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मिर्जापुर: रंगदारी और कंपनी में वर्चस्व बनाने के लिए की गई थी कंपनी के टेक्निकल डायरेक्टर की हत्या, मुख्य आरोपी फरार 

Thu, 08 Oct 2020 12:16 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 08 Oct 2020 12:16 AM IST
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The technical director of the company was killed for extortion and domination in the company
सांकेतिक चित्र - फोटो : social media

मिर्जापुर जिले के चुनार के कबीर मठ के पास इस्पात कंपनी के टेक्निकल डायरेक्टर जिवनंदी रथ हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस हत्या की वजह रंगदारी और कंपनी में वर्चस्व बता रही है, पर कई सवालों पर वह खुद उलझी नजर आ रही है।

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पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त असलहा भी बरामद करने का दावा किया है। हत्याकांड का मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस लाइन के मनोरजंन कक्ष में प्रभारी एसपी संजय कुमार ने हत्याकांड का खुलासा करने के दौरान बताया कि हत्या के कई कारण हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हत्या की मुख्य वजह का खुलासा किया जाएगा।
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उड़ीसा के अंगुल जिले के थाना तलचर साही गुरुदावली निवासी जिवनंदी रथ चुनार के धौहां स्थित शांति गोपाल कानकास्ट लिमिटेड में टेक्निकल डायरेक्टर थे। 27 सितंबर की रात को कबरी मठ के पास बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।  उनके सहयोगी किशोर कुमार दास गोली लगने से घायल हो गए। एक अनय साथी सुमित मोहंती जान बचाकर किसी तरह भाग गया था।
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पुलिस ने मंगलवार की रात मोहम्मदपुर मड़ई के पास से हत्या में शामिल भोनू उर्फ अजय यादव निवासी सरैया सिकंदरपुर थाना चुनार और अनिल यादव निवासी बेलबीर थाना चुनार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के पास से बाइक और भोनू के पास से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और मैगजीन बरामद कर ली। मुख्य आरोपी अभी फरार है। 

 

वाराणसी के एक बड़े शूटर का भी नाम

मिर्जापुर। पुलिस ने जिवनंदी हत्याकांड के दो आरोपियों को पकड़ लिया पर अभी मुख्य आरोपी पकड़ से दूर है। मुख्य आरोपी वाराणसी का बड़ा शूटर है। वह पूर्वांचल के एक एमएलसी का करीबी  है। उस पर हत्या समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।  घटनास्थल पर आठ राउंड फायरिंग हुई थी। अभी एक पिस्टल बरामद हुई है। पिस्टल में छह गोली रहती है।

लेकिन मौके से आठ खोखे बरामद हुए थे। इससे अंदेशा है कि घटना में दो हथियारों का इस्तेमाल हुआ है, लेकिन दूसरा हथियार बरामद नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि दूसरी पिस्टल से फायरिंग करने वाला वाराणसी का शूटर है। उसके दो से तीन साथी भी हैं। पुलिस ने शूटर को पकड़ने के लिए मंगलवार को वाराणसी में दबिश दी थी।

जिवनंदी की ईमानदारी हजम नहीं हुई

 जिवनंदी कम समय में कंपनी के बड़े ओहदे पर पहुंच गए थे।जिवनंदी की देखरेख में कंपनी अच्छा व्यापार कर रही थी। अपनी ईमानदार छवि के चलते वह कंपनी मालिक के विश्वासपात्र बन गए थे। जिवनंदी को 65 हजार वेतन और 15 हजार अन्य खर्च मिलता था। फैक्ट्री में मालिक के बाद उनकी चलती थी। उनकी तरक्की और ईमानदार छवि विरोधियों को हजम नहीं हुई। जिवनंदी कई लोगों की नजर में खटक रहा था।

इसलिए सभी उसे रास्ते से हटाने के लिए एक हो गए। जिवनंदी  कंपनी में बतौर इंजीनियर नियुक्त हुआ था। वह टेक्निकल मामलों का जानकार था। उसके कार्य को देखते हुए कंपनी के मालिक ने उसे टेक्निकल डायरेक्टर बना दिया। अनिल और भोनू भी कंपनी में काम करते थे। भोनू की ट्रैक्टर कंपनी में लगी थी। भोनू दबदबा बनाने के लिए अपना ट्रैक्टर पहले लगाता था, पर जिवनंदी के डायरेक्टर बनने के बाद सब नियम पूर्वक चलने लगा। 

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