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Mirzapur News: लगातार छठे दिन 43 डिग्री रहा पारा, न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री पर स्थिर
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मिर्जापुर। पिछले एक हफ्ते से भीषण गर्मी और लू से जनजीवन झुलस रहा है। दिन और रात तपिश से लोग बेहाल हैं। जिले में लगातार छठे दिन बृहस्पतिवार को भी अधिकतम तापमान 43 डिग्री पर बना रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान भी तीन दिन से 30 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है। ऐसे में कूलर भी बेदम साबित हो रहे हैं। वहीं, रात में भी गर्म हवाओं से लू का अहसास हो रहा है।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही तेज धूप बेहाल करने लगी थी। 10 बजे से गर्म हवाएं चलने से लोग घरों में दुबक गए। दोपहर में कुछ बादल छाने राहत की उम्मीद दिखी लेकिन उमस ने बेहाल कर दिया। कुछ देर बाद फिर से तेज धूप निकल आई। दोपहर में सड़कों में सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम से घर से निकल लोग भी सिर पर गमछा व दुपट्टा रखकर तीखी धूप से बचाव की कोशिश करते दिखे। तेज धूप व गर्मी से मां विंध्यवासिनी के दर्शन को आए श्रद्धालु परेशान दिखे। तपती रेती व विंध्य कॉरिडोर के तपते पत्थर मैट बिछाने के बावजूद जल रहे थे। गर्मी का सितम सूरज ढलने के बाद भी जारी रहा।
वहीं, भीषण गर्मी से धान की नर्सरी सूखने लगी है, जिससे किसान परेशान हैं। हरिहरपुर बेदौली निवासी किसान राज कुमार दुबे व खजुरी गांव निवासी किसान पतालू प्रजापति का कहना है कि बार-बार सींचने से नर्सरी गलने की आशंका सता रही है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के तकनीकी अधिकारी मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि फिलहाल उमस भरी गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। न्यूनतम तापमान बढ़ने से शाम को भी गर्म हवाएं चलेंगी।
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बृहस्पतिवार को सुबह से ही तेज धूप बेहाल करने लगी थी। 10 बजे से गर्म हवाएं चलने से लोग घरों में दुबक गए। दोपहर में कुछ बादल छाने राहत की उम्मीद दिखी लेकिन उमस ने बेहाल कर दिया। कुछ देर बाद फिर से तेज धूप निकल आई। दोपहर में सड़कों में सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम से घर से निकल लोग भी सिर पर गमछा व दुपट्टा रखकर तीखी धूप से बचाव की कोशिश करते दिखे। तेज धूप व गर्मी से मां विंध्यवासिनी के दर्शन को आए श्रद्धालु परेशान दिखे। तपती रेती व विंध्य कॉरिडोर के तपते पत्थर मैट बिछाने के बावजूद जल रहे थे। गर्मी का सितम सूरज ढलने के बाद भी जारी रहा।
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वहीं, भीषण गर्मी से धान की नर्सरी सूखने लगी है, जिससे किसान परेशान हैं। हरिहरपुर बेदौली निवासी किसान राज कुमार दुबे व खजुरी गांव निवासी किसान पतालू प्रजापति का कहना है कि बार-बार सींचने से नर्सरी गलने की आशंका सता रही है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के तकनीकी अधिकारी मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि फिलहाल उमस भरी गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। न्यूनतम तापमान बढ़ने से शाम को भी गर्म हवाएं चलेंगी।
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