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Mirzapur News: एक घंटे में बिजली आ जाएगी... भरोसे में बीत गई पूरी रात, उमस में तड़पते रहे ग्रामीण
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- 15 से 20 गांवों के 30000 से अधिक ग्रामीण हुए प्रभावित
लालगंज। हल्की बरसात और तेज हवा अब लालगंज ब्लॉक के ग्रामीणों के लिए परेशानी का पर्याय बन चुकी है। ग्रामीण फीडरों में बार-बार आने वाले फॉल्ट से बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे उपकेंद्र लालगंज, बस्तरा, गड़बड़ गांव के कठवार फीडर, खरिहट, लहंगपुर तथा कोठी फीडर से जुड़े 15 से 20 गांवों के करीब 30000 लोगों को रात जागकर बितानी पड़ी।
ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार की रात में बिजली गुल होने के बाद आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करते-करते पूरी रात निकल गई। कोठी गांव के सिद्धनाथ सुरेश ने बताया कि उन्होंने रात में अवर अभियंता से बिजली आने का समय पूछा तो जवाब मिला कि एक घंटे में आपूर्ति बहाल हो जाएगी। लेकिन इसके बाद पूरी रात बीत गई और बिजली नहीं आई। इससे लोगों को भीषण उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। बस्तरा निवासी रीता देवी ने बताया कि बिजली न रहने से छोटे-छोटे बच्चे पूरी रात गर्मी से रोते रहे। बसेरा गांव के राजेश ने कहा कि बुखार से पीड़ित होने के बावजूद बिजली न होने से रातभर आराम नहीं मिल सका। बस्तरा की नवविवाहिता मनीषा ने कहा कि लगातार हो रही कटौती से ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान होना चाहिए। अवर अभियंता रामकेश सिंह ने बताया कि हल्की फुहार और हवा के कारण जहां-जहां फॉल्ट की सूचना मिलती है। वहां तत्काल कर्मचारियों को भेजकर खराबी दूर कराई जाती है। फॉल्ट ठीक होते ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाती है।
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लालगंज। हल्की बरसात और तेज हवा अब लालगंज ब्लॉक के ग्रामीणों के लिए परेशानी का पर्याय बन चुकी है। ग्रामीण फीडरों में बार-बार आने वाले फॉल्ट से बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे उपकेंद्र लालगंज, बस्तरा, गड़बड़ गांव के कठवार फीडर, खरिहट, लहंगपुर तथा कोठी फीडर से जुड़े 15 से 20 गांवों के करीब 30000 लोगों को रात जागकर बितानी पड़ी।
ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार की रात में बिजली गुल होने के बाद आपूर्ति बहाल होने का इंतजार करते-करते पूरी रात निकल गई। कोठी गांव के सिद्धनाथ सुरेश ने बताया कि उन्होंने रात में अवर अभियंता से बिजली आने का समय पूछा तो जवाब मिला कि एक घंटे में आपूर्ति बहाल हो जाएगी। लेकिन इसके बाद पूरी रात बीत गई और बिजली नहीं आई। इससे लोगों को भीषण उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। बस्तरा निवासी रीता देवी ने बताया कि बिजली न रहने से छोटे-छोटे बच्चे पूरी रात गर्मी से रोते रहे। बसेरा गांव के राजेश ने कहा कि बुखार से पीड़ित होने के बावजूद बिजली न होने से रातभर आराम नहीं मिल सका। बस्तरा की नवविवाहिता मनीषा ने कहा कि लगातार हो रही कटौती से ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान होना चाहिए। अवर अभियंता रामकेश सिंह ने बताया कि हल्की फुहार और हवा के कारण जहां-जहां फॉल्ट की सूचना मिलती है। वहां तत्काल कर्मचारियों को भेजकर खराबी दूर कराई जाती है। फॉल्ट ठीक होते ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाती है।
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