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Mirzapur News: प्लांट का एक हिस्सा सील तो दूसरे में चल रहा था काम

Sun, 06 Sep 2026 01:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:33 AM IST
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One part of the plant was sealed, while work was underway in the other.
अहरौरा के भगौती देई में क्रशर प्लांट पर हादसे के बाद लगी भीड़। । स्रोत- संवाद
मिर्जापुर। भगौती देई के जिस क्रशर प्लांट पर हादसा हुआ है, वहां एक ही फर्म के दो भाग में प्लांट है। नीलम सिंह के नाम से क्रशर प्लांट का लाइसेंस है। प्रदूषण संबंधी मानक न पूरा करने के कारण एक हिस्से को करीब डेढ़ साल पहले सील किया गया था। दूसरे हिस्से में काम चल रहा था। एएसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि वहां पर दो भाग में क्रशर प्लांट है। एक भाग बंद पड़ा है। दूसरे भाग में काम चल रहा था। प्लांट के मजदूर ब्लास्टिंग के समय कमरे में बैठे थे, तभी हादसा हो गया।
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मिट्टी के टीले पर बनी थी दीवार, मिट्टी खिसकने से छत ढही
एएसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि माइंस से 20 मीटर की दूरी पर क्रशर प्लांट है। माइंस में एक से दो के बीच ब्लास्टिंग होती है। ब्लास्टिंग के समय बंद पड़े क्रशर प्लांट के कमरे में चार मजदूर बैठे थे। कमरा ढलान की ओर किनारे है। इस दौरान ब्लास्टिंग होने पर पहले कमरे के नीचे से मिट्टी खिसकी और दीवार में दरार आ गई। फिर कमरे की दीवार गिर गई। चारों मजदूर मलबे में दब गए। दो की सांस चल रही थी। उनको निकालकर अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में दोनों की मौत हो गई।
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ब्लास्टिंग और भवन की होगी जांच
मिर्जापुर। एएसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। राजस्व, पुलिस और खनन विभाग की टीम जांच करेगी। इसमें ब्लास्टिंग और निर्माण आदि की जांच की जाएगी।
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प्रदूषण का मानक पूरा न करने पर बंद हुई था प्लांट

मिर्जापुर। खनन अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि नीलम सिंह के नाम से क्रशर प्लांट का लाइसेंस है। दो भाग में संचालित हो रहा है। वहां पर दो मशीनें लगी थीं। एक भाग में मानक पूरा न होने पर प्रदूषण विभाग ने उसे बंद करने का निर्देश था। काफी समय से प्लांट बंद चल रहा था। बंद प्लांट की मशीन हटाने का काम चल रहा था। बंद प्लांट का कार्यालय ढलान की ओर मिट्टी पर बना था। बारिश के चलते नीचे मिट्टी बह रही थी। दोपहर में ब्लास्टिंग के समय भूस्खलन के चलते कमरा गिर गया और मजदूर दब गए।

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मलबा हटाकर देखा गया कोई और तो नहीं धंसा

सूचना पाकर मौके पर पहुंचे स्थानीय पुलिस के साथ ही एसडीएम चुनार अनेग सिंह और क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन मोहम्मद फहीम ने दोबारा पोकलेन मशीन से पूरा मलबा हटवा कर देखा कि कहीं कोई और तो मलबे में नहीं दबा है। लेकिन कुछ नहीं मिला।


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पूर्व में भी खनन क्षेत्रों में हो चुकी है घटनाएं

अहरौरा। खनन कार्यों में मानकों की अनदेखी कर खनन कार्य किए जाने के कारण पूर्व में भी खनन क्षेत्रों में कई मौत हो चुकी है। अक्सर घटनाएं ब्लास्टिंग के कारण होती हैं क्योंकि ब्लास्टिंग में मानकों को पूरा नहीं किया जाता है। इसके पूर्व सोनपुर चकजाता में स्थित एक खनन पट्टा स्थल पर पानी भरा होने के कारण उसमें डूबने तीन बच्चों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही पहाड़ों में दो सौ से लेकर तीन सौ फीट नीचे तक मानकों को दरकिनार कर खनन कार्य किया जाता हैं। जो दुर्घटनाओं का कारण बनता है। संवाद
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