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अब जहां होगा चालान वहीं होगा जुर्माने का डिजिटल भुगतान
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यातायात पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए नई पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत अब वाहनों के चालान की रकम के लिए पॉस (प्वाइंट आफ सेल) मशीन से मौके पर ही डिजिटल भुगतान की व्यवस्था की गई है। जिले की यातायात पुलिस को 25 पॉस मशीनें मिली हैं। यातायात पुलिस को पॉस मशीन संचालन की ट्रेनिंग दी जा रही है। जल्द ही पुलिस इसके जरिये चालान करती नजर आएगी।
पुलिस या यातायात पुलिस जब वाहनों का चालान करती है तो एक रसीद देती है। जिसके जरिये वाहन स्वामी यातायात कार्यालय में जाकर चालान जमा कर सकता है। कई लोग चालान जमा करना भूल जाते हैं। जिससे चालान की रसीद कोर्ट चली जाती है। फिर वहां मामले का निपटारा होता है। यातायात पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए नई पहल की गई है। इसके तहत पुलिस को पॉस मशीन से लैस किया जा रहा है। पॉस मशीन से लैस होने पर पुलिस जिस जगह चालान करेगी। उसी जगह पर अगर वाहन मालिक चाहेगा तो वह डिजिटल भुगतान कर सकेगा। पॉस मशीन, बैंक, शापिंग माल, पेट्रोल पंप बड़ी दुकानों पर ही देखने को मिलती है, पर अब पुलिस भी पॉस मशीन के साथ नजर आएगी। इससे चालान कटने के बाद बाद में जमा करने के झंझट से भी लोगों को मुक्ति मिलेगी। लोग चालान कटने पर पॉस मशीन से उसी स्थान पर ही भुगतान कर सकते है। उनको बाद में चालान जमा करने की समस्या नहीं रहेगी। उधर, ऑनलाइन चालान काफी समय से हो रहा है, पर इसके लिए पुलिस को मोबाइल में डाउनलोड ऐप का प्रयोग करना पड़ता है। ऐप के जरिये पुलिस वाहन की फोटो खींच कर यातायात नियमों के उल्लंघन में चालान करती है। पॉस मशीन से न केवल भुगतान की सुविधा रहेगी, बल्कि चालान करने की भी सुविधा है। इसमें एडवांस टेक्नोलॉजी दी गई है। मशीन में कैमरा लगा है और चालान करने वाला ऐप भी है। जिससे मशीन के जरिये ही फोटो खींचकर चालान किया जा सकता है और वाहन चालक एटीएम कार्ड स्वैप करके भुगतान कर सकता है। एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा का कहना है कि जिले को 25 पॉस मशीनें मिलीं हैं। एक-एक मशीन थानों पर दी जाएगी। बाकी यातायात पुलिस और सीओ को दी जाएगी। पॉस मशीन में चालान करने और भुगतान जमा करने की सुविधा है। उसमें लगे कैमरे से चालान किया जा सकता है और डेबिट कार्ड के जरिये भुगतान की भी सुविधा है। ट्रेनिंग दी जा रही है। जल्द ही पुलिस पॉस मशीन से चालान करते नजर आएगी।
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पुलिस या यातायात पुलिस जब वाहनों का चालान करती है तो एक रसीद देती है। जिसके जरिये वाहन स्वामी यातायात कार्यालय में जाकर चालान जमा कर सकता है। कई लोग चालान जमा करना भूल जाते हैं। जिससे चालान की रसीद कोर्ट चली जाती है। फिर वहां मामले का निपटारा होता है। यातायात पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए नई पहल की गई है। इसके तहत पुलिस को पॉस मशीन से लैस किया जा रहा है। पॉस मशीन से लैस होने पर पुलिस जिस जगह चालान करेगी। उसी जगह पर अगर वाहन मालिक चाहेगा तो वह डिजिटल भुगतान कर सकेगा। पॉस मशीन, बैंक, शापिंग माल, पेट्रोल पंप बड़ी दुकानों पर ही देखने को मिलती है, पर अब पुलिस भी पॉस मशीन के साथ नजर आएगी। इससे चालान कटने के बाद बाद में जमा करने के झंझट से भी लोगों को मुक्ति मिलेगी। लोग चालान कटने पर पॉस मशीन से उसी स्थान पर ही भुगतान कर सकते है। उनको बाद में चालान जमा करने की समस्या नहीं रहेगी। उधर, ऑनलाइन चालान काफी समय से हो रहा है, पर इसके लिए पुलिस को मोबाइल में डाउनलोड ऐप का प्रयोग करना पड़ता है। ऐप के जरिये पुलिस वाहन की फोटो खींच कर यातायात नियमों के उल्लंघन में चालान करती है। पॉस मशीन से न केवल भुगतान की सुविधा रहेगी, बल्कि चालान करने की भी सुविधा है। इसमें एडवांस टेक्नोलॉजी दी गई है। मशीन में कैमरा लगा है और चालान करने वाला ऐप भी है। जिससे मशीन के जरिये ही फोटो खींचकर चालान किया जा सकता है और वाहन चालक एटीएम कार्ड स्वैप करके भुगतान कर सकता है। एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा का कहना है कि जिले को 25 पॉस मशीनें मिलीं हैं। एक-एक मशीन थानों पर दी जाएगी। बाकी यातायात पुलिस और सीओ को दी जाएगी। पॉस मशीन में चालान करने और भुगतान जमा करने की सुविधा है। उसमें लगे कैमरे से चालान किया जा सकता है और डेबिट कार्ड के जरिये भुगतान की भी सुविधा है। ट्रेनिंग दी जा रही है। जल्द ही पुलिस पॉस मशीन से चालान करते नजर आएगी।
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