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Mirzapur News: कमिश्नर के जनसुनवाई के बारे में पूछने पर एसडीएम ने जताई अनभिज्ञता

Wed, 24 Jun 2026 01:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:24 AM IST
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The SDM expressed ignorance when asked about the Commissioner's public hearing.
महिला के मामले में एसडीएम सदर के जवाब से नाराज हुए मंडलायुक्त, दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
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वरासत प्रकरण के निस्तारण में ढाई वर्ष की देरी पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जनसुनवाई करने संबंधी निर्देश की जानकारी एसडीएम सदर महेंद्र सिंह को जानकारी ही नहीं। 30 महीने पुराने वरासत के मामले को लेकर जब पूजा देवी ने मंडलायुक्त राजेश प्रकाश से शिकायत की, तो उन्होंने एसडीएम सदर से पूछताछ की। एसडीएम के यह कहे जाने पर कि उन्हें सुबह कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई के किसी निर्देश की जानकारी नहीं है, मंडलायुक्त ने कड़ी चेतावनी दी। कहा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही और उदासीनता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मंडलायुक्त ने आईजीआरएस, जनसुनवाई और राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक अधिकारी और मजिस्ट्रेट सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करें। शिकायतों का समयबद्ध और संतुष्टिपूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। मंडलायुक्त के समक्ष पूजा देवी ने शिकायत की कि पंजीकृत वसीयत से संबंधित वरासत का प्रकरण नायब तहसीलदार मिर्जापुर के यहां काफी समय से लंबित है। आरोप था कि नायब तहसीलदार को व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायती पत्र भेजने तथा दूरभाष पर फीडबैक लेने का प्रयास करने पर बार-बार फोन काट दिया जाता रहा।
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इस पर मंडलायुक्त ने संयुक्त मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी सदर महेंद्र सिंह से दूरभाष पर वार्ता की और संबंधित नायब तहसीलदार को तत्काल कार्यालय में बुलाकर बातचीत कराने को कहा। इस पर उप जिलाधिकारी सदर ने बताया कि नायब तहसीलदार को क्षेत्र में भेजा गया है।
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मंडलायुक्त ने उन्हें मुख्यमंत्री के उस निर्देश की याद दिलाई, जिसके अनुसार सुबह 10 बजे से 12 बजे तक प्रत्येक अधिकारी को कार्यालय में बैठकर जनसुनवाई करनी है। उन्होंने यह भी पूछा कि उक्त अवधि में नायब तहसीलदार को क्षेत्र में क्यों भेजा गया। इस पर उप जिलाधिकारी सदर ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी निर्देश की जानकारी नहीं है। मंडलायुक्त ने कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जनसुनवाई और राजस्व वादों के निस्तारण में इस प्रकार का लापरवाहीपूर्ण रवैया और पर्यवेक्षण उचित नहीं है।
इनसेट
जिलाधिकारी तय करें जिम्मेदारी
मिर्जापुर। मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने जिलाधिकारी मिर्जापुर पवन कुमार गंगवार को निर्देश दिया कि वरासत प्रकरण के निस्तारण में ढाई वर्ष की देरी के लिए जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इनसेट
सदर तहसील में 600 से अधिक प्रकरण पोर्टल पर दर्ज ही नहीं
सदर तहसील में 600 से अधिक प्रकरण पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बड़ी संख्या में वादों को पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया है। ऐसे में उनके निस्तारण में समस्या आ रही है।
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