UP: पति के बाद पत्नी ने तोड़ा दम...भोजन के बाद हुई थी उल्टी, परिजन बोले- नहीं कराएंगे पोस्टमार्टम; जानें मामला
Mirzapur News: मिर्जापुर में दंपती की माैत की सूचना मिलते ही माैके पर जिगना थाना क्षेत्र की पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों से जानकारी लेने के बाद शव का सिर्फ पंचनामा किया गया।
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UP News: जिगना थाना क्षेत्र के नेगुराबान सिंह गांव के मुस्लिम बस्ती में बीती बीमार दंपती को पहले उल्टी हुई, इसके बाद पहले पति की उसके बाद पत्नी की मौत हो गई। वृद्ध दंपती को उल्टी आने के बाद परिजन अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की।
अस्पताल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा तो परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। बेटे और रिश्तेदारों की ओर से लिखित प्रार्थना पत्र देने के बाद पुलिस ने परिजनों को शव दफनाने की इजाजत दी।
जिगना के नेगुराबान सिंह गांव के मुस्लिम बस्ती निवासी शकूर अहमद (75) और उनकी पत्नी आविदा बेगम (70) मंगलवार की देर रात खाना खाने के बाद कमरे में सोने चले गए। कुछ देर पति-पत्नी को उल्टी शुरू हो गई।
बेटा गुलबहार माता-पिता को उपचार के लिए विंध्याचल स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के कर्मचारियों ने पुलिस को दंपती के मौत की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। थानाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि परिवार के लोग पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। परिवार के लोगों से लिखित प्रार्थना पत्र लेकर शव दफनाने की इजाजत दी गई है।
तीन साल से मां की तबीयत थी खराब
बेटे गुलबहार ने बताया कि माता आबिदा बेगम की तबीयत तीन साल से खराब थी। वह मानसिक रूप से बीमार थीं। उनका इलाज चल रहा था। पति-पत्नी की एक साथ मौत होने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मृत दंपती के तीन बेटे हैं। दो बेटे बंगलूरू में रहते हैं।
पुलिस ने परिजनों को सौंपा दंपती का शव
नेगुराबानसिंह के मुस्लिम बस्ती में बीती रात संदिग्ध परिस्थितियों में हुई दंपती की मौत के मामले में पुलिस ने परिजनों के अनुरोध पर शव को दफन के लिए सौंप दिया है। क्षेत्र के मुस्लिम बस्ती निवासी शकूर अहमद (75) व आविदाबेगम (70) पति पत्नी की मंगलवार की देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई परिजन रात में ही निजी चिकित्सालय में ले गए जहां मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने शव को दफन के लिए परिवार को सुपुर्द कर दिया और परिजनों ने शव का दफ्न कर दिया। मृतक को तीन बेटे हैं। एक परिवार सहित घर पर है तथा दो बेटे बंगलौर में रहते हैं। इस संबंध मे थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि परिवार के लोग पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, तो शव दफन करने के लिए सौंप दिया गया है।