{"_id":"68b0b17485f759b0c30f2794","slug":"outpost-in-charge-beltar-suspended-for-removing-section-in-investigation-constable-sent-to-jail-mirzapur-news-c-192-1-svns1035-139104-2025-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: विवेचना में धारा हटाने पर चौकी प्रभारी बेलतर निलंबित, सिपाही भेजा गया जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: विवेचना में धारा हटाने पर चौकी प्रभारी बेलतर निलंबित, सिपाही भेजा गया जेल
विज्ञापन
मिर्जापुर। पत्नी ने सिपाही पति पर अप्राकृति दुष्कर्म, गर्भपात व मारपीट में दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रहे बेलतर चौकी प्रभारी दिलीप गुप्ता ने विवेचना में महत्वपूर्ण धारा को हटाकर केस हल्का करने के मामले में एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। अब मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच के अपराध शाखा निरीक्षक श्रीकांत पांडेय करेंगे। आरोपी सिपाही को 23 अगस्त को जेल भेज दिया गया था।
जौनपुर निवासी सिपाही कटरा कोतवाली में तैनात था। पत्नी ने पति पर अप्राकृतिक दुष्कर्म, गर्भपात, मारपीट और दहेज उत्पीड़न आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
मामला दर्ज होने के बाद सिपाही लाइन हाजिर हुआ था। मुकदमे की विवेचना कटरा कोतवाली क्षेत्र के बेलतर चौकी प्रभारी दिलीप गुप्ता कर रहे थे। विवेचना के दौरान अप्राकृतिक दुष्कर्म और गर्भपात कराने की धारा को दिलीप गुप्ता ने हटा दिया।
विज्ञापन
इससे केस हल्का हो गया। जानकारी होने पर सिपाही की पत्नी ने इसकी शिकायत डीजीपी से की। डीजीपी ने मामला संज्ञान में आने पर एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया को मामले की जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
एडीजी जोन वाराणसी ने एसएसपी सोमेन बर्मा को मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा। मामला पुलिस विभाग का होने के कारण दबा रहा।
विज्ञापन
जौनपुर निवासी सिपाही कटरा कोतवाली में तैनात था। पत्नी ने पति पर अप्राकृतिक दुष्कर्म, गर्भपात, मारपीट और दहेज उत्पीड़न आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
मामला दर्ज होने के बाद सिपाही लाइन हाजिर हुआ था। मुकदमे की विवेचना कटरा कोतवाली क्षेत्र के बेलतर चौकी प्रभारी दिलीप गुप्ता कर रहे थे। विवेचना के दौरान अप्राकृतिक दुष्कर्म और गर्भपात कराने की धारा को दिलीप गुप्ता ने हटा दिया।
विज्ञापन
इससे केस हल्का हो गया। जानकारी होने पर सिपाही की पत्नी ने इसकी शिकायत डीजीपी से की। डीजीपी ने मामला संज्ञान में आने पर एडीजी जोन वाराणसी पीयूष मोर्डिया को मामले की जांच कराकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
एडीजी जोन वाराणसी ने एसएसपी सोमेन बर्मा को मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा। मामला पुलिस विभाग का होने के कारण दबा रहा।