Kashi Vishwanath: सावन में एटीएस कमांडो की निगरानी में रहेंगे बाबा के भक्त, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पुलिस कमिश्नरेट के अफसरों के अनुसार, सावन के प्रत्येक रविवार की रात से सोमवार की रात तक कमिश्नरेट की फोर्स के अलावा वाराणसी, प्रयागराज व गोरखपुर जोन से 85 दरोगा, 600 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल और छह डिप्टी एसपी के साथ ही पीएसी के दो उप सेनानायक सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे।
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सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुख्ता रहेगी। इसके लिए गोदौलिया से मैदागिन तक का क्षेत्र पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक रविवार की रात से सोमवार की रात तक बाबा विश्वनाथ के दर पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के 25 कमांडो संभालेंगे। इसमें सिगरा स्थित सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर से कनेक्ट कैमरों और विश्वनाथ मंदिर व उसके आसपास के क्षेत्र में लगे सीसी कैमरों की मदद ली जाएगी।
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इस साल सावन दो महीने का है। इससे पुलिस व प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। पुलिस कमिश्नरेट के अफसरों के अनुसार, सावन के प्रत्येक रविवार की रात से सोमवार की रात तक कमिश्नरेट की फोर्स के अलावा वाराणसी, प्रयागराज व गोरखपुर जोन से 85 दरोगा, 600 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल और छह डिप्टी एसपी के साथ ही पीएसी के दो उप सेनानायक सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। पुलिस कर्मियों के साथ तीन कंपनी पीएसी के जवान सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किए जाएंगे। गंगा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जल पुलिस और एनडीआरएफ के अलावा पीएसी के बाढ़ राहत दल की दो कंपनी के जवान तैनात होंगे। गोदौलिया से मैदागिन क्षेत्र में बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और दमकल कर्मियों के अलावा स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) के कर्मचारी माहौल पर नजर रखेंगे।
सादे कपड़ों में तैनात किए जाएंगे सिपाही
पुलिस अफसरों के अनुसार गोदौलिया से मैदागिन मार्ग, दशाश्वमेध, रामापुरा और गिरजाघर क्षेत्र में जेबकतरों, उचक्कों और शोहदों की निगरानी के लिए 250 से ज्यादा महिला-पुरुष आरक्षी प्रत्येक सोमवार की भोर से रात तक तैनात किए जाएंगे। दशाश्वमेध घाट से गोदौलिया होते हुए मैदागिन मार्ग पर पुलिस सहायता केंद्र और खोया-पाया केंद्र भी बनाए जाएंगे। पुलिस कर्मियों की मदद के लिए समाज संगठन के स्वयंसेवक और पुलिस मित्र भी मेला क्षेत्र में उपलब्ध रहेंगे।