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संवैधानिक दर्जा दिलाने को लेकर अपना दल ने भरी हुंकार
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Fri, 23 Jan 2015 12:16 AM IST
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राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग को लेकर अपना दल की ओर से गुरुवार को सिटी क्लब में धरना-प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया जाना अत्यंत आवश्यक है।
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अन्य पिछड़ी जातियां देश की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत हैं, लेकिन सामाजिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़ेपन का शिकार हैं।
ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि धारा-340 के तहत 90 के दशक मे मंडल कमिशन की स्थापना हुई और सरकारी प्रतिष्ठानों में 27 प्रतिशत के आरक्षण की व्यवस्था अन्य पिछड़ी जातियों को देना तय किया गया, लेकिन मंडल कमीशन के लागू होने के कई वर्षों बाद भी अन्य पिछड़ी जातियाें को 27 प्रतिशत प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है।
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सरकारी नौकरियों में पिछड़ी जातियाें का प्रतिनिधित्व केवल 4.7 प्रतिशत ही पहुंच पाया है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। इस दौरान जिलाध्यक्ष रमाशंकर पटेल, रमाकांत पटेल, रामलाल, तेजबली, श्याम सुंदर, घनश्याम पटेल, आदि उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया जाना अत्यंत आवश्यक है।
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अन्य पिछड़ी जातियां देश की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत हैं, लेकिन सामाजिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़ेपन का शिकार हैं।
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ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि धारा-340 के तहत 90 के दशक मे मंडल कमिशन की स्थापना हुई और सरकारी प्रतिष्ठानों में 27 प्रतिशत के आरक्षण की व्यवस्था अन्य पिछड़ी जातियों को देना तय किया गया, लेकिन मंडल कमीशन के लागू होने के कई वर्षों बाद भी अन्य पिछड़ी जातियाें को 27 प्रतिशत प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है।
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सरकारी नौकरियों में पिछड़ी जातियाें का प्रतिनिधित्व केवल 4.7 प्रतिशत ही पहुंच पाया है, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। इस दौरान जिलाध्यक्ष रमाशंकर पटेल, रमाकांत पटेल, रामलाल, तेजबली, श्याम सुंदर, घनश्याम पटेल, आदि उपस्थित रहे।