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Mirzapur News: रोडवेज की 74 में से 35 बसें ही चलीं, यात्री हुए परेशान
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मिर्जापुर। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में बनाए गए सड़क दुर्घटना कानून के खिलाफ वाहन चालकों का आंदोलन दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। हालांकि दूसरे दिन रोडवेज की बसों और अन्य सवारी वाहनों का संचालन हुआ, परंतु जगह-जगह विवाद भी हुआ। इसको देखते हुए चालक संघ और अधिकारियों की बैठक हुई। उधर, आंदोलन के दूसरे दिन आसपास के जिलों के लिए कुछ बसों का संचालन होने तथा शहर में ई-रिक्शा चलने से यात्रियों को थोड़ी राहत रही। आंदोलन के पहले दिन सोमवार को रोडवेज की एक भी बस नहीं चली थी।
दूसरे दिन मंगलवार को सुबह पांच बजे वाराणसी के लिए बस का संचालन शुरू हुआ। इसके बाद दोपहर तक वाराणसी के लिए आठ, प्रयागराज के लिए आठ सोनभद्र मार्ग पर छह बसों को संचालन हुआ। रोडवेज मिर्जापुर डिपो में 74 बसें है। इसमें से करीब 35 बसों को शाम तक संचालन हुआ। छह अन्य डिपो की बसें आईं, जो सवारी लेकर गईं। मंगलवार को बसों का संचालन तो शुरू हुआ, परंतु वाराणसी जाने वाली बसों को रास्ते में ऑटो और अन्य चालकों ने रोककर नहीं चलाने के लिए विवाद किया। इस कारण समस्या हुई। रोडवेज परिसर में पुलिस तैनात रही। बसों के संचालन से यात्रियों को राहत मिली। बसें देर से ही सही परंतु मिल जा रही थीं। उधर, नगर में ऑटो रिक्शा का संचालन कम हुआ और ई-रिक्शा का संचालन अधिक हुआ। इस कारण यात्रियों को समस्या नहीं हुई। जिले से खनिज और अन्य सामग्री लेकर जाने वाली ट्रकें नहीं चली। बाहर से आने वाले ट्रकों को जगह-जगह रोका गया।
उधर, सड़क दुर्घटना कानून का विरोध कर रहे चालकों ने मंगलवार को सुबह वाराणसी शक्तिनगर राजमार्ग पर चुनार मोड़ स्थित मेहंदीपुर चौराहा तथा पट्टी खुर्द फ्लाई ओवर के पास सड़कों पर खड़े होकर वाहनों को रोक लिया। चालकों को माला पहनाकर आंदोलन में शामिल न होने पर आत्म ग्लानि का बोध कराया। अदलहाट थाना क्षेत्र के वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर स्थित कौड़िया कला गांव के सामने ट्रक चालकों ने मंगलवार को सुबह 11 बजे से आड़े-तिरछे वाहन खड़ी कर जाम लगा दिया। उधर, अहरौरा में मेहंदीपुर चौराहा पर बसों में सवारी और ट्रक में सामान लेकर जा रहे चालकों के वाहनों को रोक लिया गया। आंदोलन में शामिल न होने पर माला पहनाकर आत्म ग्लानी का बोध कराया गया। वाहन चालकों ने बीच सड़क पर ही अपना वाहन रोक दिया। इससे जाम की स्थिति बन गई। वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग की सड़कों पर यह स्थिति कई घंटे तक रही। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझा कर जाम हटवाया। इसके बाद यातायात पुन: शुरू हो सका है। सोनभद्र-जमुई-वाराणसी और चकिया रोड पर ट्रकों और बसों के पहिए थम गए। मंगलवार को इन मार्गों तथा हाईवे से कोई भी ट्रक, बस कहीं के लिए रवाना नहीं हुई। चालक दिनेश, संतोष, मुन्नी लाल, कलामू ने कहा कि नई सड़क दुर्घटना कानून को किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिया जाएगा। प्रभारी थानाध्यक्ष दिलीप गुप्ता ने चालकों को समझाकर हाईवे से हटाया। अदलहाट थाना क्षेत्र के वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर स्थित कौड़िया कला गांव के सामने ट्रक चालकों ने जाम लगा दिया। थाना प्रभारी अदलहाट रवीन्द्र भूषण मौर्य ने काफी प्रयास कर एंबुलेंस और मरीजों की अन्य गाड़ियों तथा छोटी गाड़ियों सहित दो पहिया वाहनों को निकल जाने की व्यवस्था कराई। बाद में उप जिलाधिकारी चुनार चंद्र भानु सिंह के आने पर दोपहर करीब सवा दो बजे चालकों द्वारा मांग पत्र सौंपे जाने के बाद जाम समाप्त हुआ। इसके बाद आवागमन चालू हो गया।
