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समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Fri, 27 Feb 2015 12:46 AM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में गुरुवार को दस सूत्री मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर कर्मचारी नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को दस सूत्री मांग-पत्र प्रेषित किया। कार्यक्रम के दौरान राज्य कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण कराने की मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि राज्य कर्मचारियाें को केंद्रीय कर्मचारियाें की भांति भत्ताें की समानता प्रदान की जाए तथा नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।
मुख्यमंत्री को प्रेषित किए गए मांगपत्र के माध्यम से मांग किया गया कि राज्य कर्मचारियाें को 8,16,24 वर्षों की कुल सेवा के आधार पर तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन दिया जाए, एसीपी के निर्धारण में धारित पद की बाध्यता समाप्त करते हुए कुल सेवा के आधार पर वेतन का निर्धारण किया जाए तथा प्रत्येक संवर्ग के लिए उसके मूल पद की ग्रेड वेतन का अगला ग्रेड वेतन इग्नोर किया जाए।
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मांग किया गया कि उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए परिवीक्षा अवधि पूर्णत: समाप्त की जाए, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां की जाए तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें के पदाें को मृत संवर्ग से हटा कर पुर्नजीवित किया जाए।
मांग किया गया कि सभी निगमाें को सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो/शासन से मुक्त कर शासनादेश सीधे जारी किए जाए। नियम 56 में किए गए संशोधन के दृष्टिगत बिना किसी भेदभाव के सभी कर्मचारियाें की अधिवर्षता आयु 62 वर्ष की जाए।
सभा की अध्यक्षता संयोजक शिवलाल अवस्थी ने तथा संचालन विनोद कुमार तिवारी ने किया।
वक्ताओं में लल्लू तिवारी, राजपाल मंत्री कोषागार, कमलेश्वर दूबे, वासुदेव पाठक, मोहन यादव, ओमप्रकाश, त्रयंबक उपाध्याय, पवन तिवारी, विनय श्रीवास्तव, प्रमोद, राकेश त्रिपाठी, उमा शुक्ला, लालवचन पांडेय, सूर्यनारायण, सुरेंद प्रसाद त्रिपाठी, संजय पांडेय एवं प्रांतीय पर्यवेक्षक अविनाश चंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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इस अवसर पर कर्मचारी नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को दस सूत्री मांग-पत्र प्रेषित किया। कार्यक्रम के दौरान राज्य कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण कराने की मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि राज्य कर्मचारियाें को केंद्रीय कर्मचारियाें की भांति भत्ताें की समानता प्रदान की जाए तथा नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।
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मुख्यमंत्री को प्रेषित किए गए मांगपत्र के माध्यम से मांग किया गया कि राज्य कर्मचारियाें को 8,16,24 वर्षों की कुल सेवा के आधार पर तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन दिया जाए, एसीपी के निर्धारण में धारित पद की बाध्यता समाप्त करते हुए कुल सेवा के आधार पर वेतन का निर्धारण किया जाए तथा प्रत्येक संवर्ग के लिए उसके मूल पद की ग्रेड वेतन का अगला ग्रेड वेतन इग्नोर किया जाए।
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मांग किया गया कि उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए परिवीक्षा अवधि पूर्णत: समाप्त की जाए, रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां की जाए तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियाें के पदाें को मृत संवर्ग से हटा कर पुर्नजीवित किया जाए।
मांग किया गया कि सभी निगमाें को सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो/शासन से मुक्त कर शासनादेश सीधे जारी किए जाए। नियम 56 में किए गए संशोधन के दृष्टिगत बिना किसी भेदभाव के सभी कर्मचारियाें की अधिवर्षता आयु 62 वर्ष की जाए।
सभा की अध्यक्षता संयोजक शिवलाल अवस्थी ने तथा संचालन विनोद कुमार तिवारी ने किया।
वक्ताओं में लल्लू तिवारी, राजपाल मंत्री कोषागार, कमलेश्वर दूबे, वासुदेव पाठक, मोहन यादव, ओमप्रकाश, त्रयंबक उपाध्याय, पवन तिवारी, विनय श्रीवास्तव, प्रमोद, राकेश त्रिपाठी, उमा शुक्ला, लालवचन पांडेय, सूर्यनारायण, सुरेंद प्रसाद त्रिपाठी, संजय पांडेय एवं प्रांतीय पर्यवेक्षक अविनाश चंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।