शास्त्री अस्पताल: स्ट्रेचर पर मिलीं सीरिंज, चौकीदार कर रहे इलाज; रात में पहुंचे सीएमओ ने जारी की नोटिस
वाराणसी के शास्त्री अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान स्ट्रेचर पर सीरिंज मिलीं और चौकीदार इलाज करते नजर आए। रात में सीएमओ के पहुंचने पर महिला डॉक्टर ड्यूटी से गायब मिलीं। 100 बेड के अस्पताल में आधे से अधिक बेड खाली मिले। मामले में सीएमएस और डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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लाल बहादुर शास्त्री राजकीय अस्पताल (जिला अस्पताल), रामनगर में बृहस्पतिवार की रात पहुंचे सीएमओ को यहां खामियां ही खामियां नजर आईं। अस्पताल में स्ट्रेचर पर जहां ढेर सारी सीरिंज, दवाइयां फेंकी मिलीं, वहीं भर्ती मरीजों का इलाज चौकीदार, वार्ड ब्वाय कर रहे थे।
अस्पताल में जिस महिला डॉक्टर की ड्यूटी थी, वह गायब रही। इसके अलावा पैरामेडिकल स्टाफ भी केवल दो से तीन ही मौजूद था। लापरवाही से नाराज सीएमओ ने अस्पताल के सीएमएस और ड्यूटी से गायब महिला डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सीएमओ डॉ. एनपी सिंह रात करीब 9 से 9:30 बजे तक अस्पताल में रहे। पहले वह इमरजेंसी में पहुंचे तो वहां केवल एक ही डॉक्टर मौजूद मिला। उनके साथ कोई पैरामेडिकल स्टाफ नहीं था। आगे बढ़े और वार्ड की ओर देखा तो चौकीदार, वार्ड ब्वाय मरीजों को दवा देने और बोतल चढ़ाने का काम कर रहे थे। यही नहीं, चौकीदार भी मरीजों को चढ़ाने वाली बोतल लेकर घूम रहा था।
सीएमओ ने जब ऐसा क्यों करने की जानकारी पूछी तो वह कुछ बता नहीं सका। इसके बाद गर्भवती महिलाओं के भर्ती वाले वार्ड में पहुंचे तो पता चला कि यहां जिस डॉक्टर की ड्यूटी थी, वह अस्पताल में ही मौजूद नहीं थीं। यहां महिला चिकित्सक के ड्यूटी कक्ष में ताला बंद था। केवल दो स्टाफ नर्स ड्यूटी दे रही थीं।
उन्होंने डॉक्टर के गैरमौजूदगी की जानकारी मांगी तो कुछ सही पता नहीं चल सका। अस्पताल में गेट से लेकर अंदर इमरजेंसी, वार्ड सहित अन्य जगहों पर हर ओर गंदगी ही गंदगी दिख रही थी। मरीजों के भर्ती सहित अन्य जरूरी कागजातों का रख-रखाव भी सही नहीं था। जांच कक्ष में वहां भी रजिस्टर की जांच की।
ड्यूटी से गायब डॉ. शालिनी गुप्ता और अस्पताल के सीएमएस, लापरवाही बरतने वाले अन्य कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। 100 बेड वाले अस्पताल में बस 30-35 मरीज ही भर्ती थे। न तो दवाइयों का रख-रखाव सही है, न ही देखभाल की व्यवस्था। नोटिस के जवाब का इंतजार है। जिस तरह की लापरवाही बरती गई है, उस पर ठोस कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