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दूसरे दिन मंगलवार को सुबह पांच बजे वाराणसी के लिए बस का संचालन शुरू हुआ। इसके बाद दोपहर तक वाराणसी के लिए आठ, प्रयागराज के लिए आठ सोनभद्र मार्ग पर छह बसों को संचालन हुआ। रोडवेज मिर्जापुर डिपो में 74 बसें है। इसमें से करीब 35 बसों को शाम तक संचालन हुआ। छह अन्य डिपो की बसें आईं, जो सवारी लेकर गईं। मंगलवार को बसों का संचालन तो शुरू हुआ, परंतु वाराणसी जाने वाली बसों को रास्ते में ऑटो और अन्य चालकों ने रोककर नहीं चलाने के लिए विवाद किया। इस कारण समस्या हुई। रोडवेज परिसर में पुलिस तैनात रही। बसों के संचालन से यात्रियों को राहत मिली। बसें देर से ही सही परंतु मिल जा रही थीं। उधर, नगर में ऑटो रिक्शा का संचालन कम हुआ और ई-रिक्शा का संचालन अधिक हुआ। इस कारण यात्रियों को समस्या नहीं हुई। जिले से खनिज और अन्य सामग्री लेकर जाने वाली ट्रकें नहीं चली। बाहर से आने वाले ट्रकों को जगह-जगह रोका गया।
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उधर, सड़क दुर्घटना कानून का विरोध कर रहे चालकों ने मंगलवार को सुबह वाराणसी शक्तिनगर राजमार्ग पर चुनार मोड़ स्थित मेहंदीपुर चौराहा तथा पट्टी खुर्द फ्लाई ओवर के पास सड़कों पर खड़े होकर वाहनों को रोक लिया। चालकों को माला पहनाकर आंदोलन में शामिल न होने पर आत्म ग्लानि का बोध कराया। अदलहाट थाना क्षेत्र के वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर स्थित कौड़िया कला गांव के सामने ट्रक चालकों ने मंगलवार को सुबह 11 बजे से आड़े-तिरछे वाहन खड़ी कर जाम लगा दिया। उधर, अहरौरा में मेहंदीपुर चौराहा पर बसों में सवारी और ट्रक में सामान लेकर जा रहे चालकों के वाहनों को रोक लिया गया। आंदोलन में शामिल न होने पर माला पहनाकर आत्म ग्लानी का बोध कराया गया। वाहन चालकों ने बीच सड़क पर ही अपना वाहन रोक दिया। इससे जाम की स्थिति बन गई। वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग की सड़कों पर यह स्थिति कई घंटे तक रही। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह समझा कर जाम हटवाया। इसके बाद यातायात पुन: शुरू हो सका है। सोनभद्र-जमुई-वाराणसी और चकिया रोड पर ट्रकों और बसों के पहिए थम गए। मंगलवार को इन मार्गों तथा हाईवे से कोई भी ट्रक, बस कहीं के लिए रवाना नहीं हुई। चालक दिनेश, संतोष, मुन्नी लाल, कलामू ने कहा कि नई सड़क दुर्घटना कानून को किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिया जाएगा। प्रभारी थानाध्यक्ष दिलीप गुप्ता ने चालकों को समझाकर हाईवे से हटाया। अदलहाट थाना क्षेत्र के वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर स्थित कौड़िया कला गांव के सामने ट्रक चालकों ने जाम लगा दिया। थाना प्रभारी अदलहाट रवीन्द्र भूषण मौर्य ने काफी प्रयास कर एंबुलेंस और मरीजों की अन्य गाड़ियों तथा छोटी गाड़ियों सहित दो पहिया वाहनों को निकल जाने की व्यवस्था कराई। बाद में उप जिलाधिकारी चुनार चंद्र भानु सिंह के आने पर दोपहर करीब सवा दो बजे चालकों द्वारा मांग पत्र सौंपे जाने के बाद जाम समाप्त हुआ। इसके बाद आवागमन चालू हो गया।
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