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मां के भव्य स्वरूप का दर्शन कर हुए निहाल
ब्यूरो मिर्जापुर अमर उजाला
Updated Mon, 15 Jun 2015 12:39 AM IST
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आसाढ़ कृष्ण त्रयोदशी तिथि पर विंध्य दरबार में दर्शन-पूजन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
गंगा स्नान करने के बाद मंदिर पहुंचे भक्तों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि के लिए कामना किया।
घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा और माता के जयकारे से धाम परिसर गुंजायमान हो रहा था। जगत जननी का फूलों से किया गया भव्य श्रृंगार दर्शन कर आस्थावान भावविह्वल हो उठे।
मंदिर की छत पर जहां एक ओर कतार में बैठकर साधक पूजन-अनुष्ठान में तल्लीन रही, वहीं दूसरी ओर विधिवत मुंडन संस्कार चलता रहा।
रविवार की भोर से ही मां के दरबार में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक चलता रहा। न्यू वीआई और पुरानी वीआईपी रोड सहित बच्चा पाठक की गली, जैपुरिया गली, सहित अन्य गलियों में कतार लगी रही।
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गंगा स्नान करने के बाद मंदिर पहुंचे भक्तों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि के लिए कामना किया।
घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा और माता के जयकारे से धाम परिसर गुंजायमान हो रहा था। जगत जननी का फूलों से किया गया भव्य श्रृंगार दर्शन कर आस्थावान भावविह्वल हो उठे।
मंदिर की छत पर जहां एक ओर कतार में बैठकर साधक पूजन-अनुष्ठान में तल्लीन रही, वहीं दूसरी ओर विधिवत मुंडन संस्कार चलता रहा।
रविवार की भोर से ही मां के दरबार में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक चलता रहा। न्यू वीआई और पुरानी वीआईपी रोड सहित बच्चा पाठक की गली, जैपुरिया गली, सहित अन्य गलियों में कतार लगी रही।
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