{"_id":"5e4c3b3b8ebc3ef2ca009063","slug":"murder-in-extra-marital-affairs-mirzapur-mirzapur-news-vns5115344176","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेम प्रपंच में सूरज की हत्या, दूसरा आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रेम प्रपंच में सूरज की हत्या, दूसरा आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। विंध्याचल कोतवाली क्षेत्र के एक के बाद एक दो मौतों में सूरज की सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। प्रेम प्रपंच में मुख्य आरोपी अनुज ने ही अपने साथी रत्नेश के साथ मिलकर सूरज की हत्या की थी। इसमें मुख्य आरोपी अनुज पहले ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुका है। दूसरे आरोपी रत्नेश को विंध्याचल पुलिस ने स्वाट टीम के साथ गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नीबी गहरवार के खेत में पड़ी सूरज की बाइक को विंध्याचल कोतवाल वेद प्रकाश राय ने बरामद किया। पुलिस लाइन के मनोरंजन कक्ष में मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने टीम को 10 हजार का के पुरस्कार की घोषणा की।
एसपी ने बताया कि सूरज, अनुज व रत्नेश विंध्याचल के कुरैठी स्थित एचपी तिवारी पब्लिक स्कूल में प्राइवेट अध्यापक थे। सूरज व अनुज की अच्छी दोस्ती थी। सूरज करीब एक वर्ष से अपने मौसा रामकुंमार शुक्ला के घर नौगांव मेें रह रहा था। अनुज एक लड़की से तीन वर्ष से संपर्क में था। दो माह से सूरज की भी बात उस लड़की से होने लगी। अनुज ने लड़की के मोबाइल में सूरज का नंबर देख लिया। उसने सूरज से बात करने से मना किया, पर सूरज ने बात बंद नहीं किया। इसे लेकर दोनों में कई बार कहासुनी हुई। एक सप्ताह पहले रत्नेश ने दोनों के बीच सुलह कराया। तय हुआ कि सूरज अब लड़की से बात नहीं करेगा। विवाद समाप्त हुआ पर सूरज लड़की से बात करना नहीं छोड़ा। इसके बाद 10 फरवरी को अनुज और रत्नेश ने सूरज को मारने की योजना बनाई। दोनों को पता था कि सूरज अपने मौसेरे भाई को ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन छोड़ने जाता है। रणनीती बनी की जब सूरज छोड़कर वापस आएगा तो पहले अनुज दवा लेने जाने के लिए सूरज की बाइक पर बैठेगा। उसके बाद आगे रत्नेश बैठ जाएगी। 11 फरवरी की रात ऐसा ही हुआ। बाइक छनवर खुटहवा कुंए के पास पहुंचने पर अनुज लघुशंका करने के लिए बाइक रोका। जब सूरज बाइक से उतरना चाहा तो दोनों ने उसका हाथ पीछे करके एक फंदे से बांध दिया। अनुज ने दो मिनट तक मफलर से सूरज का गला कसे रखा। मौत होने पर शव को पास के कुंए में डाल दिया। इसके बाद पैदल बाइक को दो किमी ले जाकर खेत में छिपा दिया।
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि सूरज, अनुज व रत्नेश विंध्याचल के कुरैठी स्थित एचपी तिवारी पब्लिक स्कूल में प्राइवेट अध्यापक थे। सूरज व अनुज की अच्छी दोस्ती थी। सूरज करीब एक वर्ष से अपने मौसा रामकुंमार शुक्ला के घर नौगांव मेें रह रहा था। अनुज एक लड़की से तीन वर्ष से संपर्क में था। दो माह से सूरज की भी बात उस लड़की से होने लगी। अनुज ने लड़की के मोबाइल में सूरज का नंबर देख लिया। उसने सूरज से बात करने से मना किया, पर सूरज ने बात बंद नहीं किया। इसे लेकर दोनों में कई बार कहासुनी हुई। एक सप्ताह पहले रत्नेश ने दोनों के बीच सुलह कराया। तय हुआ कि सूरज अब लड़की से बात नहीं करेगा। विवाद समाप्त हुआ पर सूरज लड़की से बात करना नहीं छोड़ा। इसके बाद 10 फरवरी को अनुज और रत्नेश ने सूरज को मारने की योजना बनाई। दोनों को पता था कि सूरज अपने मौसेरे भाई को ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन छोड़ने जाता है। रणनीती बनी की जब सूरज छोड़कर वापस आएगा तो पहले अनुज दवा लेने जाने के लिए सूरज की बाइक पर बैठेगा। उसके बाद आगे रत्नेश बैठ जाएगी। 11 फरवरी की रात ऐसा ही हुआ। बाइक छनवर खुटहवा कुंए के पास पहुंचने पर अनुज लघुशंका करने के लिए बाइक रोका। जब सूरज बाइक से उतरना चाहा तो दोनों ने उसका हाथ पीछे करके एक फंदे से बांध दिया। अनुज ने दो मिनट तक मफलर से सूरज का गला कसे रखा। मौत होने पर शव को पास के कुंए में डाल दिया। इसके बाद पैदल बाइक को दो किमी ले जाकर खेत में छिपा दिया।
विज्ञापन