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Mirzapur News: धूप-छांव के बीच बढ़ा दो डिग्री तापमान, अग्रिम आदेश तक सिद्धनाथ दरी बंद
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धूप निकलने के बाद खेतों में निराई-गुड़ाई करते किसान।
- फोटो : संवाद
मिर्जापुर। लगातार चार दिनों तक हो रही बारिश के बाद अचानक से मंगलवार को मौसम का मिजाज फिर से बदल गया। धूप-छांव के बीच बीते 24 घंटे में दो डिग्री अधिकतम तापमान बढ़ गया। वहीं, एक डिग्री न्यूनतम तापमान में कमी आने से उमस बढ़ गई। तेज धूप के कारण लोगों को घर से बाहर निकलना रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि एक दिन पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। धूप निकलते ही श्रमिक घर से निकलकर खेतों का रुख किए।
प्रशासन ने सिद्धनाथ दरी बंद करने के दिए आदेश
सक्तेशगढ़। पानी के तेज बहाव को देखते हुए सिद्धनाथ दरी को जिला प्रशासन ने अनिश्चितकाल तक के लिए बंद कर दिया है। रेंजर आनंद शेखर ने बताया कि जब तक बरसात बंद नहीं होगी। तब तक पर्यटक स्थल को सैलानियों के लिए नहीं खोला जाएगा। लोगों की सुरक्षा के लिए वन टीम ने सड़क पर पत्थर रखने के साथ ही कई स्थानों पर रस्सी से बांधकर सिद्धनाथ दरी जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया है।
मानक के विपरीत बने चेकडैम से धान के खेत पानी में डूबे
कलवारी। पिछले दिनों मड़िहान तहसील क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इसके लिए किसान कलवारी से गोरथरा लिंक रोड पर मानक के विपरीत बने चकडैम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि चेकडैम के नीचे पानी निकलने वाला मानक चार फीट होना चाहिए लेकिन वहां 6 फीट बना दिया गया है। इस वजह से पानी का निकास नहीं हो रहा है। क्षेत्र के किसानों की धान की फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो रही हैंं।
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गड़ई नदी का बढ़ा जलस्तर, सात में तीन गेट खोले गए
जमालपुर। बरसात से गड़ई नदी और भोंकानाला उफान पर है। गड़ई नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बहुआर गांव के पास नदी में बनाए गए रेगुलेटर के सात फाटक में से तीन फाटक खोल दिया है। वर्तमान में अहरौरा जलाशय में अपनी क्षमता से करीब 18 फीट पानी कम है। डोहरी गांव के पास भोंकानाला पर बने रेगुलेटर को खोलकर पानी निकासी कराया जा रहा है। अहरौरा डैम की क्षमता 360 फीट है एवं वर्तमान जलस्तर 342 फीट है।
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प्रशासन ने सिद्धनाथ दरी बंद करने के दिए आदेश
सक्तेशगढ़। पानी के तेज बहाव को देखते हुए सिद्धनाथ दरी को जिला प्रशासन ने अनिश्चितकाल तक के लिए बंद कर दिया है। रेंजर आनंद शेखर ने बताया कि जब तक बरसात बंद नहीं होगी। तब तक पर्यटक स्थल को सैलानियों के लिए नहीं खोला जाएगा। लोगों की सुरक्षा के लिए वन टीम ने सड़क पर पत्थर रखने के साथ ही कई स्थानों पर रस्सी से बांधकर सिद्धनाथ दरी जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया है।
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मानक के विपरीत बने चेकडैम से धान के खेत पानी में डूबे
कलवारी। पिछले दिनों मड़िहान तहसील क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के कारण धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इसके लिए किसान कलवारी से गोरथरा लिंक रोड पर मानक के विपरीत बने चकडैम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि चेकडैम के नीचे पानी निकलने वाला मानक चार फीट होना चाहिए लेकिन वहां 6 फीट बना दिया गया है। इस वजह से पानी का निकास नहीं हो रहा है। क्षेत्र के किसानों की धान की फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो रही हैंं।
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गड़ई नदी का बढ़ा जलस्तर, सात में तीन गेट खोले गए
जमालपुर। बरसात से गड़ई नदी और भोंकानाला उफान पर है। गड़ई नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बहुआर गांव के पास नदी में बनाए गए रेगुलेटर के सात फाटक में से तीन फाटक खोल दिया है। वर्तमान में अहरौरा जलाशय में अपनी क्षमता से करीब 18 फीट पानी कम है। डोहरी गांव के पास भोंकानाला पर बने रेगुलेटर को खोलकर पानी निकासी कराया जा रहा है। अहरौरा डैम की क्षमता 360 फीट है एवं वर्तमान जलस्तर 342 फीट है।