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क्रय केंद्र धान के साथ डटे किसान, नहीं हुई खरीदारी
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हलिया। फरवरी के अंतिम दिन धान खरीद की समय सीमा पूरी हो गई। लेकिन सभी किसानों से धान की खरीद नहीं हो सकी। अंतिम दिन तक किसान केंद्रों पर धान लेकर खड़े रहे।
स्थानीय विकास खंड के हलिया विपणन केंद्र पर रविवार तक किसान पोर्टल खुलने की आस लगाए रहे। मवईकलां स्थित क्रय केंद्र पर दर्जनों की संख्या में किसान ट्राली पर धान लादकर रोड के किनारे खड़े रहे। हालांकि एक हफ्ते पहले ही पोर्टल बंद कर दिया गया था। परंतु किसान धान के साथ क्रय केंद्र पर ट्रैक्टरों पर धान लादकर डटे रहे। मवईकलां गांव निवासी किसान शिव प्रसाद पाल, हीरा पाल, कोमल, हूब लाल, विपुल सिंह, ज्ञान केसरी आदि कहना है कि धान खरीद नहीं होने से ट्रैक्टर का भाड़ा, समय, त्रिपाल का धन बेकार गया। धान बिक्री के सहारे बच्चो की पढ़ाई, शादी ब्याह व घर आदि का खर्च चलाने की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र आने से अच्छा था कि घर से ही सेठ और साहूकारों के यहां धान बेच दिया गया होता। इस संबंध में क्रय केंद्र प्रभारी रंजन सिंह का कहना है कि पोर्टल खुलने के बाद ही तौल कराई जाएगी। किसानों को पहले ही बताया गया था कि जिनको फोनकर बुलाया जा रहा है, वही किसान नंबर के आधार पर क्रय केंद्र पर आएं।
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स्थानीय विकास खंड के हलिया विपणन केंद्र पर रविवार तक किसान पोर्टल खुलने की आस लगाए रहे। मवईकलां स्थित क्रय केंद्र पर दर्जनों की संख्या में किसान ट्राली पर धान लादकर रोड के किनारे खड़े रहे। हालांकि एक हफ्ते पहले ही पोर्टल बंद कर दिया गया था। परंतु किसान धान के साथ क्रय केंद्र पर ट्रैक्टरों पर धान लादकर डटे रहे। मवईकलां गांव निवासी किसान शिव प्रसाद पाल, हीरा पाल, कोमल, हूब लाल, विपुल सिंह, ज्ञान केसरी आदि कहना है कि धान खरीद नहीं होने से ट्रैक्टर का भाड़ा, समय, त्रिपाल का धन बेकार गया। धान बिक्री के सहारे बच्चो की पढ़ाई, शादी ब्याह व घर आदि का खर्च चलाने की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र आने से अच्छा था कि घर से ही सेठ और साहूकारों के यहां धान बेच दिया गया होता। इस संबंध में क्रय केंद्र प्रभारी रंजन सिंह का कहना है कि पोर्टल खुलने के बाद ही तौल कराई जाएगी। किसानों को पहले ही बताया गया था कि जिनको फोनकर बुलाया जा रहा है, वही किसान नंबर के आधार पर क्रय केंद्र पर आएं।
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