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नहीं उठ रहा जारी नंबर, मरीजों को हो रही परेशानी
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मिर्जापुर। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए मंडलीय अस्पताल के ओपीडी को बंद तो कर दिया गया है। अन्य बीमारी से परेशान मरीजों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अन्य लोगों से परेशान मरीज अस्पताल का चक्कर लगाकर कोविड की चपेट में आ जा रहा है। जिला प्रशासन ने मरीजों को टेलीफोनिक सुविधा के लिए 15 प्राइवेट डाक्टर का नंबर जारी किया है, पर इन नंबरों पर मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे लोग काफी परेशान हैं।
कोविड-संक्रमण को देखते हुए अन्य रोगों से बीमार लोग अस्पताल न आए, इसके लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न रोग से संबंधित विशेषज्ञ निजी डाक्टरों का मोबाइल नंबर जारी किया। नंबर जारी होने के बाद मंडलीय अस्पताल की ओपीडी भी बंद कर दी गई। ओपीडी बंद कर दिए जाने से मरीजों की समस्या बढ़ गई है। मंडलीय अस्पताल में इस समय सिर्फ इमरजेंसी सेवा चल रही है। इमरजेंसी में मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। सांस आदि के मरीज जाने पर उनको कोविड टेस्ट कराने के लिए बोल दिया जा रहा है। इस समय वायरल फीवर, टायफाइड और मलेरिया के चलते भी लोग बीमार पड़ रहे है। मरीज जिला प्रशासन की ओर से जारी नंबर पर फोन करते है तो या तो फोन नहीं लगता है, और लगता है तो डाक्टर बहाना बनाकर फोन काट दे रहे है।
सीएमओ डा. पीडी गुप्ता का कहना है कि प्राइवेट डाक्टर सहयोग नहीं कर रहे है। इसकी शिकायत मिली है। एसआईसी से बात कर मंडलीय अस्पताल के डाक्टर का नंबर टेलीफोनिक सेवा के लिए जारी किया जाए।
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कोविड-संक्रमण को देखते हुए अन्य रोगों से बीमार लोग अस्पताल न आए, इसके लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न रोग से संबंधित विशेषज्ञ निजी डाक्टरों का मोबाइल नंबर जारी किया। नंबर जारी होने के बाद मंडलीय अस्पताल की ओपीडी भी बंद कर दी गई। ओपीडी बंद कर दिए जाने से मरीजों की समस्या बढ़ गई है। मंडलीय अस्पताल में इस समय सिर्फ इमरजेंसी सेवा चल रही है। इमरजेंसी में मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। सांस आदि के मरीज जाने पर उनको कोविड टेस्ट कराने के लिए बोल दिया जा रहा है। इस समय वायरल फीवर, टायफाइड और मलेरिया के चलते भी लोग बीमार पड़ रहे है। मरीज जिला प्रशासन की ओर से जारी नंबर पर फोन करते है तो या तो फोन नहीं लगता है, और लगता है तो डाक्टर बहाना बनाकर फोन काट दे रहे है।
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सीएमओ डा. पीडी गुप्ता का कहना है कि प्राइवेट डाक्टर सहयोग नहीं कर रहे है। इसकी शिकायत मिली है। एसआईसी से बात कर मंडलीय अस्पताल के डाक्टर का नंबर टेलीफोनिक सेवा के लिए जारी किया जाए।
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