब्दील हो गया है। कलवारी मार्ग से छानबे विधायक के घर तक लगभग एक किलोमीटर संपर्क मार्ग पर 50 से अधिक गड्ढे हो गए हैं। पांच वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी ने मार्ग का मरम्मत कराया था। यह मार्ग रामपुर, रेक्सा, बनकी समेत कई गांवों को ब्लॉक मुख्यालय से भी जोड़ता है। पटेहरा कला ब्लॉक मुख्यालय से कलवारी संपर्क मार्ग तक एक किलोमीटर का संपर्क मार्ग में कई गड्ढे हो गए है।
पुलिस लाइन-स्टेशन रोड और पक्के पोखरा मार्ग पर जल निगम द्वारा कार्य कराया जा रहा है। इस कारण सड़कें खराब है। जल निगम को ही दो वर्ष तक इन सड़कों का निर्माण कराना है। जलनिगम की ओर से हो रहे गड्ढों को पाटा जा रहा है। अन्य जो सड़कें खराब है। उसके लिए मरम्मत के लिए कार्ययोजना भेजी गई है।
जर्नादन यादव, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग