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Mirzapur News: बच्चों को सड़े गेहूं की रोटियां खिलाने की थी तैयारी, प्रधानाध्यापिका निलंबित
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राजगढ़। कंपोजिट विद्यालय राजगढ़ प्रथम में बच्चों को सड़े गेहूं की रोटियां खिलाने की तैयारी थी। ग्राम प्रधान और शिक्षा समिति के अध्यक्ष की शिकायत पर नोडल अधिकारी ने जांच की तो मामला सही पाया गया। जांच रिपोर्ट और खंड शिक्षा अधिकारी की संस्तुति के आधार पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया है। उन्होंने प्रधानाध्यापिका के वित्तीय वित्तीय अधिकार सीज कर दूसरे अध्यापक को प्रभार सौंपने का निर्देश दिया है।
ग्राम प्रधान आशीष जायसवाल और शिक्षा समिति के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने मिड डे मील के लिए सड़े हुए गेहूं को धोकर सुखाने की शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी से की थी। इसके पहले उन्होंने विद्यालय की रंगाई-पुताई नहीं कराई गई लेकिन मेंटेनेंस के लिए प्राप्त धन प्रधानाध्यापिका ने निकाल लिया। बर्तन बच्चों के लिए खरीदने के नाम पर भी अनियमितता की थी।
इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने नोडल अधिकारी बटेश्वर सिंह को मामले की जांच सौंपी थी। नोडल अधिकारी ने बताया कि ग्राम प्रधान और शिक्षा समिति के अध्यक्ष की शिकायत जांच में सही पाई गई। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रधानाध्यापिका मनोरमा सिंह के खिलाफ एमडीएम में गड़बड़ी करने, बच्चों को खिलाने के लिए सड़े हुए गेहूं को धोकर सुखाने की शिकायतें मिली थीं। जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं। इसलिए प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र भेजा गया है।
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वहीं, बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की जांच में शिकायत सही मिलने पर प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर उनका वित्तीय अधिकार सीज कर दिया गया है। उधर, इस संबंध में प्रधानाध्यापिका मनोरमा सिंह का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। खराब गेहूं रसोइयों को दे दिया गया था।
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ग्राम प्रधान आशीष जायसवाल और शिक्षा समिति के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने मिड डे मील के लिए सड़े हुए गेहूं को धोकर सुखाने की शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी से की थी। इसके पहले उन्होंने विद्यालय की रंगाई-पुताई नहीं कराई गई लेकिन मेंटेनेंस के लिए प्राप्त धन प्रधानाध्यापिका ने निकाल लिया। बर्तन बच्चों के लिए खरीदने के नाम पर भी अनियमितता की थी।
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इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने नोडल अधिकारी बटेश्वर सिंह को मामले की जांच सौंपी थी। नोडल अधिकारी ने बताया कि ग्राम प्रधान और शिक्षा समिति के अध्यक्ष की शिकायत जांच में सही पाई गई। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि प्रधानाध्यापिका मनोरमा सिंह के खिलाफ एमडीएम में गड़बड़ी करने, बच्चों को खिलाने के लिए सड़े हुए गेहूं को धोकर सुखाने की शिकायतें मिली थीं। जांच में शिकायतें सही पाई गई हैं। इसलिए प्रधानाध्यापिका के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र भेजा गया है।
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वहीं, बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की जांच में शिकायत सही मिलने पर प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर उनका वित्तीय अधिकार सीज कर दिया गया है। उधर, इस संबंध में प्रधानाध्यापिका मनोरमा सिंह का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। खराब गेहूं रसोइयों को दे दिया गया था।