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साढ़े आठ घंटे शिक्षण का आदेश वापस लिया जाए
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मिर्जापुर। महुवरिया स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर सोमवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय नेतृत्व के आवाह्न पर शिक्षकों ने विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। शिक्षकों ने कहा कि मुख्य समस्या दो पालियों की है। जिसमें शिक्षकों को लगातार साढ़े आठ घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है।
इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि शासन स्तर पर विद्यालय का समय सुबह आठ बजे से लेकर शाम साढ़े चार बजे तक किया गया है। जिसके कारण शिक्षकों को साढ़े आठ घंटे विद्यालयों में रहकर अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है जो कि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के खिलाफ है। इसे वापस लिया जाए। नवीन पेंशन योजना अलाभकारी है, इसे समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को पुन: बहाल किया जाए। इसी प्रकार वक्ताओं ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से वित्तविहीन विद्यालयों का शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। उसकी जीविका पर घोर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इन शिक्षकों की सेवा नियमावली बनायी जाय। शिक्षकों की पदोन्नति के उपरांत व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। इसके साथ ही साथ स्थानीय स्तर पर जिले के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं जैसे समय से वेतन भुगतान, बकाया एरियर का भुगतान का सरकारी अंशदान को अधतन करना, टीडीएस कटौती में शिक्षकों से कोई भुगतान ना लेना, चयन वेतनमान की पपत्र विद्यालय से मंगाना,के समाधान के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक मिर्जापुर को एक मांग पत्र सौंपा गया। इस अवसर पर विनोद मिश्रा,प्रशांत वर्मा, जगत बहादुर पटेल, श्रीश श्रीवास्तव, सागर लाल सोनकर, रघुराज सिंह, पंकज श्रीवास्तव, टी एन सिंह,राम नारायण सिंह , भूपेश सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह ,रत्नेश सिंह, अमरेश सिंह,मुखराम, अशोक भारती, महेंद्र प्रताप,लाल बिहारी आदि थे। अध्यक्षता विनय कुमार सिंह व संचालन पंकज श्रीवास्तव ने किय।
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इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि शासन स्तर पर विद्यालय का समय सुबह आठ बजे से लेकर शाम साढ़े चार बजे तक किया गया है। जिसके कारण शिक्षकों को साढ़े आठ घंटे विद्यालयों में रहकर अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है जो कि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के खिलाफ है। इसे वापस लिया जाए। नवीन पेंशन योजना अलाभकारी है, इसे समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को पुन: बहाल किया जाए। इसी प्रकार वक्ताओं ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से वित्तविहीन विद्यालयों का शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। उसकी जीविका पर घोर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इन शिक्षकों की सेवा नियमावली बनायी जाय। शिक्षकों की पदोन्नति के उपरांत व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। इसके साथ ही साथ स्थानीय स्तर पर जिले के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं जैसे समय से वेतन भुगतान, बकाया एरियर का भुगतान का सरकारी अंशदान को अधतन करना, टीडीएस कटौती में शिक्षकों से कोई भुगतान ना लेना, चयन वेतनमान की पपत्र विद्यालय से मंगाना,के समाधान के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक मिर्जापुर को एक मांग पत्र सौंपा गया। इस अवसर पर विनोद मिश्रा,प्रशांत वर्मा, जगत बहादुर पटेल, श्रीश श्रीवास्तव, सागर लाल सोनकर, रघुराज सिंह, पंकज श्रीवास्तव, टी एन सिंह,राम नारायण सिंह , भूपेश सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह ,रत्नेश सिंह, अमरेश सिंह,मुखराम, अशोक भारती, महेंद्र प्रताप,लाल बिहारी आदि थे। अध्यक्षता विनय कुमार सिंह व संचालन पंकज श्रीवास्तव ने किय।
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