Mirzapur: बारिश शुरू होते ही सिद्धनाथ दरी सैलानियों से गुलजार, यहां मिलता मन को शांति और सुकून
मौसम का मिजाज बदलते ही क्षेत्र में ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों में शामिल बाबा सिद्धनाथ की दरी सैलानियों से गुलजार हो गया है। यहां की प्राकृतिक छटा ऐसी है कि मन को शांति और सुकून मिलता है।
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यूपी का मिर्जापुर जिला अपने टूरिस्ट स्पॉट के लिए जाना जाता है। लखनिया दरी, चुना दरी, विंढम फॉल, टांडा फाल और सिद्धनाथ की दरी आदि दर्जनों ऐसे जलप्रपात-झरने हैं, जो प्राक्रतिक दृष्टि से बेहद समृद्ध हैं। प्रदेश में अगर बेहतरीन झरनों की जब भी बात होती उसमें सिद्धनाथ की दरी टॉप पर है। यह जलप्रपात चुनार क्षेत्र में आता है और यह सक्तेशगढ़ आश्रम के पास है।
मौसम का मिजाज बदलते ही क्षेत्र में ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों में शामिल बाबा सिद्धनाथ की दरी सैलानियों से गुलजार हो गया है। यहां की प्राकृतिक छटा ऐसी है कि मन को शांति और सुकून मिलता है। प्राकृतिक छटा से भरपूर पहाड़ियों से घिरे सिद्धनाथ की दरी पर पानी के मनोरम दृश्य को देखने के लिए दूर- दूर से प्रत्येक दिन सैलानी यहां पहुंच रहे हैं।
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पूर्वांचल समेत कई जिलों से आते हैं सैलानी
शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में पर्यटक उमड़े रहे, जो दिन भर बाबा सिद्धनाथ की दरी पर झरने की शक्ल में गिरते पानी का लुत्फ उठाते रहे।
दरी पर जनपद के अलावा सोनभद्र, वाराणसी, प्रयागराज समेत पूर्वांचल के अन्य जनपदों से सैलानी अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए आते है, लेकिन यहां पर अव्यस्थाओं के चलते उन्हें परेशानी होती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए समुचित रास्ते की व्यवस्था नही है। पर्यटन केंद्र पर न तो स्नान घर की व्यवस्था है और न ही महिलाओं को वस्त्र आदि बदलने की सुविधा है।
ऐसे में विशेषकर महिला सैलानियों को ज्यादा दिक्कतें होती हैं। सिद्धनाथ दरी क्षेत्र में डस्टबीन आदि की व्यवस्था न होने से गंदगी इधर-उधर उड़ रही है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए सिद्धनाथ की दरी पर समुचित व्यवस्था करवाए जाने की मांग की है।