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15 दिन में दूसरी बार आंधी-बारिश का कहर : 1500 घरों के टिन-छप्पर, 2000 से ज्यादा पेड़ गिरे

Sat, 30 May 2026 01:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 01:17 AM IST
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Storm and rain wreak havoc for the second time in 15 days: tin roofs of 1500 houses and over 2000 trees felled.
नटवा उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर में लगी आग, स्रोत सोशल मीडिया
40 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा, सड़कों पर पेड़, तार और बिजली के खंभे गिरने से घंटों बाधित रहा आवागमन
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मिर्जापुर। 13 मई को आंधी-बारिश से हुए नुकसान से जिले के लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि 15 दिन बाद शुक्रवार की भोर आई आंधी-बारिश ने फिर से लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने जिले भर में 1500 से ज्यादा घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के टिनशेड व छप्पर उड़ा दिए। वहीं, 2000 से अधिक स्थानों पर पेड़, डालियां, बिजली के खंभे और तार टूटकर गिर गए। इससे करीब पूरे जिले में करीब दो से ढाई लाख लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार को लोगों के फोन पर फिर से मेसेज आया। 31 मई को इसी तरह के मौसम रहने की संभावना व्यक्त की है।
शुक्रवार की भोर दो बजे के बाद शुरू हुई बारिश के कुछ देर बाद तेज आंधी आई। बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की स्थिति बन गई। कई संपर्क मार्ग पर कीचड़ होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। रमईपट्टी स्टेशन मार्ग पर शुक्लहां के पास पेड़ गिरने से विद्युत के खंभे और तार टूटकर गिर पड़े। शास्त्री पुल के पास टिन का बड़ा होर्डिंग बिजली के तार पर गिर पड़ा, इससे आवागमन बाधित हुआ। इसके अतिरिक्त, जगह-जगह पेड़ और बिजली के तार गिरने से सड़कें घंटों जाम रहीं। प्रशासन, बिजली निगम और ग्रामीणों की मशक्कत के बाद कई मार्गों पर यातायात बहाल कराया जा सका।
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विंध्याचल : टिनशेड, कच्चे मकान और छप्पर क्षतिग्रस्त हो गए। देवरहा हंस बाबा आश्रम मार्ग, रेहड़ा चुंगी पुल और पटेगरा नाला पुल के पास जलभराव और पेड़ों के गिरने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
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ड्रमंडगंज : महोगढ़ी गांव निवासी रामसजीवन के घर के बाहर लगा टिनशेड लोहे के एंगल समेत उखड़कर 300 मीटर दूर जा गिरा। नेवादा गांव में यूकेलिप्टस का बड़ा पेड़ उखड़कर बिजली लाइन और सड़क पर गिर पड़ा। बेलन बरौंधा, नैड़ी कठारी, रतेह और सेमरा समेत कई गांवों में टिनशेड और छप्पर उड़ने से नुकसान हुआ।
राजगढ़ : कई मकानों पर विशाल पेड़ गिर गए। चेन्हई के कच्चे मकान पर सेमल का पेड़ गिरने से मकान ढह गया और घरेलू सामान नष्ट हो गए। कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूटने से पेयजल संकट भी गहरा गया।
पटेहरा : सबसे अधिक नुकसान बिजली व्यवस्था को हुआ। प्रारंभिक सर्वे में 19 बिजली के खंभे टूटने की पुष्टि हुई है। हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के मुताबिक गुरुदेव नगर से दीपनगर पावर हाउस जाने वाली 33 हजार केवी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पटेहरा कला में निजी विद्यालय का टिनशेड उड़ गया, जबकि कई वाहनों पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ।
सक्तेशगढ़ : नदिहार में तेज आंधी-बारिश से गोशाला को नुकसान पहुंचा। टिनशेड उड़ गए तथा भूसा गोदाम भी क्षतिग्रस्त हो गया। आंधी से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। आंधी-बारिश से क्षेत्र में फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कई घरों के टिनशेड उड़ गए।
मड़िहान : तेज आंधी ने जगह-जगह विशालकाय पेड़ और डालियां टूटकर गिरने से मिर्जापुर-सोनभद्र मार्ग पर घंटों आवागमन बाधित रहा। कई बिजली के खंभे टूटने से सप्लाई ठप हो गई। आंधी बारिश रुकने से लोग नुकसान की भरपाई में जुटे हैं।
भदौहा गांव में सड़क किनारे ब्रह्मदेव विश्वकर्मा के घर के बगल स्थित वेल्डिंग की दुकान पर विशालकाय चिलबिल का पेड़ गिर गया। इससे एक धारू गाय मौत हो गई। दूसरी गाय घायल हो गई। गनीमत रहा कि घर में सो रहे परिजन बाल-बाल बच गए। दरवाजे पर मरम्मत के लिए खड़े दो ट्रैक्टर भी पेड़ के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गए। एक ट्रैक्टर पचोखरा निवासी बलवंत सिंह और दूसरा केशोपुर निवासी छोटेलाल पटेल का था।
मड़िहान स्टेट बैंक के बगल में महेश विश्वकर्मा के रिहायशी मकान पर आम के पेड़ की विशाल डॉल टूटकर गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, जमुई उत्तर गांव निवासी अरविंद यादव के मकान पर बगल में स्थित चिलबिल का पेड़ गिरने से शेड और छज्जा टूट गया। छत पर रखा चावल, आटा, खाने-पीने का सामान और बर्तन दबकर बर्बाद हो गया। बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि मुख्य लाइन की मरम्मत के लिए टीमें काम कर रही हैं। मुख्य आपूर्ति बहाल होने के बाद गांवों की 11 हजार और एलटी लाइनें दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति शुरू की जाएगी। मिर्जापुर-सोनभद्र मार्ग पर भी दर्जनों स्थानों पर पेड़ और डालियां टूटकर गिरीं। इससे राहगीरों को भारी दिक्कत हुई। बिजली के कई खंभे गिरने से इलाके में अंधेरा छा गया।
33 हजार लाइन की आपूर्ति बंद हो गई
जिगना और छानबे क्षेत्र में आंधी-बारिश के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। 132 केवी सब स्टेशन जिगना में लगे 63 एमवीए के ट्रांसफॉर्मर पर बिजली गिरने से आई गड़बड़ी के चलते छानबे के 33/11 केवीए पावर हाउस हरगढ़, विजयपुर, जिगना और अर्जुनपुर की 33 हजार की आपूर्ति बंद हो गई, पूरे छानबे क्षेत्र की लाइन गुल हो गई। शुक्रवार को दो बजे दिन में ट्रांसफॉर्मर को ठीक कराने के बाद आपूर्ति चालू की गई। उपखंड अधिकारी एसपी शुक्ला, अवर अभियंता राकेश सविता और विजय केसरी अपने कर्मचारियों के साथ सुबह से ही विद्युत आपूर्ति चालू कराने में जुटे रहे। 12 घंटे से अधिक समय बाद पावर हाउस की आपूर्ति बहाल हुई। सीखड़ में तेज आंधी-पानी से जगह-जगह लोगों के टिनशेड उखड़ गए। प्रेमपुर गांव निवासी विमल कुमार शर्मा के मकान पर लगा टिनशेड उखड़ गया, जबकि रामप्रकाश के शौचालय पर पेड़ गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गया।


