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सड़क दुर्घटना में मौत
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जिगना। मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर शनिवार की देर रात बालू लदे ट्रैक्टर ने बाइक में टक्कर मार दी। इसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक की मंडलीय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रयागराज जिले के मांडा थाना क्षेत्र के खपरकुचवा गांव का मूल निवासी विकास उर्फ चौधरी बिंद (22) पुत्र विनोद कुमार थाना जिगना के ग्राम जुड़ावनपुर स्थित ननिहाल में ही रहता है। शनिवार की देर शाम वह अपने पड़ोसी रामबाबू बिंद (21) के साथ गैपुरा के पियरीभीट में किसी से मिलने गया था। वहां से रात नौ बजे वापस आते समय विंध्याचल थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के समीप सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इसमें बाइक सवार विकास उर्फ चौधरी व रामबाबू गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने घटना की सूचना एंबुलेंस व गैपुरा पुलिस चौकी को दी। पुलिस ने दोनों घायलों को मंडलीय अस्पताल भेजवाया जहां विकास उर्फ चौधरी की रात 12 बजे मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही घर पर कोहराम मच गया। किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था। वहीं यह भी स्पष्ट नहीं है कि बाइक कौन चला रहा था। उधर घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया। गैपुरा पुलिस ने ट्रैक्टर व बाइक को कब्जे में ले लिया है।
छह महीने पहले हुई थी शादी
मृतक विकास पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था। विकास की शादी छह माह पूर्व शीतल देवी के साथ हुई थी। पत्नी शीतल मौत की खबर सुनते ही बेहोश हो गई। मृतक के छोटे भाई की सर्प दंश से मौत हो चुकी है। माता की भी मौत एक वर्ष पूर्व हो चुकी है। विकास मूल निवास प्रयागराज जनपद के मांडा थाना क्षेत्र के खपरकुचवा गांव का था लेकिन काफी समय से ननिहाल में ही घर बना कर रहता था। मेहनत मजदूरी करके परिवार के खर्च में सहायता करता था।
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नाबालिगों की मनमाने रफ्तार की भेंट चढ़ रहे लोग
जिगना विकास खंड छानबे में गंगा के बालू का वैध, अवैध खनन होता है। इसके साथ ही क्षेत्र में कई ईंट भट्ठे भी हैं। वहीं ज्यादातर ट्रैक्टर चालक नाबालिग हैं। ऐसे में वसूली से बचने और ज्यादा से ज्यादा फेरे के चक्कर में ट्रैक्टर की रफ्तार काफी तेज होती है। साथ ही कान में मोबाइल का लीड तेज गानों के साथ लगा रहता है। जिसके कारण कई बार दुर्घटना हो चुकी है। घटना होने के बाद असली चालक को बदलकर लाइसेंस वाला चालक पुलिस व वाहन स्वामी की मिलीभगत से आ जाता है। क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा कई बार बिना लाइसेंस व नाबालिग लड़कों से ट्रैक्टरों को चलाने पर रोक लगाने की मांग की गई लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मुख्य सड़क के अलावा अन्य ग्रामीण सड़कों पर नाबालिगों द्वारा ट्रैक्टर मनमाने तरीके से ट्रैक्टर चलाया जा रहा है। पुलिस मूक दर्शक बनी रहती है।
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प्रयागराज जिले के मांडा थाना क्षेत्र के खपरकुचवा गांव का मूल निवासी विकास उर्फ चौधरी बिंद (22) पुत्र विनोद कुमार थाना जिगना के ग्राम जुड़ावनपुर स्थित ननिहाल में ही रहता है। शनिवार की देर शाम वह अपने पड़ोसी रामबाबू बिंद (21) के साथ गैपुरा के पियरीभीट में किसी से मिलने गया था। वहां से रात नौ बजे वापस आते समय विंध्याचल थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के समीप सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इसमें बाइक सवार विकास उर्फ चौधरी व रामबाबू गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने घटना की सूचना एंबुलेंस व गैपुरा पुलिस चौकी को दी। पुलिस ने दोनों घायलों को मंडलीय अस्पताल भेजवाया जहां विकास उर्फ चौधरी की रात 12 बजे मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही घर पर कोहराम मच गया। किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था। वहीं यह भी स्पष्ट नहीं है कि बाइक कौन चला रहा था। उधर घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया। गैपुरा पुलिस ने ट्रैक्टर व बाइक को कब्जे में ले लिया है।
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छह महीने पहले हुई थी शादी
मृतक विकास पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था। विकास की शादी छह माह पूर्व शीतल देवी के साथ हुई थी। पत्नी शीतल मौत की खबर सुनते ही बेहोश हो गई। मृतक के छोटे भाई की सर्प दंश से मौत हो चुकी है। माता की भी मौत एक वर्ष पूर्व हो चुकी है। विकास मूल निवास प्रयागराज जनपद के मांडा थाना क्षेत्र के खपरकुचवा गांव का था लेकिन काफी समय से ननिहाल में ही घर बना कर रहता था। मेहनत मजदूरी करके परिवार के खर्च में सहायता करता था।
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नाबालिगों की मनमाने रफ्तार की भेंट चढ़ रहे लोग
जिगना विकास खंड छानबे में गंगा के बालू का वैध, अवैध खनन होता है। इसके साथ ही क्षेत्र में कई ईंट भट्ठे भी हैं। वहीं ज्यादातर ट्रैक्टर चालक नाबालिग हैं। ऐसे में वसूली से बचने और ज्यादा से ज्यादा फेरे के चक्कर में ट्रैक्टर की रफ्तार काफी तेज होती है। साथ ही कान में मोबाइल का लीड तेज गानों के साथ लगा रहता है। जिसके कारण कई बार दुर्घटना हो चुकी है। घटना होने के बाद असली चालक को बदलकर लाइसेंस वाला चालक पुलिस व वाहन स्वामी की मिलीभगत से आ जाता है। क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा कई बार बिना लाइसेंस व नाबालिग लड़कों से ट्रैक्टरों को चलाने पर रोक लगाने की मांग की गई लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मुख्य सड़क के अलावा अन्य ग्रामीण सड़कों पर नाबालिगों द्वारा ट्रैक्टर मनमाने तरीके से ट्रैक्टर चलाया जा रहा है। पुलिस मूक दर्शक बनी रहती है।