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लाठी-डंडा लेकर पहाड़ों पर प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 16 Jul 2015 12:23 AM IST
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पहाड़ों पर अवैध खनन और ब्लास्टिंग को लेकर ग्रामीणों ने पहाड़ पर पहुंचकर हंगामा किया। इस दौरान लाठी-डंडा से लैस ग्रामीणों ने मशीनीकरण का विरोध करते हुए कंप्रेशर और पोकलैन को कब्जे में ले लिया। साथ ही प्लांटों के अवैध संचालन का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की। बुधवार की शाम लगभग सात बजे तक ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन चलता रहा लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि ब्लास्टिंग बंद नहीं हुई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
बताते चलें कि अहरौरा इलाके में ब्लास्टिंग और अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। मजदूरों का हक मारकर पहाड़ों पर मशीनीकरण से अवैध खनन कार्य कराया जा रहा है। इतना ही नहीं क्रशर प्लांटों से बड़े पैमाने पर पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। यह आरोप लगाते हुए धुरिया, जिगना, मदाचक, बदिहिया, ढकही के सैकड़ों ग्रामीण बुधवार की शाम उग्र हो गए।
इलाके के पहाड़ों पर पहुंच कर खनन कार्य बंद करा दिया। मौके पर मौजूद कंप्रेशर, पोकलैन, हाइवा जेसीबी को कब्जे में ले लिया। लाठी डंडे से लैस ग्रामीणों ने उग्र होकर खान अधिकारी जेपी द्विवेदी समेत प्रशासन के उच्चाधिकारी को जानकारी दी। परंतु अंधेरा होने तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने क्रशर प्लांट संचालकों और खननकर्ताओं को चेतावनी दी कि ब्लास्टिंग और मशीनीकरण बंद कर दें अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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ग्रामीणों का नेतृत्व पारस यादव कर रहे थे। जिन्होंने खनिज विभाग से जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई आठ सूत्री जानकारी न देने पर नाराजगी जताते हुए उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में राजेश यादव, पन्नालाल राजभर, दुबार, दिलीप यादव, सुनील पटेल, रमेश यादव, मुन्ना राजभर, प्रदीप शर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।
कुछ लोग ग्रामीणों को बरगलाकर क्रशर प्लांटों से धन उगाही करना चाहते हैं। ऐसी शिकायतें खनन पटटाधारकों से मिली है। मामले की जांच की जा रही है। शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।
- जेपी द्विवेदी, खान अधिकारी
खनन पट्टाधारकों के पहाड़ों पर चढ़कर उपद्रव करने वालों के विरुद्ध तहरीर मिलने पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। कानून के साथ खिलवाड़ करने की किसी को अनुमति नहीं है।
- रमेश यादव, प्रभारी निरीक्षक, अहरौरा
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बताते चलें कि अहरौरा इलाके में ब्लास्टिंग और अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। मजदूरों का हक मारकर पहाड़ों पर मशीनीकरण से अवैध खनन कार्य कराया जा रहा है। इतना ही नहीं क्रशर प्लांटों से बड़े पैमाने पर पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। यह आरोप लगाते हुए धुरिया, जिगना, मदाचक, बदिहिया, ढकही के सैकड़ों ग्रामीण बुधवार की शाम उग्र हो गए।
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इलाके के पहाड़ों पर पहुंच कर खनन कार्य बंद करा दिया। मौके पर मौजूद कंप्रेशर, पोकलैन, हाइवा जेसीबी को कब्जे में ले लिया। लाठी डंडे से लैस ग्रामीणों ने उग्र होकर खान अधिकारी जेपी द्विवेदी समेत प्रशासन के उच्चाधिकारी को जानकारी दी। परंतु अंधेरा होने तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने क्रशर प्लांट संचालकों और खननकर्ताओं को चेतावनी दी कि ब्लास्टिंग और मशीनीकरण बंद कर दें अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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ग्रामीणों का नेतृत्व पारस यादव कर रहे थे। जिन्होंने खनिज विभाग से जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई आठ सूत्री जानकारी न देने पर नाराजगी जताते हुए उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में राजेश यादव, पन्नालाल राजभर, दुबार, दिलीप यादव, सुनील पटेल, रमेश यादव, मुन्ना राजभर, प्रदीप शर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।
कुछ लोग ग्रामीणों को बरगलाकर क्रशर प्लांटों से धन उगाही करना चाहते हैं। ऐसी शिकायतें खनन पटटाधारकों से मिली है। मामले की जांच की जा रही है। शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।
- जेपी द्विवेदी, खान अधिकारी
खनन पट्टाधारकों के पहाड़ों पर चढ़कर उपद्रव करने वालों के विरुद्ध तहरीर मिलने पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। कानून के साथ खिलवाड़ करने की किसी को अनुमति नहीं है।
- रमेश यादव, प्रभारी निरीक्षक, अहरौरा