गिरे पेड़ों की कालाबाजारी का आरोप : रेंजर ने की जांच और कार्रवाई की दी चेतावनी
पटेहरा। हाल ही में आई आंधी के दौरान क्षेत्र में गिरे पेड़ों की अवैध कटाई और कालाबाजारी के लिए ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लालगंज और मड़िहान रेंज के पटेहरा कला क्षेत्र में आंधी से गिरे पेड़ों को लेकर वन विभाग की भूमिका संदिग्ध है। सड़क या मकानों पर गिरे पेड़ों की डालियां हटाने के लिए जैसे ही लोग कटान शुरू करते हैं, वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर रोक देते हैं। आरोप है कि इसके बाद क्षेत्र में सक्रिय तस्करों और पेड़ काटने वाले गिरोहों के माध्यम से उन्हीं पेड़ों को निजी लाभ के लिए बेच दिया जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि आंधी में गिरे 50 से अधिक पेड़ों का सौदा किया जा चुका है, जबकि एक भी पेड़ रेंज कार्यालय या नर्सरी तक नहीं पहुंऐ।
कोट
पटेहरा क्षेत्र में आंधी से गिरे पेड़ों की जानकारी उन्हें नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
किरण कुमार सिंह, लालगंज, रेंजर

शहर के आठ मोहल्लों की बाधित हुई आपूर्ति, एक लाख से अधिक प्रभावित
-नटवां के विद्युत उपकेंद्र में आग लग गई
मिर्जापुर। तेज आंधी से नगर के आठ से अधिक मोहल्लों की बिजली बृहस्पतिवार की रात गुल हो गई। इससे एक लाख से अधिक नागरिक प्रभावित रहे। उमस और मच्छरों के कारण लोगों की रात जागते हुए बीती। रात दो बजे गई बिजली शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे बहाल हुई, लेकिन उसके बाद भी ट्रिपिंग जारी रही। लोग सुबह पानी तक नहीं भर पाए। नगर के वासलीगंज, घंटाघर, पक्की सराय, सिविल लाइन, रमईपट्टी और तरकापुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र धनीपट्टी, सारीपुर, खजुरी, महेवा और विसुंदरपुर भी प्रभावित रहे। नटवां के विद्युत उपकेंद्र में आग लग गई, इससे जंगी रोड, लाल डिग्गी और विंध्याचल आदि क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

अधीक्षण अभियंता अंकुर अवस्थी ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात तेज आंधी-पानी से कई बिजली के खंभे गिर गए और कई जगहों पर तार टूट गए। पहली प्राथमिकता बिजली आपूर्ति बहाल करना था। इसके बाद अब क्षति का आकलन किया जा रहा है। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बहाली में विलंब हुआ है।

नटवा उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर में लगी आग, स्रोत सोशल मीडिया

नटवा उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर में लगी आग, स्रोत सोशल मीडिया

नटवा उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर में लगी आग, स्रोत सोशल मीडिया

नटवा उपकेंद्र में ट्रांसफार्मर में लगी आग, स्रोत सोशल मीडिया

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