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तिहरे हत्याकांड में इनामियां मुख्य आरोपी गिरफ्तार
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मिर्जापुर। चुनार कोतवाली क्षेत्र के नन्दूपुर गांव के पास तीन व्यक्तियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को फेंक दिए जाने के मामले में मुख्य आरोपी और इनामी आरोपी को पुलिस ने बिठोरी पुलिया बिहार से गिरफ्तार किया। मामले में पहले ही पुलिस छह आरोपितों को गिरफ्तार कर चालान कर चुकी है।
14 मार्च को रात को वाराणसी-चुनार मार्ग पर में गोली मारकर हत्या के बाद तीन शवों को नन्दूपुर में सड़क के किनारे फेंका दिया गया था। तीनों की शिनाख्त बिहार के रोहतास जिला अंतर्गत थाना काराकाट के गोडारी गांव निवासी के रूप में हुई। मरने वालों में युवक राजकुमार के पिता घुघली सिंह ने तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू की। 24 मार्च को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चालान किया। इसके बाद दो आरोपियों को और पकड़ा। मुख्य आरोपी नहीं पकड़ा गया था। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी उमेश सिंह पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस आरोपी की तलाश में थी। सोमवार को चुनार पुलिस ने आरोपी उमेश सिंह उर्फ मुखिया पुत्र विजयनारायण सिंह निवासी देल्हुवा थाना कोचस जनपद रोहतास बिहार को बिहार के बिठोरी पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। उसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद किया।
इस तरह तिहरे हत्याकांड को दिया गया अंजाम
चुनार। तिहरे हत्या कांड में उमेश सिंह उर्फ मुखिया मुख्य आरोपी है। इसी ने हत्या करने की साजिश रची गई थी। उसने दावत का आमंत्रण देकर पिंटू सिंह को बुलाया था। दावत में पिंटू सिंह के साथ उसके स्कार्पियो का चालक राजकुमार सिंह और साथी ओम कुमार भी पहुंचे। तीनों ने जमकर शराब पी। इसके बाद पिंटू सिंह ने उमेश सिंह उर्फ मुखिया से 30 हजार रुपये की मांग की। तब उसने कहा कि पैसा मेरे घर पर चल कर ले लो। पिंटू स्वयं न जाकर अपने चालक राजकुमार और साथी ओम कुमार को भेजा। उनके साथ वाहन में विकास राय व अफजल भी बैठे। राजकुमार स्कार्पियो चला रहा था। विकास राय व ओम कुमार बीच वाली सीट पर बैठे थे। अफजल पीछे वाली सीट पर बैठा था। स्कॉर्पियो जैसे ही सेलाश रोड बडे तालाब पर ब्रेकर पर रुकी तो अफजल ने अपने तमंचे से ओम कुमार को गोली मार दी। विकास राय ने राजकुमार को गोली मारी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनो के शव को एकौनी रोड के किनारे पटरी के छिपा दिया। फिर वहां से सभी वापस भुवनेश्वरी ढाबा पहुंचे। जहां पर दावत थी। वहां पर पिंटू नशे में धुत थ। जिसे उमेश सिंह ने गोली मार दी। पिंटू के शव के साथ ही अन्य दोनों के शव वाहन में रखा। विकास राय जो अखरी बाईपास वाराणसी में रहता है के प्लान के मुताबिक तीनों के शव को मिर्जापुर में लाकर ठिकाने लगाया।
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14 मार्च को रात को वाराणसी-चुनार मार्ग पर में गोली मारकर हत्या के बाद तीन शवों को नन्दूपुर में सड़क के किनारे फेंका दिया गया था। तीनों की शिनाख्त बिहार के रोहतास जिला अंतर्गत थाना काराकाट के गोडारी गांव निवासी के रूप में हुई। मरने वालों में युवक राजकुमार के पिता घुघली सिंह ने तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू की। 24 मार्च को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चालान किया। इसके बाद दो आरोपियों को और पकड़ा। मुख्य आरोपी नहीं पकड़ा गया था। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी उमेश सिंह पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस आरोपी की तलाश में थी। सोमवार को चुनार पुलिस ने आरोपी उमेश सिंह उर्फ मुखिया पुत्र विजयनारायण सिंह निवासी देल्हुवा थाना कोचस जनपद रोहतास बिहार को बिहार के बिठोरी पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। उसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद किया।
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इस तरह तिहरे हत्याकांड को दिया गया अंजाम
चुनार। तिहरे हत्या कांड में उमेश सिंह उर्फ मुखिया मुख्य आरोपी है। इसी ने हत्या करने की साजिश रची गई थी। उसने दावत का आमंत्रण देकर पिंटू सिंह को बुलाया था। दावत में पिंटू सिंह के साथ उसके स्कार्पियो का चालक राजकुमार सिंह और साथी ओम कुमार भी पहुंचे। तीनों ने जमकर शराब पी। इसके बाद पिंटू सिंह ने उमेश सिंह उर्फ मुखिया से 30 हजार रुपये की मांग की। तब उसने कहा कि पैसा मेरे घर पर चल कर ले लो। पिंटू स्वयं न जाकर अपने चालक राजकुमार और साथी ओम कुमार को भेजा। उनके साथ वाहन में विकास राय व अफजल भी बैठे। राजकुमार स्कार्पियो चला रहा था। विकास राय व ओम कुमार बीच वाली सीट पर बैठे थे। अफजल पीछे वाली सीट पर बैठा था। स्कॉर्पियो जैसे ही सेलाश रोड बडे तालाब पर ब्रेकर पर रुकी तो अफजल ने अपने तमंचे से ओम कुमार को गोली मार दी। विकास राय ने राजकुमार को गोली मारी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनो के शव को एकौनी रोड के किनारे पटरी के छिपा दिया। फिर वहां से सभी वापस भुवनेश्वरी ढाबा पहुंचे। जहां पर दावत थी। वहां पर पिंटू नशे में धुत थ। जिसे उमेश सिंह ने गोली मार दी। पिंटू के शव के साथ ही अन्य दोनों के शव वाहन में रखा। विकास राय जो अखरी बाईपास वाराणसी में रहता है के प्लान के मुताबिक तीनों के शव को मिर्जापुर में लाकर ठिकाने लगाया।
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