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उजड़ने के बाद सड़क की पटरिया की बनी ठिकाना
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मिर्जापुर। विंध्याचल में सड़क किनारे से हटाए गए अतिक्रमण में आशियाना खो चुके लोग सड़क की पटरियों को ही ठिकाना बनाए हुए हैं। हालांकि कई लोगों के पास अब भी कुछ कमरे बच गए हैं लेकिन अधिकतर लोगों के पास छत नहीं है। प्रभावित लोगों का खाना-पीना भी सड़क की पटरियों पर हो रहा है। बेघर होने का दर्द लिए दिनभर भटक रहे प्रभावित लोग।
विंध्याचल में जिला प्रशासन की ओर से पीडब्लूडी की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। दशकों से जो परिवार वहां पर रह रहे हैं, उनके लिए यह अभियान दुखदायी है। ध्वस्तीकरण में बंगाली के चौराहा से लेकर स्टेशन रोड की ओर बसे तकरीबन 50 से 60 घर प्रभावित हुए हैं। पीडब्लूडी की भूमि बंगाली के चौराहा से स्टेशन रोड पर दाहिनी ओर थी। उसी को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है।
अधिकतर श्रमिक वर्ग के लोग हैं
प्रभावितों में से अधिकतर श्रमिक वर्ग के लोग हैं। मां विंध्यवासिनी मंदिर के आश्रय और आशीर्वाद से ही जीवन यापन कर रहे हैं। वे रोज मंदिरों में जाकर सफाई, ढोल ताशा बजाना या इसी प्रकार के अन्य कार्य करके अपना जीवन यापन करते हैं। अब सिर से छत गंवाने के बाद वे अपना नित्य का काम करें कि छत के लिए संघर्ष करें उनको समझ नहीं आ रहा।
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एक ही वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है
इस ध्वस्तीकरण के शिकार हुए लोगों का आरोप है कि वे अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों के पास गुहार लेकर पहुंच रहे लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। आरोप है कि विधायक ने भी उनसे मुलाकात नहीं की। उन्होंने कई बार प्रयास किया लेकिन विधायक जी से उनकी भेंट नहीं हुई। अब वह कहां जाएं।
इसमें कई लाभार्थी पीएम आवास के भी
विंध्याचल में जो ध्वस्तीकरण हुआ है। उसमें कई लाभार्थी पीएम आवास के भी हैं। अब सवाल यह है कि जिला प्रशासन कह रहा है कि अतिक्रमणकारियों के पास कोई कागजात नहीं हैं। जब कागजात नहीं हैं तो पीएम आवास योजना शहरी का लाभ उन्हें कैसे मिला। इसका मतलब यह है कि योजना में गलत तरीके से इन लोगों को लाभ दिया गया। एसडीएम सदर चंद्रभान सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने चौहद्दी दिखाकर बैनामा करा लिया है। कुछ लोग पीएम आवास की बात कह रहे हैं। इसकी जांच होगी। अभी रास्ते में जो जमीन आ रही है उनको चौड़ाई के अंतर्गत ढहवाया जा रहा है। 10 से 15 मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।
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विंध्याचल में जिला प्रशासन की ओर से पीडब्लूडी की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। दशकों से जो परिवार वहां पर रह रहे हैं, उनके लिए यह अभियान दुखदायी है। ध्वस्तीकरण में बंगाली के चौराहा से लेकर स्टेशन रोड की ओर बसे तकरीबन 50 से 60 घर प्रभावित हुए हैं। पीडब्लूडी की भूमि बंगाली के चौराहा से स्टेशन रोड पर दाहिनी ओर थी। उसी को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है।
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अधिकतर श्रमिक वर्ग के लोग हैं
प्रभावितों में से अधिकतर श्रमिक वर्ग के लोग हैं। मां विंध्यवासिनी मंदिर के आश्रय और आशीर्वाद से ही जीवन यापन कर रहे हैं। वे रोज मंदिरों में जाकर सफाई, ढोल ताशा बजाना या इसी प्रकार के अन्य कार्य करके अपना जीवन यापन करते हैं। अब सिर से छत गंवाने के बाद वे अपना नित्य का काम करें कि छत के लिए संघर्ष करें उनको समझ नहीं आ रहा।
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एक ही वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है
इस ध्वस्तीकरण के शिकार हुए लोगों का आरोप है कि वे अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों के पास गुहार लेकर पहुंच रहे लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। आरोप है कि विधायक ने भी उनसे मुलाकात नहीं की। उन्होंने कई बार प्रयास किया लेकिन विधायक जी से उनकी भेंट नहीं हुई। अब वह कहां जाएं।
इसमें कई लाभार्थी पीएम आवास के भी
विंध्याचल में जो ध्वस्तीकरण हुआ है। उसमें कई लाभार्थी पीएम आवास के भी हैं। अब सवाल यह है कि जिला प्रशासन कह रहा है कि अतिक्रमणकारियों के पास कोई कागजात नहीं हैं। जब कागजात नहीं हैं तो पीएम आवास योजना शहरी का लाभ उन्हें कैसे मिला। इसका मतलब यह है कि योजना में गलत तरीके से इन लोगों को लाभ दिया गया। एसडीएम सदर चंद्रभान सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने चौहद्दी दिखाकर बैनामा करा लिया है। कुछ लोग पीएम आवास की बात कह रहे हैं। इसकी जांच होगी। अभी रास्ते में जो जमीन आ रही है उनको चौड़ाई के अंतर्गत ढहवाया जा रहा है। 10 से 15 मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।