फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Railway built 80 meters long bridge in Mirzapur in just three hours

रेलवे की कामयाबी: मिर्जापुर में सिर्फ तीन घंटे में बनाया 80 मीटर लंबा पुल, मालगाड़ियों को मिलेगी रफ्तार

Tue, 19 Oct 2021 12:30 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 19 Oct 2021 12:30 AM IST
सार

मिर्जापुर जिले के चुनार-चोपन रेल लाइन पर यह पुल बनाया गया है। ब्रिज 80 मीटर लंबा और 520 टन का है। ब्रिज मात्र तीन घंटे में तैयार किया गया है।

विज्ञापन
Railway built 80 meters long bridge in Mirzapur in just three hours
बनाया गया रेल पुल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मिर्जापुर जिले के चुनार-चोपन खंड में चुनार और विश्वनाथपुरी स्टेशन के बीच सोमवार को तीन घंटे में 80 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण किया गया। इससे चुनार-चोपन रेल लाइन और डीएफसी रेल मार्ग की सर्फेस क्रॉसिंग से बचाव हो सकेगा और दोनों मार्गों पर निर्बाध रेल परिचालन सुनिश्चित होगा।

विज्ञापन

 
डेडिकेटेड फ्रेट कॉर्रिडोर के भाऊपुर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन तक के प्रोजेक्ट के चीफ जनरल मैनेजर ओमप्रकाश ने बताया कि यह ब्रिज 80 मीटर लंबा और 520 टन का है। ब्रिज मात्र तीन घंटे में तैयार किया गया है।
विज्ञापन


मालगाड़ियों की रफ्तार में मिलेगी गति
इस ब्रिज से होकर प्रयागराज की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं चोपन होते हुए झारखंड को जाने वाली मालगाड़ियों को गति मिलेगी। जिन मालगाड़ियों को प्रयागराज के रास्ते पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन की ओर से बिहार जाना होगा, वे ब्रिज के ऊपर से जाएंगी। जिन मालगाड़ियों को चोपन होते हुए झारखंड जाना होगा, ब्रिज के नीचे से जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस अवसर पर जीएमआर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव कुमार, परियोजना निदेशक राजसिंह टाक, परियोजना प्रबंधक देवेंद्र कुमार शर्मा, मुख्य परियोजना प्रबंधक पूर्णानंद झा, एआईए एल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दलजीत सिंह मौजूद रहे। गौरतलब है कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉर्रिडोर देश के परिवहन क्षेत्र में सुधार करेगा और भारतीय रेलवे की क्षमता में बढ़ोतरी करेगा।

इस मार्ग पर मालगाड़ियों का निर्बाध परिवहन हो सकेगा। डेडिकेटेड रेल मार्ग के निर्माण के बाद बहुत सी माल गाड़ियां इस पर स्थानांतरित कर दी जाएंगी। इससे खाली हुए मार्गों पर यात्री ट्रेनों का संचालन सुगमता से होगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉर्रिडोर रेल लाइन को भारतीय रेलवे की लाइनों की तुलना में अधिक भार उठाने के लिए डिजाइन किया गया है।

विश्व स्तरीय तकनीक से हो रहा निर्माण
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उच्च गति और उच्च क्षमता वाले विश्वस्तरीय तकनीक के अनुसार बनाया जाने वाला रेलमार्ग है। इसे विशेष तौर पर माल एवं वस्तुओं के परिवहन हेतु बनाया जा रहा है। इस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पंजाब के लुधियाना से होकर पश्चिम बंगाल के दानकुनि तक बन रहा है। वहीं, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के मार्ग में कोयला खदानें, थर्मल पॉवर प्लांट और औद्योगिक शहर मौजूद हैं। इसके मार्ग में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार शामिल हैं। इस परियोजना का अधिकांश हिस्सा विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed