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Mirzapur News: जर्जर तार बदलने की मियाद करीब, 30 फीसदी से ज्यादा काम बाकी
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मिर्जापुर। जिले में 210 करोड़ की रिवैंप्ड योजना के बाद भी जिले के बड़े क्षेत्रफल में जर्जर तारों को बदलने का काम पूरा नहीं हो पाया है। इस महीने मियाद बीतने वाली है लेकिन अभी भी 30 फीसदी से ज्यादा काम बाकी है। इसके चलते ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह तार लटक रहे हैं। गर्मी में हवा के झोंके से तार टूटकर गिर रहे हैं, जिससे लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
रिवैंप्ड योजना के तहत जिले में 33 केवीए के 286 किलोमीटर तार बदले जाने हैं लेकिन अभी तक मात्र 141 सर्किट किलोमीटर तार ही बदले जा सके हैं। 11 केवीए के 5442 सर्किट किलोमीटर लंबे तार बदले जाने थे। उसमें से आधे से भी कम काम हुआ है। अभी तक 2584 सर्किट किलोमीटर तार बदले गए हैं।
इसी प्रकार एलटी लाइन के 17060 सर्किट किलोमीटर तार बदले जाने थे लेकिन अभी मात्र 14266 सर्किट किलोमीटर ही बदले गए हैं। अधीक्षण अभियंता रामदास ने बताया कि जून 2025 तक काम पूरा करना था लेकिन अभी तक 70 फीसदी ही हुआ है। चुनार : पिरल्लीपुर उपकेंद्र के अंतर्गत 30 किलोमीटर बिजली का तार बदला जाना था। 315 खंभे लगाए जाने थे। उपखंड अधिकारी जेके पटेल ने बताया कि 15 किमी तार बदले जा चुके हैं और 115 खंभे लगाएं गए हैं। शेष काम भी शीघ्र पूरा कराया जाएगा।
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लालगंज : क्षेत्र के वर्षों पुराने जर्जर तार लालगंज वस्त्ररा फीडर, लालगंज तुलसी का तार नहीं बदल गया है। जिसके कारण हवा के झोंके से ब्रेक डाउन हो जाता है। जमालपुर: क्षेत्र के नरायनपुर विद्युत उपकेंद्र और घरवाह विद्युत उपकेंद्र के हर फीडर में आठ 10 किलोमीटर तार जर्जर है, उन्हें नहीं बदला गया।
राजगढ़ : विद्युत उपकेंद्र राजगढ़ की ओर से छह फीडरों के माध्यम से 70 गांव की बिजली की सप्लाई की जा रही है। जिसमें से राजगढ़ फीडर और खोराडीह 10 से 12 किलोमीटर की लंबी लाइन है। यह तार जर्जर हो गया है। कई शिकायतों के बाद भी आज तक नहीं बदल गया। हल्की सी आंधी आने पर तार टूट कर गिर जाते हैं। गर्मी में आए दिन बिजली का तार टूटने से गेहूं की फसलों में आग लग जाती है।
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रिवैंप्ड योजना के तहत जिले में 33 केवीए के 286 किलोमीटर तार बदले जाने हैं लेकिन अभी तक मात्र 141 सर्किट किलोमीटर तार ही बदले जा सके हैं। 11 केवीए के 5442 सर्किट किलोमीटर लंबे तार बदले जाने थे। उसमें से आधे से भी कम काम हुआ है। अभी तक 2584 सर्किट किलोमीटर तार बदले गए हैं।
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इसी प्रकार एलटी लाइन के 17060 सर्किट किलोमीटर तार बदले जाने थे लेकिन अभी मात्र 14266 सर्किट किलोमीटर ही बदले गए हैं। अधीक्षण अभियंता रामदास ने बताया कि जून 2025 तक काम पूरा करना था लेकिन अभी तक 70 फीसदी ही हुआ है। चुनार : पिरल्लीपुर उपकेंद्र के अंतर्गत 30 किलोमीटर बिजली का तार बदला जाना था। 315 खंभे लगाए जाने थे। उपखंड अधिकारी जेके पटेल ने बताया कि 15 किमी तार बदले जा चुके हैं और 115 खंभे लगाएं गए हैं। शेष काम भी शीघ्र पूरा कराया जाएगा।
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लालगंज : क्षेत्र के वर्षों पुराने जर्जर तार लालगंज वस्त्ररा फीडर, लालगंज तुलसी का तार नहीं बदल गया है। जिसके कारण हवा के झोंके से ब्रेक डाउन हो जाता है। जमालपुर: क्षेत्र के नरायनपुर विद्युत उपकेंद्र और घरवाह विद्युत उपकेंद्र के हर फीडर में आठ 10 किलोमीटर तार जर्जर है, उन्हें नहीं बदला गया।
राजगढ़ : विद्युत उपकेंद्र राजगढ़ की ओर से छह फीडरों के माध्यम से 70 गांव की बिजली की सप्लाई की जा रही है। जिसमें से राजगढ़ फीडर और खोराडीह 10 से 12 किलोमीटर की लंबी लाइन है। यह तार जर्जर हो गया है। कई शिकायतों के बाद भी आज तक नहीं बदल गया। हल्की सी आंधी आने पर तार टूट कर गिर जाते हैं। गर्मी में आए दिन बिजली का तार टूटने से गेहूं की फसलों में आग लग जाती है।